Farmers Protest: अमर उजाला से बोले कृषि मंत्री मुंडा- बातचीत के लिए तैयार सरकार, MSP पर दिया ये जवाब
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अपनी मांगों को लेकर किसान संगठन एक बार फिर राजधानी दिल्ली कूच कर रहे हैं। सोमवार को केंद्रीय मंत्रियों के साथ बैठक बेनतीजा होने के बाद पंजाब-हरियाणा और पश्चिमी यूपी के किसान ट्रैक्टर ट्रॉलियों में टेंट, राशन और अन्य सामान भरकर दिल्ली कूच के लिए निकल पड़े हैं। इस बीच अमर उजाला डिजिटल ने केंद्रीय कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा से बातचीत की है।
केंद्रीय मंत्री का कहना है कि सरकार किसानों के मुद्दों पर सजग है। सरकार की किसान संगठनों से बात हुई है, लेकिन कुछ मुद्दों पर सहमति बनी है, तो कुछ पर नहीं बन पाई है। हम बातचीत के माध्यम से समाधान ढूंढेंगे। हम आगे भी बैठक के लिए तैयार हैं। हमारे दरवाजे किसानों के लिए खुले हुए हैं। कुछ लोग नहीं चाहते हैं कि समाधान निकले। कुछ लोग जानबूझकर माहौल खराब कर रहे हैं। मेरी किसानों से अपील है कि ऐसे लोगों से बचें। किसानों के हितों को लेकर हमारी सरकार प्रतिबद्ध है।
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि बातचीत के जरिए हर मुद्दे का समाधान निकाला जा सकता हैं। किसानों और उनके संगठनों को भी समझना चाहिए कि सरकार की भी एक पद्धति और मापदंड होते हैं। कई मामले राज्यों से जुड़े होते हैं उनके साथ भी विचार-विमर्श करना होता है। इसके बाद फिर संगठनों से चर्चा करनी होती है। किसानों को इस बात को समझने की जरूरत है।
कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि सरकार को जानकारी मिली है कि कुछ लोग वातावरण को प्रदूषित करने की कोशिश कर रहे हैं। मैं किसानों को कहना चाहूंगा कि वे इनसे बचें। भारत सरकार किसानों के हितों की रक्षा करने के लिए बाध्य है। कुछ मुद्दों पर सहमति बन गई है। हम कुछ मुद्दों पर काम करने के लिए समाधान ढूंढ रहे हैं। जनता को परेशानी में नहीं डालना चाहिए किसान यूनियन को इसे समझना चाहिए।
कृषि मंत्री मुंडा कहते हैं कि किसान संगठन एमएसपी की जो बात कर रहे हैं, एमएसपी में 2013-14 की तुलना में 2023 और 24 में एमएसपी दर क्या है ये देखना चाहिए। सरकार भी चाहती है कि किसानों को उनके उत्पाद का पूरा मूल्य मिले। एमएसपी के मामले में यह बात कहना कि अभी ही सारी चीजें मिल जानी चाहिए, इसे राजनीति से प्रेरित नहीं होना चाहिए।