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बेटे-बहू-पोते के नाम की संपत्ति, फिर अनशन पर बैठे: जानें कौन हैं किसान नेता डल्लेवाल, जिनकी जान पर बना खतरा
Fri, 20 Dec 2024 05:28 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Fri, 20 Dec 2024 05:28 PM IST
सार
किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल कौन हैं? उनका इतिहास क्या रहा है? उनकी तबीयत को लेकर डॉक्टरों का क्या कहना है? सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में क्या कहा है? आइये जानते हैं...
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किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की तबीयत बिगड़ी।
- फोटो : PTI/अमर उजाला
विस्तार
पंजाब के किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल का स्वास्थ्य बिगड़ गया है। डॉक्टरों का कहना है कि अनशन के चलते उनकी जान पर बन आई है। 70 वर्षीय किसान नेता बीते करीब 25 दिन से लगातार पंजाब-हरियाणा के बीच खनौरी बॉर्डर पर आमरण अनशन कर रहे हैं।
बता दें कि डल्लेवाल जो कि संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के नेता हैं। वे 26 नवंबर से अनशन पर हैं, ताकि केंद्र पर फसलों के एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) की कानूनी गारंटी सहित आंदोलनकारी किसानों की मांगों को स्वीकार करने के लिए दबाव बनाया जा सके।
ऐसे में यह जानना अहम है कि किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल कौन हैं? उनका इतिहास क्या रहा है? उनकी तबीयत को लेकर डॉक्टरों का क्या कहना है? सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में क्या कहा है? आइये जानते हैं...
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बता दें कि डल्लेवाल जो कि संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के नेता हैं। वे 26 नवंबर से अनशन पर हैं, ताकि केंद्र पर फसलों के एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) की कानूनी गारंटी सहित आंदोलनकारी किसानों की मांगों को स्वीकार करने के लिए दबाव बनाया जा सके।
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ऐसे में यह जानना अहम है कि किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल कौन हैं? उनका इतिहास क्या रहा है? उनकी तबीयत को लेकर डॉक्टरों का क्या कहना है? सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में क्या कहा है? आइये जानते हैं...
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कौन हैं किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल?
जगजीत सिंह डल्लेवाल भारतीय किसान यूनियन (एकता सिधपुर) के अध्यक्ष भी हैं। वे पंजाब के फरीदकोट में आने वाले डल्लेवाल गांव के रहने वाले हैं। बताया जाता है कि किसान परिवार से आने वाले डल्लेवाल ने अपना पोस्टग्रैजुएशन पंजाबी यूनिवर्सिटी से पूरा किया है।
उनकी भारतीय किसान यूनियन (एकता सिधपुर) 2022 में ही संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) से अलग होकर बना संगठन है। दरअसल, तब एसकेएम के ही एक नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने संयुक्त समाज मोर्चा का गठन कर पंजाब में 2022 का विधानसभा चुनाव लड़ने का एलान कर दिया था। इसके बाद डल्लेवाल ने अपने संगठन को अलग कर लिया और जुलाई 2022 में संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) का गठन किया। यह संगठन 150 किसान यूनियनों को मिलाकर बना है, जो कि राजनीति में शामिल नहीं हैं।
डल्लेवाल के संगठन- संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा के बैनर तले किसान 13 फरवरी से पंजाब और हरियाणा के बीच शंभू और खनौरी बॉर्डर पर डेरा डाले हुए हैं। किसान दिल्ली जाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन सुरक्षा बलों ने उनके दिल्ली जाने से रोक दिया था, जिसके बाद वे बॉर्डर पर ही धरने पर बैठ गए थे।
जगजीत सिंह डल्लेवाल भारतीय किसान यूनियन (एकता सिधपुर) के अध्यक्ष भी हैं। वे पंजाब के फरीदकोट में आने वाले डल्लेवाल गांव के रहने वाले हैं। बताया जाता है कि किसान परिवार से आने वाले डल्लेवाल ने अपना पोस्टग्रैजुएशन पंजाबी यूनिवर्सिटी से पूरा किया है।
उनकी भारतीय किसान यूनियन (एकता सिधपुर) 2022 में ही संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) से अलग होकर बना संगठन है। दरअसल, तब एसकेएम के ही एक नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने संयुक्त समाज मोर्चा का गठन कर पंजाब में 2022 का विधानसभा चुनाव लड़ने का एलान कर दिया था। इसके बाद डल्लेवाल ने अपने संगठन को अलग कर लिया और जुलाई 2022 में संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) का गठन किया। यह संगठन 150 किसान यूनियनों को मिलाकर बना है, जो कि राजनीति में शामिल नहीं हैं।
डल्लेवाल के संगठन- संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा के बैनर तले किसान 13 फरवरी से पंजाब और हरियाणा के बीच शंभू और खनौरी बॉर्डर पर डेरा डाले हुए हैं। किसान दिल्ली जाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन सुरक्षा बलों ने उनके दिल्ली जाने से रोक दिया था, जिसके बाद वे बॉर्डर पर ही धरने पर बैठ गए थे।
आमरण अनशन पर बैठने से पहले अपनी संपत्ति परिवार को सौंपी
जगजीत सिंह डल्लेवाल किसानों के आंदोलन को लेकर कितने गंभीर रहे हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह आमरण अनशन पर बैठने से पहले ही अपनी संपत्ति का हिसाब कर इसे परिवार के सदस्यों को सौंप चुके हैं। एक मीडिया संस्थान को दिए इंटरव्यू में उनके बेटे गुरपिंदरपाल डल्लेवाल ने बताया है कि जगजीत सिंह ने उन्हें अपनी संपत्ति में से 4.5 एकड़ जमीन सौंपी है। इसके अलावा उनकी पत्नी हरप्रीत कौर के नाम दो एकड़ और अपने पोते जिगरजोत सिंह के नाम 10.5 एकड़ जमीन की है। एसकेएम (गैर-राजनीतिक) के नेता ने कहा कि उन्होंने अपनी बहू के नाम जमीन इसीलिए की है, ताकि वह खुद आर्थिक तौर पर सुरक्षित रहे।
जगजीत सिंह डल्लेवाल किसानों के आंदोलन को लेकर कितने गंभीर रहे हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह आमरण अनशन पर बैठने से पहले ही अपनी संपत्ति का हिसाब कर इसे परिवार के सदस्यों को सौंप चुके हैं। एक मीडिया संस्थान को दिए इंटरव्यू में उनके बेटे गुरपिंदरपाल डल्लेवाल ने बताया है कि जगजीत सिंह ने उन्हें अपनी संपत्ति में से 4.5 एकड़ जमीन सौंपी है। इसके अलावा उनकी पत्नी हरप्रीत कौर के नाम दो एकड़ और अपने पोते जिगरजोत सिंह के नाम 10.5 एकड़ जमीन की है। एसकेएम (गैर-राजनीतिक) के नेता ने कहा कि उन्होंने अपनी बहू के नाम जमीन इसीलिए की है, ताकि वह खुद आर्थिक तौर पर सुरक्षित रहे।
पहले भी अनशन करते रहे हैं डल्लेवाल
यह पहली बार नहीं है जब किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कोई आमरण अनशन शुरू किया है। सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे को मानने वाले डल्लेवाल ने इससे पहले उनके साथ 23 मार्च 2018 को भी दिल्ली में अनशन किया था। तब हजारे लोकपाल कानून को तुरंत लागू करने की मांग कर रहे थे। इसके अलावा उन्होंने कृषि संकट और बेहतर चुनावी प्रक्रिया की मांग करते हुए अनशन किया था।
डल्लेवाल ने आखिरी बार 8 जून 2023 को अनशन किया था। तब उन्होंने पटियाला में पंजाब राज्य ऊर्जा कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) के मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया था। किसान नेता ने राज्य सरकार के सामने 21 मांगें रखी थीं।
यह पहली बार नहीं है जब किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कोई आमरण अनशन शुरू किया है। सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे को मानने वाले डल्लेवाल ने इससे पहले उनके साथ 23 मार्च 2018 को भी दिल्ली में अनशन किया था। तब हजारे लोकपाल कानून को तुरंत लागू करने की मांग कर रहे थे। इसके अलावा उन्होंने कृषि संकट और बेहतर चुनावी प्रक्रिया की मांग करते हुए अनशन किया था।
डल्लेवाल ने आखिरी बार 8 जून 2023 को अनशन किया था। तब उन्होंने पटियाला में पंजाब राज्य ऊर्जा कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) के मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया था। किसान नेता ने राज्य सरकार के सामने 21 मांगें रखी थीं।
लगातार कैसे बिगड़ी डल्लेवाल की तबीयत
खनौरी बॉर्डर पर जगजीत सिंह डल्लेवाल का इलाज कर रहे डॉक्टरों ने बताया है कि किसान नेता ने पिछले 24 दिन से कुछ नहीं खाया है। उन्होंने कहा, ‘‘इस वजह से उनकी हालत गंभीर है और उन्हें हृदयाघात होने और कई अंगों के काम करना बंद होने का खतरा है।’’
चिकित्सक अभिराज ने कहा, ‘‘हम हर दिन उनकी निगरानी कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आज उनका रक्तचाप कम हो गया। हमने उनके पैरों की मालिश की। लेकिन उनकी स्थिति बहुत नाजुक है। अभी उनकी जान खतरे में है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘किसी भी समय कुछ भी हो सकता है।’’ उन्होंने कहा कि अभी कीटोन का स्तर बहुत अधिक है।
वहीं, किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि डल्लेवाल की हालत खराब हो गई है। उन्होंने कहा, ‘‘जब वह नहाने के लिए वाशरूम गए और बाहर आए तो उनकी हालत बिगड़ गई। उन्हें चक्कर आने लगा, वह गिर पड़े, उल्टी हुई और लगभग 8-10 मिनट तक बेहोश रहे।’’ कोहाड़ ने बताया कि चिकित्सकों ने उनकी मालिश की और उनके प्रयासों से उनका रक्तचाप बढ़ गया, लेकिन उनकी स्थिति गंभीर है।
खनौरी बॉर्डर पर जगजीत सिंह डल्लेवाल का इलाज कर रहे डॉक्टरों ने बताया है कि किसान नेता ने पिछले 24 दिन से कुछ नहीं खाया है। उन्होंने कहा, ‘‘इस वजह से उनकी हालत गंभीर है और उन्हें हृदयाघात होने और कई अंगों के काम करना बंद होने का खतरा है।’’
चिकित्सक अभिराज ने कहा, ‘‘हम हर दिन उनकी निगरानी कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आज उनका रक्तचाप कम हो गया। हमने उनके पैरों की मालिश की। लेकिन उनकी स्थिति बहुत नाजुक है। अभी उनकी जान खतरे में है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘किसी भी समय कुछ भी हो सकता है।’’ उन्होंने कहा कि अभी कीटोन का स्तर बहुत अधिक है।
वहीं, किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि डल्लेवाल की हालत खराब हो गई है। उन्होंने कहा, ‘‘जब वह नहाने के लिए वाशरूम गए और बाहर आए तो उनकी हालत बिगड़ गई। उन्हें चक्कर आने लगा, वह गिर पड़े, उल्टी हुई और लगभग 8-10 मिनट तक बेहोश रहे।’’ कोहाड़ ने बताया कि चिकित्सकों ने उनकी मालिश की और उनके प्रयासों से उनका रक्तचाप बढ़ गया, लेकिन उनकी स्थिति गंभीर है।
सुप्रीम कोर्ट ने तबीयत को लेकर क्या कहा?
डल्लेवाल की लगातार बिगड़ती तबीयत को लेकर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार को फटकार लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को पंजाब सरकार को निर्देश दिया है कि वे अनशन कर रहे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल को खनौरी बॉर्डर पर ही एक अस्थायी अस्पताल बनाकर उसमें स्थानांतरित करें, ताकि उनकी सेहत पर चौबीस घंटे नजर रखी जा सके।
जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस उज्जल भुइयां की पीठ ने पंजाब सरकार के एडवोकेट जनरल गुरमिंदर सिंह से कहा कि वे डल्लेवाल को पंजाब और हरियाणा के बीच स्थित खनौरी बॉर्डर पर विरोध स्थल के पास बने अस्थायी अस्पताल में स्थानांतरित करने के संबंध में आज ही एक अंडरटेकिंग दाखिल करें।
डल्लेवाल की लगातार बिगड़ती तबीयत को लेकर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार को फटकार लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को पंजाब सरकार को निर्देश दिया है कि वे अनशन कर रहे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल को खनौरी बॉर्डर पर ही एक अस्थायी अस्पताल बनाकर उसमें स्थानांतरित करें, ताकि उनकी सेहत पर चौबीस घंटे नजर रखी जा सके।
जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस उज्जल भुइयां की पीठ ने पंजाब सरकार के एडवोकेट जनरल गुरमिंदर सिंह से कहा कि वे डल्लेवाल को पंजाब और हरियाणा के बीच स्थित खनौरी बॉर्डर पर विरोध स्थल के पास बने अस्थायी अस्पताल में स्थानांतरित करने के संबंध में आज ही एक अंडरटेकिंग दाखिल करें।