{"_id":"65cec36c22a3690fc20552a8","slug":"farmer-protest-work-done-improve-financial-condition-agricultural-sector-food-grains-and-cash-assistance-2024-02-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"मोदी सरकार: कानूनी गारंटी नहीं मगर एमएसपी में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, कृषि क्षेत्र की माली हालत सुधारने पर हुआ काम","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
मोदी सरकार: कानूनी गारंटी नहीं मगर एमएसपी में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, कृषि क्षेत्र की माली हालत सुधारने पर हुआ काम
Fri, 16 Feb 2024 07:37 AM IST
यशोधन शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: यशोधन शर्मा
Updated Fri, 16 Feb 2024 07:37 AM IST
सार
मोदी सरकार के कार्यकाल में अन्न भंडारण क्षमता में भी सौ फीसदी से अधिक वृद्धि दर्ज की गई। इसके अलावा सरकार ने बीते साल सहकारिता क्षेत्र में 700 लाख टन अन्न भंडारण क्षमता विकसित करने की योजना शुरू की।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आंदोलनरत किसानों और सरकार के बीच गतिरोध सुलझाने में सबसे बड़ा पेच एमएसपी पर खरीद पर कानूनी गारंटी है। हालांकि सच्चाई यह है कि मोदी सरकार के कार्यकाल में एमएसपी में न सिर्फ रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई, बल्कि सरकारी खरीददारी के दायरे में बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए हैं। 10 साल में अन्न भंडारण क्षमता में भी रिकॉर्ड वृद्धि हुई है।
विज्ञापन
10 साल में धान के एमएसपी पर करीब 64 फीसदी व गेहूं पर 58 फीसदी की वृद्धि हुई। मोदी सरकार ने पूर्ववर्ती यूपीए सरकार के 10 साल की तुलना में धान पर किसानों को 7.78 लाख करोड़ और गेहूं पर करीब 3.18 लाख करोड़ का अधिक भुगतान किया है। यूपीए सरकार में धान के एमएसपी पर 4,40,496.78 करोड़ की तुलना में मोदी सरकार में 12,18,156 करोड़ से अधिक राशि खर्च की गई। गेहूं पर यूपीए सरकार में करीब 2,26,813 करोड़, जबकि मोदी सरकार के कार्यकाल में 5,44,332 करोड़ खर्च किए गए।
विज्ञापन
100 फीसदी बढ़ी क्षमता
मोदी सरकार के कार्यकाल में अन्न भंडारण क्षमता में भी सौ फीसदी से अधिक वृद्धि दर्ज की गई। इसके अलावा सरकार ने बीते साल सहकारिता क्षेत्र में 700 लाख टन अन्न भंडारण क्षमता विकसित करने की योजना शुरू की।
विज्ञापन
ये भी प्रयास किए गए
श्रीअन्न मतलब मोटे अनाज की मांग दुनिया में बढ़ रही है। बीते साल पीएम मोदी के प्रयासों से अंतरराष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष घोषित हुआ। सरकार के प्रयासों से इसी साल श्रीअन्न का उत्पादन 17.32 लाख टन रहा।