{"_id":"60d43fbf8ebc3ed77d7c6f58","slug":"farooq-abdullah-distances-himself-from-mehbooba-mufti-s-statement-on-govt-talk-to-pakistan","type":"story","status":"publish","title_hn":"जम्मू-कश्मीर पर बैठक: महबूबा के बयान से फारूक अब्दुल्ला का किनारा, कहा- हम पाक की नहीं, वतन की करेंगे बात","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
जम्मू-कश्मीर पर बैठक: महबूबा के बयान से फारूक अब्दुल्ला का किनारा, कहा- हम पाक की नहीं, वतन की करेंगे बात
Thu, 24 Jun 2021 05:01 PM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Thu, 24 Jun 2021 05:01 PM IST
सार
प्रधानमंत्री आवास पर होने जा रही सर्वदलीय बैठक में जम्मू-कश्मीर के नेता भी शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंच रहे हैं। नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला दिल्ली पहुंच गए हैं। इस दौरान उन्होंने महबूबा के पाकिस्तान से बात करने वाले बयान से किनारा कर लिया
विज्ञापन
दिल्ली में पीएम मोदी से मिले जम्मू-कश्मीर के नेता
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जम्मू-कश्मीर पर सर्वदलीय बैठक में हिस्सा लेने के लिए नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता फारूक अब्दुल्ला दिल्ली पहुंच गए। गुरुवार को दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए फारूक अब्दुल्ला ने महबूबा मुफ्ती के बयान से किनारा करते हुए कहा कि हमें पाकिस्तान के बारे में बात नहीं करनी है बल्कि अपने वतन के बारे में चर्चा करनी है। उन्होंने कहा कि महबूबा मुफ्ती का पाकिस्तान पर बयान निजी है। इससे उन्हें कोई लेना देना नहीं है।
विज्ञापन
फारूक अब्दुल्ला ने बैठक का किया स्वागत
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री आवास पर होने जा रही सर्वदलीय बैठक में जम्मू-कश्मीर के नेता शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंच रहे हैं। नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला जब दिल्ली पहुंचे तो मीडिया से बातचीत में उन्होंने पीएम मोदी की ओर से बुलाई गई बैठक का स्वागत किया। अब्दुल्ला ने कहा कि यह देर से आने, लेकिन दुरुस्त आने जैसा है। अब्दुल्ला ने कहा कि हम उम्मीद करेंगे कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री हमारी बात को शांति से सुनें और कोई ऐसा हल निकालें, जिससे राज्य में अमन और शांति कायम हो।
विज्ञापन
महबूबा मुफ्ती के बयान पर विरोध
बता दें कि पिछले दिनों गुपकार गठबंधन की बैठक हुई थी। उसके बाद पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा था कि कश्मीर के मसले पर केंद्र सरकार को पाकिस्तान से भी बात करनी चाहिए। महबूबा ने आगे कहा था, 'यदि सरकार अफगानिस्तान में तालिबान से बात कर सकती है तो फिर कश्मीर के मसले पर पाकिस्तान से बात क्यों नहीं हो सकती।' उनके इस बयान का कई नेताओं ने समर्थन किया तो कई नेताओं ने इसका विरोध भी किया। हालांकि, बैठक से पहले फारूक अब्दुल्ला ने उनके बयान से खुद को अलग कर लिया। फारूक ने साफ तौर से कहा कि वह पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से जम्मू-कश्मीर में अमन लाने की बात करेंगे। वहीं दूसरी ओर महबूबा के इस बयान का जम्मू में विरोध हो रहा है । डोगरा फ्रंट नाम के संगठन की अगुवाई में गुरुवार को लोग सड़कों पर उतरे और महबूबा मुफ्ती को जेल भेजने की मांग की।
विज्ञापन
बैठक में चार पूर्व मुख्यमंत्री भी होंगे शामिल
सर्वदलीय बैठक में जम्मू-कश्मीर के प्रतिनिधियों के रूप में सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। इसमें नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीपल्स डेमॉक्रेटिक पार्टी, पीपल्स कॉन्फ्रेंस, जेकेएपी, कांग्रेस और भाजपा के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। बैठक में जम्मू-कश्मीर राज्य के चार पूर्व मुख्यमंत्रियों को भी बुलाया गया है। इसमें फारूक अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती, उमर अब्दुल्ला और गुलाम नबी आजाद हैं।