फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Farooqe abdulla says Ram is god of whole world, he will go with a stone for Ram mandir construction

राम मंदिर: फारूक बोले - तो वह भी पत्थर लगाने जाएंगे, वेदांती ने दिया सुलह का फार्मूला

Fri, 04 Jan 2019 01:32 PM IST
यशवीर सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: यशवीर सिंह Updated Fri, 04 Jan 2019 01:32 PM IST
विज्ञापन
Farooqe abdulla says Ram is god of whole world, he will go with a stone for Ram mandir construction
राम मंदिर मुददा पर अब्दुल्ला आैर वेदांती - फोटो : अमर उजाला

अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में 10 जनवरी से शुरू होनेवाली सुनवाई को लेकर विभिन्न नेताओं की प्रतिक्रियाएं आ रही है। नेशनल कांफ्रेंस के वरिष्ठ नेता फारुक अब्दुल्ला ने कहा कि इस मामले पर चर्चा को जरुरी बताते हुए कहा कि इसे कोर्ट में ले जाने की जरुरत नहीं होनी चाहिए। वहीं दूसरी ओर श्रीरामजन्मभूमि न्यास के वरिष्ठ सदस्य एवं पूर्व सांसद डॉ. रामविलास दास वेदांती ने भी स्थानीय स्तर से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुलह-समझौते से समाधान निकालने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर निर्माण पर मुसलमानों के साथ समझौता होने वाला है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समझौते को लेकर बैठक हो गई है। इसका मजमून भी तैयार है, अब केवल मुहर लगनी बाकी है।

विज्ञापन

 
फारूक अब्दुल्ला ने कहा है कि भगवान राम सिर्फ हिंदुओं के नहीं हैं, वह पूरी दुनिया के भगवान हैं। भगवान राम से किसी को बैर नहीं है और होना भी नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि मामले को सुलझाने की और मंदिर बनवाने की कोशिश करनी चाहिए। जिस दिन ऐसा हुआ, वह भी एक पत्थर लगाने जाएंगे। 
विज्ञापन
विज्ञापन



केवल कुर्सी के लिए भाजपा उठाती है राम मंदिर का मुद्दा

फारूक अब्दुल्ला ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा के लिए मंदिर निर्माण का मुद्दा केवल सत्ता के लिए है। उन्होंने कहा कि मंदिर बनाने से बीजेपी का कोई सरोकार नहीं है। ये लोग सिर्फ कुर्सी पर बैठने के लिए मंदिर की बात उठाते हैं।उन्होंने कहा कि बीजेपी ने पिछले पौने पांच साल में कुछ भी नहीं किया।  


डॉ. वेदांती ने कहा- हिंदू-मुस्लिमों में बन चुकी है सहमति

डॉ वेदांती ने कहा कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर और लखनऊ में मस्जिद बनाने पर किसी भी धर्माचार्य को एतराज नहीं है। उम्मीद है कि चुनाव से पूर्व ही राममंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा। वे खुद भी राममंदिर मामले के समाधान में लगे हैं।मुस्लिम पसर्नल लॉ बोर्ड जहां से संचालित हो रहा है वहां से वार्ता चल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि अयोध्या में राममंदिर के लिए कुछ भी स्वीकार नहीं होगा।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed