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34 हजार से 16,600 फीट पर कैसे आया विमान: फ्लाईदुबई उड़ान में आखिर हुआ क्या? कैप्टन ओझा ने समझाई पूरी कहानी
Thu, 01 Oct 2026 10:51 PM IST
राकेश कुमार
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला ,नई दिल्ली।
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला ,नई दिल्ली।
Published by: राकेश कुमार
Updated Thu, 01 Oct 2026 10:51 PM IST
सार
कैप्टन सुजीत ओझा के मुताबिक, फ्लाईदुबई विमान 90 सेकंड में 34,000 फीट से 16,600 फीट की ऊंचाई पर आ गया था। उन्होंने बताया कि ओमान के प्रथम अधिकारी ने छोटी कुल्हाड़ी से कप्तान पर हमला किया, जिससे वह घायल हो गए। इसके बावजूद कप्तान ने ट्रांसपॉन्डर में आपातकालीन कोड 7700 दर्ज किया। ओझा ने कप्तान की प्रतिक्रिया को साहस और परिस्थितियों के प्रति सतर्कता से जोड़कर समझाया।
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कैप्टन सुजीत ओझा, टॉपफ्लायर पायलट ट्रेनिंग के संस्थापक
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
टॉपफ्लायर पायलट ट्रेनिंग के संस्थापक कैप्टन सुजीत ओझा ने सिम्युलेटर के जरिये फ्लाईदुबई विमान से जुड़ी घटना का घटनाक्रम समझाया। उन्होंने बताया कि विमान में हालात किस तरह बिगड़े और कप्तान को किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। उनके मुताबिक, विमान में गंभीर आपात स्थिति पैदा हो गई थी।
विमान इतनी तेजी से नीचे कैसे आया?
कैप्टन सुजीत ओझा के अनुसार, विमान करीब 34,000 फीट की ऊंचाई से महज 90 सेकंड में 16,600 फीट पर आ गया। इतनी तेजी से नीचे आने के दौरान विमान के कॉकपिट में मौजूद पायलटों और सवार यात्रियों को बहुत अधिक गुरुत्वीय बल का सामना करना पड़ा।
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प्रथम अधिकारी ने कप्तान पर हमला कैसे किया?
ओझा ने बताया कि ओमान के प्रथम अधिकारी ने विमान में आपातकालीन इस्तेमाल के लिए रखी छोटी कुल्हाड़ी से कप्तान पर हमला किया। इस हमले में कप्तान घायल हो गए और उनके शरीर से खून बहने लगा। इसके बावजूद उन्होंने विमान की आपात स्थिति का संकेत देने के लिए जरूरी कदम उठाया।
यह भी पढ़ें: फ्लाईदुबई मामले के बाद एयरपोर्ट सुरक्षा में बड़ा बदलाव: एयरपोर्ट पर लगेंगे फुल बॉडी स्कैनर, ऐसे होगी जांच
घायल होने के बाद कप्तान ने क्या किया?
कैप्टन ओझा ने बताया कि घायल होने और खून बहने के बावजूद कप्तान ने विमान के ट्रांसपॉन्डर में आपातकालीन संकेत कोड 7700 दर्ज किया। इस कोड का इस्तेमाल विमान की गंभीर आपात स्थिति की सूचना देने के लिए किया जाता है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इसके बाद हुई कार्रवाई का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया गया है।
ऐसी स्थिति से निपटने के लिए पायलटों को मिलता है प्रशिक्षण?
ओझा ने बताया कि ऐसी स्थिति के लिए कोई विशिष्ट प्रशिक्षण नहीं होता, जिसमें विमान का प्रथम अधिकारी ही उसे अपने नियंत्रण में लेने की कोशिश करे। उनके मुताबिक, कप्तान ने अपने साहस, सहज निर्णय लेने की क्षमता और परिस्थितियों को समझने की सूझबूझ से इस चुनौती का सामना किया। उन्होंने सिम्युलेटर के जरिये घटना को विस्तार से समझाया।
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विमान इतनी तेजी से नीचे कैसे आया?
कैप्टन सुजीत ओझा के अनुसार, विमान करीब 34,000 फीट की ऊंचाई से महज 90 सेकंड में 16,600 फीट पर आ गया। इतनी तेजी से नीचे आने के दौरान विमान के कॉकपिट में मौजूद पायलटों और सवार यात्रियों को बहुत अधिक गुरुत्वीय बल का सामना करना पड़ा।
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#WATCH | Delhi | Topflyer Pilot Training Founder Captain Sujit Ojha says, “The Flydubai incident occurred at an altitude from which the aircraft descended at a very high speed… The aircraft descended from 34,000 feet to 16,600 feet in just 90 seconds, an extremely rapid rate of… https://t.co/ejBUjBAI9u pic.twitter.com/svmB7QkFGa
— ANI (@ANI) October 1, 2026
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प्रथम अधिकारी ने कप्तान पर हमला कैसे किया?
ओझा ने बताया कि ओमान के प्रथम अधिकारी ने विमान में आपातकालीन इस्तेमाल के लिए रखी छोटी कुल्हाड़ी से कप्तान पर हमला किया। इस हमले में कप्तान घायल हो गए और उनके शरीर से खून बहने लगा। इसके बावजूद उन्होंने विमान की आपात स्थिति का संकेत देने के लिए जरूरी कदम उठाया।
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घायल होने के बाद कप्तान ने क्या किया?
कैप्टन ओझा ने बताया कि घायल होने और खून बहने के बावजूद कप्तान ने विमान के ट्रांसपॉन्डर में आपातकालीन संकेत कोड 7700 दर्ज किया। इस कोड का इस्तेमाल विमान की गंभीर आपात स्थिति की सूचना देने के लिए किया जाता है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इसके बाद हुई कार्रवाई का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया गया है।
ऐसी स्थिति से निपटने के लिए पायलटों को मिलता है प्रशिक्षण?
ओझा ने बताया कि ऐसी स्थिति के लिए कोई विशिष्ट प्रशिक्षण नहीं होता, जिसमें विमान का प्रथम अधिकारी ही उसे अपने नियंत्रण में लेने की कोशिश करे। उनके मुताबिक, कप्तान ने अपने साहस, सहज निर्णय लेने की क्षमता और परिस्थितियों को समझने की सूझबूझ से इस चुनौती का सामना किया। उन्होंने सिम्युलेटर के जरिये घटना को विस्तार से समझाया।