Farmers Protest: क्या एमपी के किसान पहुंच पाएंगे दिल्ली? आंदोलन में शामिल होने के लिए संगठन बना रहे ये रणनीति
निरंतर एक्सेस के लिए सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ रजिस्टर्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ सब्सक्राइब्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
विस्तार
देशभर में एक बार फिर किसान एकजुट हो रहे हैं। फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानून बनाने की मांग को लेकर केंद्र पर दबाव बनाने के लिए किसान नेताओं के ‘दिल्ली चलो‘ मार्च से पहले मध्यप्रदेश के कई किसान नेताओं को एहतियातन गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने इन किसानों को प्रतिबंधात्मक कानून के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने इन किसानों को आईबी की रिपोर्ट के आधार पर गिरफ्तार किया है। इन सभी किसानों को 12-13 फरवरी की देर रात गिरफ्तार किया। वहीं अब उनके परिजन इन्हें लेकर परेशान हो रहे हैं।
मध्यप्रदेश के किसान नेता शिवकुमार शर्मा कक्काजी अमर उजाला से बातचीत में कहते हैं कि मध्यप्रदेश के किसानों को जेल में डालने का काम स्थानीय प्रशासन ने 12 फरवरी से शुरू कर दिया था। प्रदेश के शिवपुरी, रीवा, जबलपुर, मंडला, होशगाबाद, सिहोर, धार-झाबुआ, रतलाम, नीमच-मंदसौर सहित अन्य जगह से किसानों को पकड़कर जेल में डाल दिया गया है। आज भी करीब 300 से ज्यादा किसान नेता जेल में बंद हैं। एक तरफ सरकार किसानों से बात कर हल निकालने की बात करती है, जबकि दूसरी तरफ किसानों को जेल में बंद कर रही है।
मध्यप्रदेश ही नहीं केरल, कर्नाटक और दक्षिण भारत के अलग-अलग इलाकों से आ रहे प्रमुख किसान नेताओं को पुलिस ने भोपाल में जबरन ट्रेन से उतार लिया। यहां उन्हें गिरफ्तार कर लिया। परिवार और किसान संगठनों के दबाव के बाद पुलिस किसान नेताओं को छोड़ रही है। जैसे-जैसे ये किसान नेता जेल से छुटेंगे, वे सभी दिल्ली और आंदोलन में शामिल होंगे। राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र से आने वाले किसानों अभी हरियाणा के पलवल तक पहुंच गए हैं, वहां से हरियाणा होते हुए पंजाब के आंदोलन में शामिल होंगे।
शिवकुमार शर्मा कक्काजी बताते हैं कि केंद्र सरकार ने किसान संगठनों को चर्चा के लिए चंडीगढ़ बुलाया था। इस बैठक में शामिल होने के लिए मैं भोपाल से चंढ़ीगढ़ जा रहा था। तभी स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने मुझे गिरफ्तार कर लिया। हालांकि बाद में मुझे छोड़ दिया गया। इसी बीच मेरी ट्रेन छूट गई। मैं बैठक में शामिल नहीं हो पाया।
इससे पहले जब नए कृषि कानूनों के विरोध में किसान सड़क पर उतरे थे, तो मध्यप्रदेश से शिवकुमार शर्मा किसानों का अहम चेहरा बने थे। कुछ साल पहले कक्का जी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े संगठन भारतीय किसान संघ से जुड़े थे, लेकिन तत्कालीन मुख्यमंत्री रहे शिवराज सिंह चौहान के साथ मतभेद हुए और उन्होंने रास्ता बदला। उन्होंने नए संगठन राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ का गठन किया है।
आईबी की रिपोर्ट के आधार पर हजारों नेताओं को किया गिरफ्तार
जानकारी के मुताबिक, मध्यप्रदेश के पुलिस विभाग ने अलग-अलग जिलों से किसान नेताओं को गिरफ्तार किया था। पुलिस को इंटेलिजेंस ब्यूरो से खबर मिली कि अन्य राज्यों के अलावा एमपी से भी किसान यहां से हरियाणा-दिल्ली के किसानों के आंदोलन में शामिल होंगे। यह खबर के मिलते ही पुलिस फौरन हरकत में आई। पुलिस ने बाकायदा योजना बना कर 12-13 फरवरी की देर रात किसानों के घरों पर धावा बोल दिया। पुलिस ने तुरंत सभी को घर से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद एसडीएम के आदेश पर उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस के मुताबिक इन सभी किसानों को प्रतिबंधात्मक कानून के तहत गिरफ्तार किया गया है।