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रद्द हो एफआईआर: पीएम के खिलाफ पोस्टर का मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, रिट याचिका दायर
Mon, 17 May 2021 04:30 PM IST
सुरेंद्र जोशी
राजीव सिन्हा, अमर उजाला, नई दिल्ली
राजीव सिन्हा, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Mon, 17 May 2021 04:30 PM IST
सार
बीते दिनों दिल्ली में पोस्टर लगाकर पीएम पर कटाक्ष किए गए थे। इसे लेकर केस दर्ज किए गए हैं। राहुल गांधी ने भी ये पोस्टर ट्वीट कर उन्हें गिरफ्तार करने की चुनौती दी है।
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सर्वोच्च न्यायालय
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
टीकाकरण नीति को लेकर प्रधानमंत्री पर कटाक्ष करने वाले पोस्टरों का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। शीर्ष कोर्ट में एक रिट याचिका दायर कर इस मामले में दिल्ली के अलग-अलग पुलिस थानों में दर्ज एफआईआर निरस्त करने की मांग की गई है। दरअसल दिल्ली में लगाए गए इन पोस्टरों के जरिए टीकाकरण नीति को लेकर सवाल उठाए गए थे। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी यह पोस्टर ट्वीट कर गिरफ्तार करने की चुनौती दी थी।
वकील प्रदीप कुमार यादव द्वारा दायर की गई इस याचिका में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हवाला देते हुए इस संबंध में दायर एफआईआर को रद्द करने की मांग की गई है। ऐसे पोस्टर लगाने को लेकर करीब दो दर्जन लोगों के खिलाफ दिल्ली के अलग-अलग थानों में एफआईआर दर्ज की गई है। मामले में कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है।
याचिका में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व आदेशों का हवाला देते हुए कहा गया है कि इस मामले में संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करना अभिव्यक्ति के स्वतंत्रता अधिकारी के विपरीत है। याचिका में न केवल एफआईआर को रद्द करने की मांग की गई है बल्कि एफआईआर दर्ज करने वाले पुलिसकर्मियों पर न्यायालय की अवमानना का मामला चलाए जाने की भी मांग की गई है।
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वकील प्रदीप कुमार यादव द्वारा दायर की गई इस याचिका में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हवाला देते हुए इस संबंध में दायर एफआईआर को रद्द करने की मांग की गई है। ऐसे पोस्टर लगाने को लेकर करीब दो दर्जन लोगों के खिलाफ दिल्ली के अलग-अलग थानों में एफआईआर दर्ज की गई है। मामले में कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है।
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याचिका में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व आदेशों का हवाला देते हुए कहा गया है कि इस मामले में संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करना अभिव्यक्ति के स्वतंत्रता अधिकारी के विपरीत है। याचिका में न केवल एफआईआर को रद्द करने की मांग की गई है बल्कि एफआईआर दर्ज करने वाले पुलिसकर्मियों पर न्यायालय की अवमानना का मामला चलाए जाने की भी मांग की गई है।
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