{"_id":"6536cd6ad50c45d5970482d8","slug":"flights-remained-suspended-five-hours-thiruvananthapuram-airport-operations-affected-arattu-procession-2023-10-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kerala: तिरुवनंतपुरम हवाईअड्डे पर पांच घंटे निलंबित रहीं उड़ानें, अराट्टू जुलूस के चलते संचालन रहा प्रभावित","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Kerala: तिरुवनंतपुरम हवाईअड्डे पर पांच घंटे निलंबित रहीं उड़ानें, अराट्टू जुलूस के चलते संचालन रहा प्रभावित
Tue, 24 Oct 2023 01:15 AM IST
यशोधन शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
Published by: यशोधन शर्मा
Updated Tue, 24 Oct 2023 01:15 AM IST
सार
पूरा कार्यक्रम शाम लगभग 5 बजे मंदिर से शुरू हुआ। इसमें शाही परिवार के पुरुष सदस्यों के अलावा, बड़ी संख्या में भक्त और छह हाथी भी जुलूस का हिस्सा थे, जो हवाई अड्डे के रनवे से होते हुए समुद्र तट तक पहुंचे।
विज्ञापन
Thiruvananthapuram International Airport
- फोटो : Twitter
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम के अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर सोमवार को पांच घंटे के लिए उड़ान सेवाएं रोक दी गईं। यहां श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर के पारंपरिक 'अराट्टू' जुलूस को हवाईअड्डे के रनवे से गुजरना था। इस दौरान उड़ान सेवाओं को निलंबित कर दिया गया। जुलूस के मंदिर लौटने के बाद रात करीब नौ बजे उड़ान सेवाएं फिर से शुरू हुईं।
विज्ञापन
हाथी भी बने जुलूस का हिस्सा
पूर्ववर्ती त्रावणकोर शाही परिवार के वर्तमान प्रमुख, श्री मूलम तिरुनल राम वर्मा ने मंदिर से पास के शंकुमुघम समुद्र तट तक शोभायात्रा का नेतृत्व किया। शोभायात्रा शाम करीब पांच बजे मंदिर से शुरू हुई। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में भक्तों के साथ छह हाथी भी हवाईअड्डे के रनवे से होते हुए समुद्र तट तक पहुंचे।
विज्ञापन
हवाईअड्डे के परिसर में प्रवेश करने के बाद, पद्मनाभ स्वामी, नरसीमा मूर्ति और कृष्ण स्वामी की 'उत्सव विग्रह' (मूर्तियां) को कुछ समय के लिए रनवे के पास अराट्टू मंडपम में रखा गया और बाद में अनुष्ठानों के लिए पास के समुद्र तट पर ले जाया गया। शंकुमुघम समुद्र तट पर समुद्र में डुबकी लगाने के बाद, मूर्तियों को त्योहार के समापन को चिह्नित करते हुए पारंपरिक मशालों द्वारा जलाए गए जुलूस में वापस मंदिर में ले जाया गया।
विज्ञापन
दशकों से हवाई सेवाओं को पुनर्निधारित किया जाता है
सूत्र ने कहा कि तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से प्रस्थान करने वाली लगभग चार उड़ानों को वार्षिक 'अराट्टू' के लिए पुनर्निर्धारित किया गया था। हवाईअड्डे पर दशकों से हर साल दो बार परिचालन को रोका रहा है और उड़ानों को पुनर्निर्धारित किया जा रहा है ताकि मंदिर के द्विवार्षिक सदियों पुराने औपचारिक जुलूस को रनवे से गुजरने में सक्षम बनाया जा सके।