आधार देने वाली वेबसाइट्स पर लगाम, UIDAI ने 8 पर दर्ज कराया केस
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भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने आधार सेवा उपलब्ध कराने का दावा कर लोगों के आधार नंबर मांगने के आरोप में आठ वेबसाइटों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। प्राधिकरण ने इन वेबसाइटों पर अवैध तरीके से लोगों के आधार नंबर और पंजीकरण नंबर इकट्ठा करने का आरोप लगाया है।
आधार संबंधी सेवा देने का दावा करने वाली फर्जी और अवैध वेबसाइटों के खिलाफ प्राधिकरण द्वारा एफआईआर कराने का यह पहला मामला है। प्राधिकरण ने आधारअपडेट.कॉम, आधार इंडिया.कॉम, पीवीसीआधार.इन, आधारप्रिंटर्स.कॉम, गेटईआधार.कॉम, डाउनलोडआधारकार्ड.इन, आधारकॉपी.इन और डुप्लिकेटआधार.कॉम के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
यूआईडीएआई के सीईओ अजय भूषण पांडे ने कहा कि ये वेबसाइट खुद को प्राधिकरण द्वारा अधिकृत बताकर लोगों से आधार नंबर और अन्य जानकारियां मांग रही थीं। हमने पाया कि कुछ अनधिकृत वेबसाइटों को बंद करने के हमारे आदेश के बावजूद कुछ नई वेबसाइटें शुरू हो गईं।
धारा 409 और 420 के तहत मामला दर्ज
पांडे ने कहा, इस बार हमने ऐसी वेबसाइटों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। इन वेबसाइटों के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी कानून 2000, आधार काननू 2016 क ी धारा 38 और आईपीसी की धारा 409 और 420 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पांडे ने कहा कि प्राधिकरण आगे भी ऐसी वेबसाइटों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा। उन्होंने लोगों से आधार संबंधी सभी समस्याओं के लिए प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट का उपयोग करने को कहा है। इससे पहले प्राधिकरण ने इसी साल अवैध रुप से आधार सेवा देने का दावा करने और लोगों से अधिक पैसे मांगने वाली 12 वेबसाइटों और 12 मोबाईल ऐप को बंद करा दिया था।
पिछले महीने क्रिकेट खिलाड़ी महेंद्र सिंह धोनी की आधार जानकारी को आम करने पर सख्त रुख अपनाते हुए प्राधिकरण ने उस एजेंसी को दस साल के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया जिसने उनका पंजीकरण किया था।