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फ्लाईदुबई हमले की जांच में नए खुलासे: हमलावर पर पहले ही था फ्लाइंग बैन, सीरिया में रहा; अलकायदा से जुड़े तार

Sat, 03 Oct 2026 07:54 AM IST
हिमांशु सिंह चंदेल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेल अवीव
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेल अवीव Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Sat, 03 Oct 2026 07:54 AM IST
सार

फ्लाईदुबई विमान में कैप्टन स्मित मच्छार पर हमले की जांच में सह-पायलट हमाम अलहमामी की अतीत को लेकर कई दावे सामने आए हैं। रिपोर्टों में उसके सीरिया कनेक्शन और चरमपंथी विचारों का जिक्र है। अलकायदा की विचारधारा से प्रभावित होने की बात भी सामने आई है। ओमान में उसके उड़ान भरने पर बैन लगने का दावा है। वह फ्लाईदुबई तक कैसे पहुंचा? सुरक्षा जांच में क्या चूक हुई? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...

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Flydubai Attack What Syria Al-Qaeda Connection of Co-Pilot Who Attacked Captain Smit Machchhar
फ्लाईदुबई मामले में खुलासा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में कैप्टन स्मित मच्छार पर हुए हमले की जांच जारी है। इसी बीच सह-पायलट का पूरा काला अतीत धीरे-धीरे सामने आ रहा है। हमले के बाद सामने आई रिपोर्टों में ओमानी सह-पायलट की पहचान हमाम अलहमामी के रूप में की गई है। उसके सीरिया में रहने और वहां कथित तौर पर चरमपंथी विचारों से प्रभावित होने की बात कही गई है। जांच से जुड़े दावों में उसके अलकायदा की विचारधारा से प्रभावित होने की बात भी सामने आई है। हालांकि, इन दावों की जांच अभी जारी है।
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रिपोर्टों के मुताबिक हमाम अलहमामी ने ओमान से बाहर काफी समय बिताया था। इसमें सीरिया में बिताया गया समय भी शामिल है। इसी दौरान उसके कथित तौर पर चरमपंथी विचारों से प्रभावित होने की बात सामने आई है। जांच में कुछ धार्मिक लोगों से उसकी मुलाकातों का भी जिक्र है। रिपोर्टों के अनुसार इन्हीं संपर्कों के दौरान उसके कट्टरपंथी विचार मजबूत हुए। एक रिपोर्ट में तो उसके अलकायदा की विचारधारा से प्रभावित होने का दावा किया गया है। जांच एजेंसियां अब उसके सीरिया प्रवास और वहां बने संपर्कों की भी पड़ताल कर रही हैं।
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ओमान में उसके पुराने रिकॉर्ड को लेकर क्या सवाल उठे?
सह-पायलट के पुराने विमानन रिकॉर्ड ने भी जांच को गंभीर बना दिया है। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि ओमान में उसके चरमपंथी विचारों को लेकर पहले ही चिंता जताई गई थी। उसे वहां उड़ान भरने से रोके जाने की बात कही गई है। यानी ओमान में उड़ान उड़ाने पर बैन लगा था। एक रिपोर्ट के मुताबिक 2024 में ओमान एयर ने उसे ग्राउंड कर दिया था। उसके कथित तौर पर कट्टरपंथी इस्लामी वेबसाइट देखने की बात भी सामने आई थी। दूसरी रिपोर्टों में कहा गया कि उसे प्रशिक्षण से भी हटाया गया था। इसके बाद वह दुबई चला गया और बाद में फ्लाईदुबई से जुड़ा। अब जांच का बड़ा सवाल है कि पुराने रिकॉर्ड में चिंता होने के बावजूद वह यात्री विमान का सह-पायलट कैसे बना।
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फ्लाइट में हमले के समय आखिर क्या हुआ था?
30 सितंबर को फ्लाइट एफजेड1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी। इसी दौरान सह-पायलट ने कॉकपिट में कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला कर दिया। हमले के बाद विमान तेजी से नीचे जाने लगा। विमान कुछ ही समय में करीब 14 हजार फीट नीचे आ गया। मच्छार गंभीर रूप से घायल थे। इसके बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इससे यात्रियों और चालक दल को अंदर पहुंचने का मौका मिला। उन्होंने हमलावर को काबू किया। विमान में मौजूद दो अन्य पायलटों ने भी कमान संभालने में मदद की। इसके बाद विमान की सऊदी अरब के तबुक में आपात लैंडिंग कराई गई। विमान में 174 यात्री सवार थे। सभी यात्री सुरक्षित रहे।

क्या सह-पायलट विमान को इस्राइल में गिराना चाहता था?
जांच से जुड़े दावों में सबसे गंभीर बात विमान को जानबूझकर गिराने की कथित योजना है। रिपोर्टों के अनुसार सह-पायलट ने पूछताछ में कथित तौर पर विमान को इस्राइल में गिराने की बात कही। यह दावा इसलिए भी अहम है क्योंकि विमान तेल अवीव जा रहा था। यदि यह बात जांच में सही साबित होती है तो घटना का स्वरूप बेहद गंभीर हो सकता है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या सह-पायलट का मकसद विमान पर कब्जा करना और उसे जानबूझकर गिराना था।

सह-पायलट के अतीत को लेकर क्या-क्या सामने आया?
  • रिपोर्टों के अनुसार उसके सामान से फलस्तीन समर्थक संगठनों से जुड़ी सामग्री मिलने का दावा किया गया है।
  • उसके बारे में इस्राइल विरोधी विचार रखने की बात भी सामने आई है।
  • जांच में सीरिया में उसके कथित संपर्कों को देखा जा रहा है।
  • उसके पुराने विमानन रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
  • ओमान में उस पर उठी कथित सुरक्षा चिंताओं को भी देखा जा रहा है।
  • यह भी जांच का हिस्सा है कि वह बाद में फ्लाईदुबई में कैसे नियुक्त हुआ।
  • सह-पायलट को सऊदी अरब से संयुक्त अरब अमीरात भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।
  • संयुक्त अरब अमीरात में उसके खिलाफ आतंकवाद से जुड़ी जांच चल रही है।

इन सभी कड़ियों को जोड़कर जांच आगे बढ़ रही है। इसमें उसका सीरिया में रहना, कथित चरमपंथी विचार, पुराने विमानन रिकॉर्ड और फ्लाईदुबई तक पहुंचना शामिल है। रिपोर्टों में उसके अलकायदा की विचारधारा से प्रभावित होने की बात कही गई है। वहीं उसके सामान से फलस्तीन समर्थक सामग्री मिलने का भी दावा किया गया है। जांच एजेंसियां यह पता कर रही हैं कि इन चीजों का विमान पर हुए हमले से सीधा संबंध था या नहीं। किसी राजनीतिक या वैचारिक सामग्री की मौजूदगी अपने आप में हमले का मकसद साबित नहीं करती। इसके लिए जांच में ठोस सबूत जरूरी होंगे।

स्मित मच्छार ने कैसे बचाई विमान में सवार लोगों की जान?
हमले के दौरान स्मित मच्छार को गंभीर चोटें आईं। इसके बावजूद उन्होंने हमलावर का सामना किया। उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इसके बाद यात्री और चालक दल के सदस्य कॉकपिट में पहुंचे। उन्होंने हमलावर को काबू करने में मदद की। दो अन्य पायलटों ने विमान की कमान संभाली। इसके बाद विमान को सुरक्षित उतारा गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अस्पताल से स्मित मच्छार से बातचीत की। उन्होंने पायलट के साहस और सूझबूझ की सराहना की। इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी मच्छार की बहादुरी की प्रशंसा की। इस घटना में मच्छार के फैसले को विमान में मौजूद लोगों की सुरक्षा के लिए अहम माना जा रहा है।


इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर क्या सवाल उठ रहे हैं?
अब जांच का एक बड़ा हिस्सा विमानन सुरक्षा पर भी केंद्रित है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर सह-पायलट के पुराने रिकॉर्ड में कथित चरमपंथी विचारों को लेकर चिंता थी तो उसे दोबारा विमान उड़ाने की अनुमति कैसे मिली। यह भी देखा जा रहा है कि क्या ओमान में सामने आई चिंताएं दूसरी विमानन एजेंसियों तक पहुंची थीं। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि फ्लाईदुबई में उसकी नियुक्ति के समय किस तरह की जांच हुई थी। साथ ही उसके सीरिया प्रवास और कथित संपर्कों की जानकारी कितनी पहले से मौजूद थी। इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही साफ होंगे।
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