फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Atul Subhash Suicide Case Judge Demanded ₹5 Lakh to Settle Case, Alleges Father News in Hindi

Atul Subhash Case: 'जज ने मामला निपटाने के लिए मांगे पांच लाख', पिता का आरोप; बेटे की मौत से सदमे में परिवार

Fri, 13 Dec 2024 08:56 AM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू Published by: काव्या मिश्रा Updated Fri, 13 Dec 2024 08:56 AM IST
सार

सुभाष का शव बंगलूरू के मंजूनाथ लेआउट क्षेत्र में स्थित उनके आवास पर फंदे से लटका मिला था। उनके कमरे में एक तख्ती भी लटकी मिली, जिसमें लिखा था- न्याय मिलना बाकी है। उनकी मौत के बाद से परिवार सदमे में है। 

विज्ञापन
Atul Subhash Suicide Case Judge Demanded ₹5 Lakh to Settle Case, Alleges Father News in Hindi
अतुल सुभाष के पिता सदमे में - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बंगलूरू में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की आत्महत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया है। 34 साल के अतुल सुभाष के खुदकुशी के बाद उनके माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। एक के बाद एक इस मामले में चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। अब सुभाष के पिता ने बताया कि उसकी पत्नी ने उसके और उसके परिवार के खिलाफ कई मामले दर्ज कराए थे, जिसकी वजह से वह बुरी तरह से अंदर से टूट चुका था।

विज्ञापन


क्या है मामला?
सुभाष का शव बंगलूरू के मंजूनाथ लेआउट क्षेत्र में स्थित उनके आवास पर फंदे से लटका मिला था। उनके कमरे में एक तख्ती भी लटकी मिली, जिसमें लिखा था- न्याय मिलना बाकी है। सुभाष ने आत्महत्या करने से पहले डेढ़ घंटे का एक वीडियो बनाया, जिसमें उन्होंने उन सभी परिस्थितियों का जिक्र किया, जिसके कारण उन्हें यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने अपनी अलग रह रही पत्नी निकिता सिंघानिया, सास निशा सिंघानिया, बहनोई अनुराग सिंघानिया और पत्नी के मामा सुशील सिंघानिया पर उन्हें आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया। इसके अलावा उसने 24 पन्नों का सुसाइड नोट भी छोड़ा है, जिसमें उसने शादी के बाद जारी तनाव, उसके खिलाफ दर्ज कई मामलों, उसकी पत्नी, रिश्तेदार और उत्तर प्रदेश के एक न्यायाधीश की ओर से प्रताड़ित किए जाने का जिक्र किया है।
विज्ञापन

 
पांच लाख की मांग
सुसाइड नोट में यह भी आरोप लगाया है कि न्यायाधीश ने मामले को निपटाने के लिए पांच लाख रुपये की मांग की थी। सुभाष के पिता पवन कुमार ने कहा, 'मेरा बेटा हमेशा कहता था कि बहुत भ्रष्टाचार है, लेकिन वह लड़ेगा क्योंकि वह सच्चाई की राह पर है। वह अंदर से टूट गया था फिर भी उसने किसी को कुछ नहीं बताया।'
विज्ञापन
विज्ञापन


2021 से मामले दर्ज कराने का सिलसिला हुआ शुरू
बिहार के समस्तीपुर में रहने वाले कुमार ने कहा कि सुभाष की पत्नी ने उनके खिलाफ जनवरी 2021 में मामला दर्ज करना शुरू कर दिया था। पिता ने कहा, 'उसने 2021 की जनवरी से मामले दर्ज करना शुरू कर दिया था। मेरे बेटे ने सोचा था कि उसने कोरोना के बाद सिर्फ घर छोड़ है और उनका एक साल का बेटा अपने मामा के घर पर थोड़ा बड़ा होगा। मगर उसने हमारे पूरे परिवार के खिलाफ केस भी दर्ज कराना शुरू कर दिया।'

महिला के घर पहुंची पुलिस
इससे पहले बंगलूरू पुलिस की चार सदस्यीय टीम, जिसमें एक महिला पुलिसकर्मी भी शामिल है, उत्तर प्रदेश के जौनपुर के कोतवाली पहुंची। जौनपुर सुभाष के ससुराल वालों का घर है। इस बीच पिता ने आरोप लगाया कि न्यायाधीश ने मामले को निपटाने के लिए पांच लाख रुपये मांगे थे। उन्होंने कहा, 'जब सुभाष मामले को निपटाने के लिए समझौता करने के लिए तैयार हो गया तो 20 हजार की बजाय 40 हजार मांगने लगे। तभी न्यायाधीश ने कहा कि अगर वह समझौता करना चाहता है तो उसे पांच लाख रुपये देने चाहिए।'

भाई ने कहा- हमें कभी ऐसा नहीं लगा...
इस बीच, सुभाष के भाई विकास ने कहा कि उनके परिवार को कोई जानकारी नहीं थी कि वह इतना बड़ा कदम उठा सकते हैं। उन्होंने आगे कहा, 'हम उनसे सामान्य बातचीत करते थे। हमें नहीं पता था कि उन्होंने ऐसा कदम उठाने का फैसला किया है। हमें कभी नहीं लगा था कि वह ऐसा कदम उठाने जा रहे हैं। मैं उनके कुछ दोस्तों के संपर्क में हूं और उन्हें भी कभी ऐसा महसूस नहीं हुआ कि वो कुछ ऐसा करेंगे।'

'मानसिक रूप से प्रताड़ित किया'
पीड़ित के भाई ने यह भी आरोप लगाया कि उस पर और उसके परिवार पर भी झूठे मामले दर्ज किए गए हैं। इतना ही नहीं सुभाष को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया था। उन्होंने कहा, 'सुभाष के साथ-साथ मुझ पर और मेरे माता-पिता पर झूठे मामले दायर किए गए थे। उन सभी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, जिन्होंने उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और उनके खिलाफ झूठे मामले दर्ज किए।'




पुरुषों की मदद के लिए बनाई जाए समिति
उन्होंने आगे दावा किया कि अतुल सुभाष ने राष्ट्रपति और सुप्रीम कोर्ट सहित विभिन्न नेताओं और संस्थानों को भी पत्र लिखकर अपनी स्थिति के बारे में बताया था। भाई ने आगे कहा, 'अगर वे ईमेल उन तक पहुंच गए हैं, तो हम आशा करते हैं कि कार्रवाई की जाएगी और कुछ कानून, मंच या समितियां बनाई जाएंगी जहां पुरुष न्याय मांगने जा सकते हों। महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए बनाए गए कानूनों और प्रावधानों का आज दुरुपयोग किया जा रहा है।'

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed