बर्फ पिघलने के बाद घाटी में भारी उपद्रव की आशंका
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गर्मी की शुरुआत के बाद घाटी में सुरक्षा एजेंसियों के लिए सड़क पर उतरे प्रदर्शनकारियों का नियंत्रण छुपे हुए आतंकवादियों के सफाये के मुकाबले बड़ी चुनौती साबित होगी। सुरक्षा से जुड़े शीर्ष अधिकारियों ने केंद्र और राज्य सरकार को इस आशंका से अवगत कराया है।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनए़सए), गृह मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय स्तर पर इसकी काट के लिए माथापच्ची चल रही है। एनएसए अजीत डोभाल ने पिछले हफ्ते सुरक्षा एजेंसियों के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक कर एक खाका भी तैयार किया है।
डोभाल जल्द ही गृह मंत्री राजनाथ सिंह और रक्षा मंत्री मनोहर परिकर के साथ इस मुद्दे पर बैठक करेंगे। इस मामले से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी ने ‘अमर उजाला’ से कहा कि पिछले दो महीने में इकट्ठा हुई जानकारी के मुताबिक कश्मीर में बर्फ पिघलने के बाद सड़क पर प्रदर्शनकारियों को उतार सुरक्षा बल से टकराव की व्यापक योजना है। इसमें पाक समर्थित आतंकी और अलगाववादी तत्व सक्रिय हैं।
बर्फ पिघलने के बाद छुपे आतंकी जंगल की तरफ पनाह लेने निकलेंगे
पिछले साल बुरहान वानी की मौत के बाद मचे उपद्रव को और प्रबल करने के लिए पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई हरेक हथकंडा अपना रही है। हालांकि अधिकारी ने राहत जताई कि अलगाववादियों और आतंकी गुटों के बंद के कॉल और कैंलेंडर को आम कश्मीरी नजरअंदाज कर रहे हैं। इसके लिए पेलेट गन के इस्तेमाल में बदलाव और अलगाववादियों से बातचीत की पहल जैसे उपायों पर भी काम चल रहा है।
सूत्रों ने बताया कि बर्फ पिघलने के बाद दूर-दराज के गांवों में छुपे आतंकी जंगल की तरफ पनाह लेने निकलेंगे। यह उनसे निबटने का अच्छा मौका होगा। लेकिन पाकिस्तान आम लोगों और सुरक्षा एजेंसियों में टकराव की स्थिति पैदा करना चाह रहा है। ताकि अंतरराष्ट्रीय मंच पर कश्मीर में केंद्र की ज्यादतियों के बहाने भारत को बदनाम कर सके। सूत्रों ने कहा कि इस कवायद में घाटी में इस बार कई नए प्रयोग किए जाएंगे।