GDP: जीडीपी को लेकर जारी आलोचनाओं को वित्त मंत्रालय ने किया खारिज, पेश किया यह तर्क
कांग्रेस ने भी पहले दिन आरोप लगाया था कि वास्तविक जीडीपी संख्याएं बढ़ा-चढ़ाकर बताई जा रही है। क्योंकि वे जीडीपी वृद्धि पर मुद्रास्फीति के प्रभाव को सटीक रूप से प्रतिबिंबित नहीं करते हैं।
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देश में इन दिनों जीडीपी को लेकर विवाद जारी है, जिसे वित्त मंत्रालय ने गुरुवार को खारिज कर दिया है। वित्त मंत्रालय ने लोगों की आलोचनाओं को खारिज कर दिया है। वित्त मंत्रालय का कहना है कि उन्होंने आर्थिक विकास की गणना के लिए आय पक्ष के अनुमानों का उपयोग किया है, जो निरंतर प्रथा है। मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया कि कई अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने पहली तिमाही के आंकड़ों को देखने के बाद अपने पूर्वानुमान को संशोधित किया है। बता दें, आय या उत्पादन के अनुसार, क्यू1 एफ वाई 24 में भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि साल-दर-साल आधार पर 7.8 प्रतिशत थी।
पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यन ने एक लेख में तर्क दिया था कि भारत की जीडीपी उत्पादकता पक्ष के बजाय व्यय पक्ष से मापी जाती है। कांग्रेस ने भी पहले दिन आरोप लगाया था कि वास्तविक जीडीपी संख्याएं बढ़ा-चढ़ाकर बताई जा रही है। क्योंकि वे जीडीपी वृद्धि पर मुद्रास्फीति के प्रभाव को सटीक रूप से प्रतिबिंबित नहीं करते हैं।