भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में हुए किसान आंदोलन ने आज उस वक्त उग्र रूप ले लिया जब उन्हें दिल्ली में एंट्री करने से पुलिस ने रोक दिया। इस दौरान किसानों पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए और वाटर कैनन का उपयोग किया गया। पुलिस की इस कार्रवाई में कई किसान गंभीर रूप से घायल हुए तो कई बेहोश हो गए। देर शाम तक किसान पुलिस से भिड़ते रहे। किसान संघ और गृहमंत्री राजनाथ सिंह के बीच एक बैठक भी हुई लेकिन उस बैठक का कुछ नतीजा नहीं निकला और रैली का नेतृत्व कर रहे नरेश टिकैत ने आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है।
आंदोलनकारियों और गृहमंत्री राजनाथ सिंह के बीच हुई बैठक में किसानों की 7 मांगों पर सहमति बनी है। सुरेश राणा ने राजनाथ सिंह के घर के बाहर हो रही बैठक खत्म होने के बाद ऐलान किया कि किसानों और सरकार के बीच 7 मुद्दों पर सहमति बनी है।
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत किसान संघ के नेताओं के साथ गाजीपुर सीमा पर बैठे किसानों से मिले और जिन मुद्दों पर बैठक में सहमति बनी थी उनका ऐलान भी किया।
केंद्रीय मंत्री की घोषणा के बाद भाकियू के अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा है कि वो सरकार से संतुष्ट नहीं हैं और अभी उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि अगर हम खुश होते तो सरकार की जय-जयकार करते लेकिन ऐसा नहीं है। वहीं आज अजित सिंह भी किसानों से मिलने पहुंचे।
इससे पहले किसानों को दिल्ली पहुंचने से रोकने के लिए यूपी से दिल्ली में प्रवेश करने के सभी रास्तों को बंद कर दिया गया था। इसके बावजूद हजारों किसान बैरिकेडिंग तोड़कर दिल्ली में घुस गए।