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रबी सीजन में बुवाई की रफ्तार तेज: गेहूं, दलहन-तिलहन में बढ़त, धान में गिरावट; मौसम ने ऐसे दिया किसानों का साथ
Tue, 04 Nov 2025 02:26 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Tue, 04 Nov 2025 02:26 PM IST
सार
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के दौरान बेहतर बारिश और अनुकूल मौसम ने किसानों को बुवाई बढ़ाने के लिए प्रेरित किया है। दलहन श्रेणी में इस बार सबसे ज्यादा बढ़ोतरी देखने को मिली है।
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रबी सीजन।
- फोटो : ANI
विस्तार
देश में रबी सीजन 2025-26 की बुवाई की फसलों में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली है। केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने रबी सीजन 2025-26 की बुवाई प्रगति से जुड़े ताजा आंकड़े जारी किए हैं। मंत्रालय के अनुसार, इस साल रबी फसलों की बुवाई में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 31 अक्टूबर 2025 तक कुल रबी फसलों का रकबा 75.77 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है, जो पिछले साल की समान अवधि के 65.88 लाख हेक्टेयर की तुलना में करीब 9.89 लाख हेक्टेयर अधिक है। इस सीजन में कुल 637.80 लाख हेक्टेयर में बुवाई का लक्ष्य तय किया गया है।
मुख्य खाद्यान्न फसल गेहूं की बुवाई में अच्छी प्रगति दर्ज की गई है। अब तक 3.34 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की बुवाई हो चुकी है, जो पिछले साल से 1.05 लाख हेक्टेयर अधिक है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के दौरान बेहतर बारिश और अनुकूल मौसम ने किसानों को बुवाई बढ़ाने के लिए प्रेरित किया है। दलहन श्रेणी में इस बार सबसे ज्यादा बढ़ोतरी देखने को मिली है। देशभर में अब तक 20.77 लाख हेक्टेयर में दलहन की बुवाई की गई है, जो पिछले साल के 16.50 लाख हेक्टेयर के मुकाबले 4.28 लाख हेक्टेयर ज्यादा है। इनमें चना 14.92 लाख हेक्टेयर में बोया गया है, जबकि मसूर और मटर में क्रमशः 0.67 और 0.43 लाख हेक्टेयर की वृद्धि दर्ज की गई है।
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मुख्य खाद्यान्न फसल गेहूं की बुवाई में अच्छी प्रगति दर्ज की गई है। अब तक 3.34 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की बुवाई हो चुकी है, जो पिछले साल से 1.05 लाख हेक्टेयर अधिक है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के दौरान बेहतर बारिश और अनुकूल मौसम ने किसानों को बुवाई बढ़ाने के लिए प्रेरित किया है। दलहन श्रेणी में इस बार सबसे ज्यादा बढ़ोतरी देखने को मिली है। देशभर में अब तक 20.77 लाख हेक्टेयर में दलहन की बुवाई की गई है, जो पिछले साल के 16.50 लाख हेक्टेयर के मुकाबले 4.28 लाख हेक्टेयर ज्यादा है। इनमें चना 14.92 लाख हेक्टेयर में बोया गया है, जबकि मसूर और मटर में क्रमशः 0.67 और 0.43 लाख हेक्टेयर की वृद्धि दर्ज की गई है।
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इस बार मोटे अनाज या श्री अन्न फसलों का कुल रकबा भी 5.62 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। यह पिछले साल से 44 हजार हेक्टेयर अधिक है। रागी में 25 हजार हेक्टेयर की बढ़ोतरी हुई है, हालांकि ज्वार और मक्का में थोड़ी गिरावट देखी गई है। तिलहन फसलों की बुवाई में इस बार सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की गई है। अब तक 42.33 लाख हेक्टेयर में तिलहन फसलें बोई जा चुकी हैं, जो पिछले साल की तुलना में 4.91 लाख हेक्टेयर अधिक है। इनमें सरसों और रेपसीड की बुवाई सबसे आगे रही, जो 41.69 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गई है। यह पिछले साल से लगभग 5 लाख हेक्टेयर ज्यादा है।
रबी सीजन में धान की बुवाई में मामूली गिरावट देखी गई है। 2025-26 में रबी धान का रकबा घटकर 3.71 लाख हेक्टेयर रह गया, जो पिछले साल 4.51 लाख हेक्टेयर था। कुल रबी धान क्षेत्र 42.93 लाख हेक्टेयर है। कृषि मंत्रालय के आंकड़े बताते हैं कि इस बार रबी फसलों की बुवाई में किसानों का रुझान बढ़ा है। खासकर गेहूं, दलहन और तिलहन में बढ़ी बुवाई से संकेत मिल रहे हैं कि इस साल रबी उत्पादन पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर रहने की संभावना है।
रबी सीजन में धान की बुवाई में मामूली गिरावट देखी गई है। 2025-26 में रबी धान का रकबा घटकर 3.71 लाख हेक्टेयर रह गया, जो पिछले साल 4.51 लाख हेक्टेयर था। कुल रबी धान क्षेत्र 42.93 लाख हेक्टेयर है। कृषि मंत्रालय के आंकड़े बताते हैं कि इस बार रबी फसलों की बुवाई में किसानों का रुझान बढ़ा है। खासकर गेहूं, दलहन और तिलहन में बढ़ी बुवाई से संकेत मिल रहे हैं कि इस साल रबी उत्पादन पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर रहने की संभावना है।