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किसान आंदोलनः विदेश से आई रकम पर सरकार रख रही है नजर, रडार पर हैं सैकड़ों अकाउंट

Thu, 11 Feb 2021 03:43 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Thu, 11 Feb 2021 03:43 PM IST
सार

  • विदेश से आने वाले हर पैसे पर लगी खुफिया निगाहें
  • पंजाब समेत हरियाणा और दिल्ली के संदिग्ध निशाने पर
  • खालिस्तान का समर्थन करने वालों का नाम सामने आने के बाद बढ़ा पहरा

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Farmers Protest: agency monitoring on foreign funding came from abroad, hundreds of accounts on the government radar
सिंघु बॉर्डर पर बैठे किसान - फोटो : Amar Ujala (File)

विस्तार

किसान आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभा रहे और उनको सहयोग देने वाले लोगों के साथ-साथ उनके नातेदारों-रिश्तेदार और जान पहचान के लोगों के अकाउंट में अगर बीते कुछ दिनों में अचानक विदेश से पैसों की बाढ़ आ गई है तो उनको अब अलर्ट हो जाना चाहिए।

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खुफिया एजेंसी ने ऐसे कुछ लोगों की पहचान की है जिनके अकाउंट में अचानक बीते कुछ दिनों से विदेश से आने वाले रुपयों की संख्या बढ़ गयी है। खुफिया एजेंसियों समेत जांच एजेंसियां अब इस बात की तस्दीक करने में जुटी हैं कि यह रुपया कहीं आंदोलन के लिए तो नहीं आया।
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जांच एजेंसियों को इनपुट मिले हैं कि आंदोलन को जारी रखने के लिए विदेश से लगातार पैसा आ रहा है। इसलिए पंजाब,  हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों समेत केरल और पश्चिम बंगाल से आंदोलन को सपोर्ट कर रहे लोगों के अकाउंट में होने वाले लेनदेन पर पैनी निगाहें बनी हुई हैं।
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जांच एजेंसियों के सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक बीते तीन महीनों में आंदोलन कर रहे नेताओं और उनके करीबी समर्थकों के वित्तीय प्रबंधन पर खुफिया पहरा लगा हुआ है। इसके अलावा जो संगठन इस आंदोलन में हिस्सा ले रहे हैं उन्हें मिलने वाली विदेशी फंडिंग पर भी नजरें लगी हुई हैं।

सबसे ज्यादा नजर पंजाब पर

बीते कुछ महीनों में पंजाब में हुए विदेशी लेनदेन पर खुफिया विभाग ने पहरा बढ़ा दिया है। सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसियों के पास पिछले कई सालों से विदेश से आने वाले रुपये का पूरा हिसाब-किताब है। आंदोलन में फंडिंग का आकलन बीते तीन महीने में बढ़े रुपयों की ट्रांजेक्शन से होगा।

खालिस्तान समर्थकों की पहचान

जांच एजेंसी से जुड़े लोगों का मानना है कि किसान आंदोलन में खालिस्तान समर्थकों की मौजूदगी और खालिस्तान समर्थकों के सपोर्ट की बात लगातार सामने आ रही है। ऐसे में आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए विदेश से हुए पैसों के लेन-देन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। सूत्रों के मुताबिक पंजाब के पांच हज़ार से ज्यादा लोगों के अकाउंट और वित्तीय प्रबंधन रडार पर हैं।

कनाडा और अमेरिका से आने वाले रुपयों पर सबसे ज्यादा नजर

सूत्रों के मुताबिक कनाडा और अमेरिका से हुए लेनदेन पर सबसे ज्यादा नजरें बनी हुई हैं। हालांकि पंजाब से विदेश में रहने वालों की संख्या बहुत ज्यादा है। ऐसे में उनके परिजन लगातार विदेश से अपने घर वालों को पैसे भेजते रहते हैं। इसका पूरा लेखा-जोखा बैंकों के पास है। खुफिया एजेंसियों को ऐसे किसी भी लेनदेन से कोई लेना देना नहीं है। लेकिन उन अकाउंट पर सबसे ज्यादा नजर है जो कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड अमेरिका और यूके से अचानक ज्यादा से ज्यादा पैसा अपने रिश्तेदार, नातेदार और करीबियों को भेजने लगे हैं।



खुफिया एजेंसी से जुड़े एक वरिष्ठ रिटायर्ड अधिकारी ने बताया के आंदोलन के मार्फत विदेशी ताकतें अपना एजेंडा सेट करने में जुटी हुईं हैं। इसमें खालिस्तान की मांग को लेकर विदेश की धरती से किसी भी आंदोलन को हवा देने वाले और उसमें विदेशी फंड मुहैया कराने वाले कुछ लोग और संगठन भी सक्रिय हुए हैं। इसलिए ऐसे आंदोलनों में फिर से आने वाले फंड की जांच बेहद जरूरी होती है। खुफिया एजेंसियां लगातार ऐसे मामलों पर नजर बनाए रहती हैं। किसान आंदोलन में निश्चित तौर पर खुफिया एजेंसियों को ऐसे मामलों में नजर बनाने की जरूरत है।

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