{"_id":"67498d715ff2f47f2408753e","slug":"father-and-son-arrested-in-rs-2800-crore-chit-fund-scam-grabbed-money-from-investors-promising-good-returns-2024-11-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"ED: 2800 करोड़ के चिटफंड धोखाधड़ी मामले में पिता-पुत्र गिरफ्तार, अच्छे रिटर्न का वादा कर निवेशकों से हड़पी रकम","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
ED: 2800 करोड़ के चिटफंड धोखाधड़ी मामले में पिता-पुत्र गिरफ्तार, अच्छे रिटर्न का वादा कर निवेशकों से हड़पी रकम
Fri, 29 Nov 2024 03:17 PM IST
बशु जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: बशु जैन
Updated Fri, 29 Nov 2024 03:17 PM IST
सार
प्रयाग ग्रुप का चिटफंड कारोबार पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में फैला हुआ था, जिसमें पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार, असम और त्रिपुरा जैसे राज्य शामिल थे। आरोप है कि फर्म ने अवैध योजनाएं चलाकर जनता से 1,900 करोड़ रुपये से अधिक की रकम जुटाई थी।
विज्ञापन
ED
- फोटो : ANI
विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉड्रिंग से जुड़े 2800 करोड़ के चिटफंड धोखाधड़ी मामले में कोलकाता से पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया है। दोनों ने अच्छे रिटर्न का वादा करके निवेशकों से रकम हड़पी। गिरफ्तारी के बाद ईडी ने दोनों को मनी लॉड्रिंग एक्ट की विशेष अदालत में पेश किया। जहां से दोनों को 10 दिन के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया गया।
विज्ञापन
प्रयाग ग्रुप ऑफ कंपनीज के सीएमडी बासुदेव बागची और उसके बेटे अविक बागची के खिलाफ चिटफंड धोखाधड़ी मामले में शिकायत के बाद ईडी ने 26 नवंबर को कंपनी के कोलकाता और मुंबई परिसरों में छापेमारी की थी। दोनों आरोपियों ने मासिक आय योजना, वरीयता शेयर और क्लब सदस्यता प्रमाणपत्र के नाम पर लोगों से 2800 करोड़ रुपये जमा कराए। साथ ही उच्च रिटर्न देने का वादा किया। ईडी ने कहा कि 1900 करोड़ रुपये अब तक निवेशकों को लौटाए नहीं गए हैं। प्रयाग ग्रुप ऑफ कंपनीज सेबी, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की अनुमति के बीच अवैध रूप से चल रही थी। इससे अलग-अलग राज्यों के लाखों निवेशक प्रभावित हुए।
विज्ञापन
एजेंसी ने कहा कि निवेशकों से एकत्रित धन को आरोपियों ने कई संस्थाओं में शामिल किया। इसका उपयोग बाद में विभिन्न संपत्तियों को खरीदने के लिए किया गया। ईडी धोखाधड़ी से अर्जित धन से अर्जित संपत्तियों का पता लगाने के लिए आरोपियों से पूछताछ करेगी। यह कार्रवाई घोटाले से जुड़ी संपत्तियों का पता लगाने और उन्हें बरामद करने के ईडी के प्रयासों का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य सही निवेशकों और पीड़ितों को धन वापस दिलाना है।
विज्ञापन
प्रयाग ग्रुप का चिटफंड कारोबार पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में फैला हुआ था, जिसमें पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार, असम और त्रिपुरा जैसे राज्य शामिल थे। आरोप है कि फर्म ने अवैध योजनाएं चलाकर जनता से 1,900 करोड़ रुपये से अधिक की रकम जुटाई थी। 2017 में भी सीबीआई ने ओडिशा में दर्ज एक मामले के आधार पर प्रयाग ग्रुप के सीएमडी बासुदेव बागची और उनके बेटे अविक बागची को गिरफ्तार किया था।