{"_id":"66d9d743c873cd172104c862","slug":"farmer-organizations-opened-a-front-against-the-central-government-s-digital-agriculture-mission-policy-2024-09-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"DAM: किसान संगठनों ने अब केंद्र सरकार की इस नीति के खिलाफ खोला मोर्चा, कहा ऐसे होगा इसका ऐसा विरोध","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
DAM: किसान संगठनों ने अब केंद्र सरकार की इस नीति के खिलाफ खोला मोर्चा, कहा ऐसे होगा इसका ऐसा विरोध
Thu, 05 Sep 2024 09:37 PM IST
पवन पांडेय
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
Published by: पवन पांडेय
Updated Thu, 05 Sep 2024 09:37 PM IST
विज्ञापन
निरंतर एक्सेस के लिए सब्सक्राइब करें
सार
आगे पढ़ने के लिए लॉगिन या रजिस्टर करें
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ रजिस्टर्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ सब्सक्राइब्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
फ्री ई-पेपर
सभी विशेष आलेख
सीमित विज्ञापन
सब्सक्राइब करें
डिजिटल कृषि मिशन के खिलाफ किसान संगठन
- फोटो :
अमर उजाला
विस्तार
अखिल भारतीय किसान सभा ने केंद्र सरकार की डिजिटल कृषि मिशन को आड़े हाथों लिया है। किसान सभा के पदाधिकारियों ने गुरुवार को बैठक कर कहा कि यह नीति किसानों की आजीविका लिए खतरा है। क्योंकि इस नीति के तहत जो योजनाएं शुरू की जानी हैं वह कॉरपोरेटीकरण की एक सोची-समझी योजना का हिस्सा है। अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक धवले ने केंद्र सरकार से मांग की है कि वह किसानों के हितों में कृषि क्षेत्र में सार्वजनिक निवेश बढ़ाए। इसके अलावा एमएसपी सुनिश्चित करें। फिलहाल संगठन ने गुरुवार की बैठक में किसानों को अगले बड़े आंदोलन के लिए तैयार रहने को कहा है।।'डिजिटल कृषि मिशन से किसानों का कोई सीधा हित नहीं'
गुरुवार को आयोजित हुई बैठक में किसान सभा से जुड़े पदाधिकारियों ने कहा कि 1400 करोड़ रुपए वाले डिजिटल कृषि मिशन से किसानों का कोई सीधा हित नहीं है। संघ के अध्यक्ष अशोक धवले कहते हैं कि भारतीय किसानों का बड़ा हिस्सा छोटे, सीमांत, भूमिहीन और बटाईदार किसानो का है। उनका आरोप है कि यदि इन तबकों को बड़े व्यवसाय के नेतृत्व वाले डिजिटलीकरण में शामिल किया जाता है तो निगम पूरे कृषि उत्पादन पर हावी हो सकते हैं। ऐसी दशाओं में किसानों की आजीविका पर दुष्प्रभाव पड़ना तय है।
नई योजना का सीधे तौर पर किया जा रहा कॉर्पोरेटीकरण
संघ से जुड़े किसान नेताओं ने इस दौरान कहा कि मोदी सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने की बात कही थी। लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ है। ऐसे में इस नई योजना से सीधा किसान लाभान्वित होगा इसकी संभावना भी न के बराबर दिख रही है। किसान नेताओं ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि इस नई योजना का सीधे तौर पर कॉर्पोरेटीकरण किया जा रहा है। जिसका लाभ बड़े औद्योगिक घरानों को मिलेगा। इसलिए उनका संगठन इसका विरोध कर रहा है।
केंद्र सरकार की मुक्त बाजार की चाहत- एआईकेएस
अखिल भारतीय किसान सभा (एआईकेएस) ने कहा कि कृषि में शोध के आधुनिकीकरण के लिए घोषित योजना में केंद्र सरकार की मुक्त बाजार की चाहत साफ दिख रही है। उन्होंने इस बैठक के दौरान किसानों से अपील की ह।की की एनडीए सरकार की इस नीति का विरोध किया जाए। संगठन ने मांग की है की केंद्र सरकार सभी कृषि इनपुट पर जीएसटी हटाकर उत्पादन लागत कम करे। इसके अलावा छोटे और मध्यम किसानों तथा खेत मजदूरों को प्राथमिकता देकर किसानों के कर्ज माफ करें।