केरल सचिवालय में लगी आग, विपक्ष ने कहा- सोना तस्करी के सबूत नष्ट करने की साजिश
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तिरुवनंतपुरम में स्थित केरल सचिवालय में मंगलवार को आग लग गई। विपक्ष ने इस घटना को सोना तस्करी से संबंधित सबूतों को नष्ट करने की साजिश करार दिया है। भाजपा नेताओं ने सचिवालय के सामने बैठकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन भी किया और इस घटना को योजनाबद्ध साजिश बताया।
प्रदर्शन को लेकर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के सुरेंद्रन को हिरासत में लिया गया। हिरासत से पहले उन्होंने कहा, 'लोकतंत्र की हत्या की जा रही है।' प्रदर्शन में शामिल भाजपा नेताओं ने सचिवालय में लगी आग से प्रभावित स्थानों की फॉरेंसिंक जांच कराने की मांग की है।
Files containing details about gold smuggling case, incl those sought by NIA & other probe agencies in connection with Minister KT Jaleel were purposefully burnt. BJP leaders including me were arrested when we visited there to bring out the truth: BJP Pres K Surendran to ANI https://t.co/tFbVTn65tA
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) August 25, 2020
जानकारी के अनुसार आग पर काबू पा लिया गया था लेकिन इस दौरान कई फाइलें नष्ट हो गईं। सामान्य प्रशासन विभाग के अतिरिक्त सचिव पी हनी ने बताया कि आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी थी। इसमें सोना तस्करी मामले की जांच कर रहे प्रोटोकॉल अधिकारी का कार्यालय को नुकसान पहुंचा है।
सुरेंद्रन ने कहा, एनआईए व अन्य जांच एजेंसियों की सोना तस्करी मामले और मंत्री केटी जलील से संबंधित फाइलों को जानबूझकर जला दिया गया। बता दें कि इस घटना को लेकर भाजपा और कांग्रेस सचिवालय के सामने प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों का हटाने के लिए उन पर पानी की बौछारें भी बरसाईं।
मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाने की मांग
आरोप ये भी है कि सचिवालय में मौजूद अधिकारियों का एक समूह इंतजार करता रहा और उन्होंने आग बुझाने के प्रयास तब तक शुरू नहीं किए जब तकअग्निशमन दल के अधिकारी वहां नहीं पहुंच गए। कांग्रेस और भाजपा दोनों ने ही इस मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाने की मांग की है।
कांग्रेस ने सीएम विजयन को ठहराया जिम्मेदार
दूसरी ओर कांग्रेस नेता रमेश चेन्नीथाला ने भी मामले की जांच की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि आग लगने की घटना में सोना तस्करी से संबंधित बहुत महत्वपूर्ण फाइलें पूरी तरह से नष्ट हो गई हैं। इनकी कोई बैकअप फाइल भी उपलब्ध नहीं है। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन इस घटना के लिए जिम्मेदार हैं।