फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   first-second grade children will not carry heavy school bags

पहली-दूसरी कक्षा के बच्चों को स्कूल बैग और होमवर्क से भी छुट्टी

Wed, 14 Sep 2016 04:05 AM IST
डॉ.अखिलेश मिश्र/ अमर उजाला, इलाहाबाद
डॉ.अखिलेश मिश्र/ अमर उजाला, इलाहाबाद Updated Wed, 14 Sep 2016 04:05 AM IST
विज्ञापन
first-second grade children will not carry heavy school bags
- फोटो : getty

भारी बैग से स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इससे निजात दिलाने के लिए बोर्ड ने संबद्घ स्कूलों को एडवाइजरी जारी करके टाइम-टेबल का सख्ती से पालन करने का सुझाव दिया है। इसके मुताबिक बच्चे हर रोज आवश्यक पाठ्य सामग्री ही लेकर स्कूल आएं।

विज्ञापन


बोर्ड ने कक्षा एक और दो के बच्चों को स्कूल बैग नहीं ले जाने का सुझाव दिया है। साथ ही पहली और दूसरी कक्षा के बच्चों को होमवर्क से भी छुट्टी दी है। बस्ते के भारी बोझ से बच्चों की रीढ़ की हड्डी कमजोर हो रही है। छोटी उम्र में उनकी पीठ और कंधों पर अनावश्यक बोझ डालने से कमर दर्द, मांसपेशियों में दर्द, कंधे में दर्द और थकान जैसी समस्या झेलनी पड़ती है।
विज्ञापन


निदेशक एकेडमिक, रिसर्च एण्ड ट्रेनिंग केके चौधरी की ओर से जारी सुझाव में कहा गया है कि स्कूल बैग का वजन कम करने के लिए बच्चे किताबें साझा करके ले आएं तो बैग का बोझ आधा हो जाएगा। बच्चों को असेंबली के दौरान यह सुझाव दें। समय-समय पर स्कूल बैग के वजन की जांच भी हो। बच्चों को होमवर्क पूरा करने केलिए अलग-अलग समय दिया जाए। 

विज्ञापन
विज्ञापन

स्मार्ट क्लास से कम करें बैग का बोझ

first-second grade children will not carry heavy school bags

तमिलनाडु, केरल, दिल्ली सहित देश के कई राज्यों की सरकारों ने बस्ते का बोझ हल्का करने के लिए संशोधित पाठ्य पुस्तकों का उपयोग करने के दिशा निर्देश जारी किए हैं। कई निजी स्कूलों में स्मार्ट क्लास एवं टैबलेट के उपयोग पर जोर दिया जा रहा है।आईसीटी टूल्स के अधिक उपयोग की सलाह भी दी गई है।

जो सुझाव जारी किए गए
-बच्चों को वर्क बुक के बोझ से मुक्ति दिलाने के लिए खुली कापी (लूज शीट) के उपयोग की सलाह दें।
-बच्चों के बीच आपसी समझ विकसित करके किताबें साझा करने की सीख दें ताकि किताबों का बोझ आधा हो
-स्कूल कई-कई वाल्यूम वाली अनावश्यक सप्लीमेंट्री किताबें खरीदने के लिए बच्चों को बाध्य न करें।
-अभिभावक बच्चों के बैग चेक करें, गैर जरूरी सामान बैग से निकाल दें। बच्चों को दो स्ट्रिप वाला स्कूल बैग ही दें। बैग को बच्चे की पीठ पर कसकर बांधे बैग ढीला नहीं होना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed