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मुंबई में प्रवासी कामगारों का प्रदर्शन : टीवी पत्रकार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

Wed, 15 Apr 2020 12:15 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: Sneha Baluni Updated Wed, 15 Apr 2020 12:15 PM IST
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FIR against tv journalist over his report that trains would restart, which prompted migrants gathering
बांद्रा स्टेशन पर इकट्ठा हुए प्रवासी मजदूर - फोटो : PTI

महाराष्ट्र में एक टीवी पत्रकार के खिलाफ उनकी एक रिपोर्ट की वजह से एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि रिपोर्ट में पत्रकार ने बताया था कि ट्रेनें फिर से शुरू होंगी। जिसके बाद बांद्रा में प्रवासी मजदूरों की भीड़ इकट्ठा होनी शुरू हो गई। आरोपी पत्रकार का नाम राहुल कुलकर्णी है जो ओसनामाबाद जिले में रहते हैं।

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पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया है और मुंबई लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि न्यूज रिपोर्ट में कुलकर्णी ने कहा था कि विशेष जन साधारण ट्रेनों की सेवाएं लॉकडाउन के कारण फंसे हुए लोगों के लिए शुरू की जाएंगी। उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 188, 269, 270 और 117 के तहत मामला दर्ज किया गया है। 
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बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के एक हजार से ज्यादा प्रवासी मजदूर बांद्रा रेलवे स्टेशन के पास मंगलवार दोपहर इकट्ठा होने शुरू हो गए थे। वे सभी मांग कर रहे थे कि राज्य सरकार उन्हें उनके मूल गांव और शहरों तक वापस भेजने के लिए परिवहन की व्यवस्था करे।
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बता दें कि पुलिस को मजदूरों की भीड़ को अलग-थलग करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा था। पुलिस के एक अधिकारी के अनुसार करीब 1000 दिहाड़ी मजदूर दोपहर तीन बजे रेलवे स्टेशन के पास मुंबई उपनगरीय क्षेत्र बांद्रा (पश्चिम) बस डिपो पर एकत्रित हो गए और सड़क पर बैठ गए।  लॉकडाउन लागू होने के बाद से दिहाड़ी मजदूर बेरोजगार हो गए हैं। इससे उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।


दिहाड़ी मजदूर पास के पटेल नगरी इलाके में झुग्गी बस्तियों में किराए पर रहते हैं, वे परिवहन सुविधा की व्यवस्था की मांग कर रहे थे ताकि वे अपने मूल नगरों और गांवों को वापस जा सकें। एक मजदूर ने बिना अपना नाम बताए कहा कि एनजीओ और स्थानीय निवासी प्रवासी मजदूरों को भोजन मुहैया करा रहे हैं लेकिन वे लॉकडाउन के दौरान अपने मूल राज्यों को वापस जाना चाहते हैं क्योंकि बंद से उनकी आजीविका बुरी तरह से प्रभावित हुई है। उसने कहा कि अब, हम भोजन नहीं चाहते हैं, हम अपने मूल स्थान वापस जाना चाहते हैं, हम (लॉकडाउन बढ़ाने की) घोषणा से खुश नहीं हैं। 

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