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किसान आंदोलन को मिल रहा ऑस्ट्रेलिया और दुबई से समर्थन, किसानों ने ट्रूडो के बयान को ठहराया सही

Sat, 05 Dec 2020 09:54 PM IST
दीप्ति मिश्रा राहुल संपाल, नई दिल्ली
राहुल संपाल, नई दिल्ली Published by: दीप्ति मिश्रा Updated Sat, 05 Dec 2020 09:54 PM IST
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farmer protest getting support from Australia and Dubai, farmers justify Justin trudeau's statement
किसान आंदोलन

सिंघु बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन को अब अन्य देशों का भी समर्थन मिलने लगा है। एक तरफ जहां विभिन्न राज्यों के किसान आंदोलन में जुट रहे हैं, तो दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलिया और दुबई से आए लोग भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर अपना समर्थन दे रहे हैं।

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ऑस्ट्रेलिया के मेलबॉर्न में रहने वाले गुरलाल सिंह इन दिनों सिंघु बॉर्डर के किसान आंदोलन में हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने अमर उजाला से कहा, ''करीब 12 दिन पहले ही पंजाब आया था। जैसे ही पता चला कि दिल्ली में आंदोलन तेज हो गया है, तो दोस्तों के साथ यहां आकर किसान भाइयों के समर्थन में जुट गया है। हम अपनी मांगें मंगवा कर ही दम लेंगे। जब तक कोई हल नहीं निकलता, तब तक यहीं हल्ला बोल करते रहेंगे।''
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दुबई से आए जसवीर राणा ने बताया, ''आंदोलन के एक दिन पहले ही मैं अपने घर हरियाणा पहुंचा था। अगले दिन से गांव के सभी किसान और परिवार के लोग सिंघु बॉर्डर आंदोलन के लिए निकल गए। तीन चार दिन बाद जब पता चला कि सरकार मांगें नहीं मान रही है, तो फिर मैं भी परिवार वालों का साथ देने यहां आ गया।'
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जस्टिन ट्रूडो जो बात समझ गए, मोदी क्यों नहीं समझा रहे
कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो के बयान के पक्ष में सिंघु बॉर्डर के किसान भी नजर आ रहे हैं। किसानों का कहना है कि कनाडा में हमारे कम्युनिटी के लोग बसते हैं। वे भी हमारे लिए चिंतित हैं, जो बात कनाडा के पीएम को समझ में आ गई वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को क्यों नहीं समझ आ रही।

किसान नेता भूपेंद्र सिंह ने अमर उजाला से कहा, ''हमारे कई लोग कनाडा में बसते हैं। कई लोग शासन और प्रशासन में अच्छी पोस्ट पर बैठे हैं। वे लोग हमारे पक्ष में खड़े हैं। एक दूसरे देश का पीएम हमारे लिए इतनी चिंता कर रहा है। हमारे लिए आवाज उठा रहा है, लेकिन हमारे देश की सरकार किसानों का हक मारने पर लगी हुई है।''

किसान नेता अमरिंदर का कहना है कि हमारे सिख भाई बहन बड़ी तादाद में ऑस्ट्रेलिया और कनाडा में बसते हैं। वे लोग रोज हमारे आंदोलन की अपडेट फोन के जरिए हमसे ले रहे हैं। कनाडा के पीएम समेत कई अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं के लोग हमारे साथ खड़े हैं लेकिन भारत के राजनेता आंतरिक मामला बताने में लगे हुए हैं। किसानों के मुद्दे पर राजनीति से ये लोग बाज नहीं आ रहे।


हाल ही में कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो ने भारत में आंदोलन कर रहे किसानों का समर्थन किया था। उन्होंने कहा था कि शांतिपूर्ण विरोध के अधिकारों की रक्षा के लिए कनाडा हमेशा साथ रहेगा। साथ ही उन्होंने स्थिति पर चिंता जताई थी। कनाडा के पीएम के बयान पर भारत ने नाराजगी भी व्यक्त की थी। लेकिन इसके बाद भी ट्रूडो अपने रुख पर कायम रहे। ट्रूडो ने कहा है, 'कनाडा हमेशा दुनिया भर में शांतिपूर्ण तरीके से विरोध-प्रदर्शन के अधिकार के समर्थन में खड़ा रहेगा। और हम तनाव को घटाने और संवाद के लिए कदम उठाए जाने से बेहद खुश हैैं। 

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