असम, बिहार में बाढ़ से स्थिति विकराल, यूनिसेफ ने कहा 24 लाख बच्चे हुए प्रभावित
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असम और बिहार में बृहस्पतिवार को बाढ़ से स्थिति और भयावह हो गई। वहीं, यूनिसेफ ने कहा है कि देशभर में 24 लाख बच्चे प्रभावित हुए हैं और उन्हें तुरंत मदद दिए जाने की जरूरत है। बाढ़ जनित घटनाओं में असम में और चार लोगों की मौत हो गई।
पिछले कुछ दिनों में जल ग्रहण क्षेत्र में भारी बारिश के कारण उत्तर बंगाल में तीस्ता, कलजानी और मनसाई समेत कई नदियां उफान पर है । इस वजह से निचले इलाके में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है। बहरहाल, मौसम विभाग ने बताया कि दिल्ली में जुलाई में औसत से 50 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है ।
मौसम विभाग के आंकड़ों, सफदरजंग वेधशाला के मुताबिक दिल्ली में अब तक जुलाई में 225 मिलीमीटर बारिश हुई जो कि सामान्य बारिश 149.8 मिलीमीटर से पचास प्रतिशत अधिक है। असम में बाढ़ से चार और लोगों की मौत हो गयी । राज्य के 33 में से 26 जिलों में 28.32 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं । राज्य में बाढ़ से मृतकों की संख्या 93 हो गयी है ।
राज्यपाल जगदीश मुखी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और कहा कि वह केंद्र से समस्या का स्थायी समाधान निकालने का अनुरोध करेंगे। मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने भी दरांग और कामरूप जिलों में प्रभावित इलाके का दौरा किया।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) ने बृहस्पतिवार को एक बुलेटिन में बताया कि बोंगाइगांव, कोकराझार, मोरिगांव और गोलाघाट जिले में एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई।
एएसडीएमए ने बताया कि बुधवार तक 26 जिलों में 26 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हुए। ब्रह्मपुत्र नदी डिब्रूगढ, धुबरी और गोलपाड़ा में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
बिहार में भी स्थिति गंभीर
बिहार में भी बाढ़ से स्थिति और खराब हो गयी है । राज्य में 7.65 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। हालांकि किसी की मौत की खबर नहीं मिली है। नेपाल के साथ लगी सीमा के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, सुपौल, किशनगंज, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, खगड़िया और गोपालगंज जिले बाढ़ से प्रभावित हैं ।
एनडीआरएफ की 13 और एसडीआरएफ की आठ टीमें बचाव अभियान में जुटी हुई है । इसके तहत 36,448 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।बहरहाल , यूनिसेफ का अनुमान है कि देश में हालिया बाढ़ से 24 लाख से ज्यादा बच्चे प्रभावित हुए हैं।
यूनिसेफ ने एक बयान में कहा कि भारत में बिहार, असम, ओडिशा, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, केरल, उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश और पश्चिम बंगाल में 24 लाख बच्चों सहित साठ लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं ।’’ यूनिसेफ ने कहा है कि इन क्षेत्रों में बच्चों के समक्ष पैदा चुनौतियों के समाधान के लिए तुरंत मदद, अधिक संसाधन और नए कार्यक्रम चलाने की जरूरत है।
मौसम विभाग ने एक ट्वीट में बताया कि दक्षिण बिहार, झारखंड, विदर्भ, छत्तीसगढ़, कर्नाटक और तेलंगाना में अगले 12 घंटे के दौरान बारिश होने की संभावना है। विभाग ने बताया कि पश्चिम बंगाल में दार्जिलिंग, कलिमपोंग, जलपाईगुड़ी, अलिपुरद्वार और कूचबिहार में 28 जुलाई तक भारी बारिश होने का अनुमान है।
उत्तराखंड में पिथौरागढ़ में पिछले कुछ दिनों से मूसलाधार बारिश के कारण पानी भरने से ढापा गांव के 53 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।जिले के बंगापानी सबडिविजन में बादल फटने की घटना में मृतकों की संख्या बढ़कर 12 हो गयी है । टंगा गांव से दो और शवों को निकाला गया।
असम से लेकर बिहार तक भारी बारिश और नदियों में बढ़ते जलस्तर से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। देश के इन दोनों राज्यों में बाढ़ से स्थिति गंभीर बनी हुई है। इसकी वजह से लाखों लोग प्रभावित हुए हैं, जान और माल दोनों का ही नुकसान हुआ है। बिहार में गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से मुजफ्फरपुर में नदी के आसपास के गांवों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं, लोग अपनी जान बचाने के लिए नेशनल हाइवे-27 पर रहने की मजबूर हो गए हैं। बुधवार को बिहार में राजद नेता तेजस्वी यादव ने मधुबनी जिले के मधेपुर ब्लॉक में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और लोगों के बीच धन वितरित किया। उन्होंने मौजूदा स्थिति के लिए प्रदेश के मुखिया नीतीश कुमार को जिम्मेदार ठहराया और इस्तीफे की मांग की। तेजस्वी ने कहा, 'अगर उनमें थोड़ी सी भी शर्म बची होती तो अब तक इस्तीफा दे दिया होता।'
उन्होंने कहा, 'बिहार बाढ़ में डूब गया और नीतीश जी के आंख के आंसू सूख गए। नीतीश जी यहां नहीं आएंगे लेकिन सात तारीख को अपनी कुर्सी बचाने के लिए वर्चुअल रैली करेंगे। नीतीश कुमार जी की इंसानियत खत्म हो गई है और अंतरात्मा बंगाल की खाड़ी में डूब रही है। लोग मर रहे हैं ऐसे में लोग कहां से वोट करने जाएंगे। लोकतंत्र में लोक नहीं रहेगा तो तंत्र का कोई मतलब नहीं रह जाएगा। आप चाहते हो लोग वोट करें और सीधे श्मशान जाएं। लाशों के ढेर पर हम चुनाव नहीं होने देंगे।
असम में ब्रह्मपुत्र खतरे के निशान से ऊपर
वहीं उत्तर पूर्वी राज्य असम के नगांव जिले की कोपीली नदी का जलस्तर बढ़ने से कई गांवों में पानी भर गया है। असम में कई लोगों की मौत हुई है तो 25 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। काजीरंगा नेशनल पार्क में कई जगह बाढ़ का पानी आने से जानवर सड़कों पर दिखने लगे हैं।
#WATCH: Increase in water level in Kopili River has caused flooding in certain areas of Nagaon district; normal life disrupted. #Assam pic.twitter.com/7jpotIDXYY
— ANI (@ANI) July 22, 2020
राज्य में लगातार वर्षा के कारण गुवाहाटी में ब्रह्मपुत्र नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। केंद्रीय जल आयोग के एक अधिकारी जीतू मोनी दास ने बताया, 'पानी खतरे के स्तर से आठ सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है। पानी का स्तर दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है।'
Assam: Brahmaputra river flowing above danger level in Guwahati due to incessant rainfall in the state. Jitu Moni Das, an official at Central Water Commission says,"water is flowing 8 cm above danger level. Water level is rising by 2 cm per hour". pic.twitter.com/3iUZ9XF83e
— ANI (@ANI) July 22, 2020