फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   farmer killed by elephants

किसान को जंगली हाथियों ने पटक-पटक कर मार डाला

Thu, 10 Mar 2016 05:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंदनचौकी (लखीमपुर खीरी)
ब्यूरो/अमर उजाला, चंदनचौकी (लखीमपुर खीरी) Updated Thu, 10 Mar 2016 05:18 AM IST
सार

  • टार्च की रोशनी और पटाखे दागे जाने से हाथी बिदक गया।
  • खेत की रखवाली के लिए मचान पर बैठा था, सीढ़ी हिला कर नीचे गिराया।
  • झोपड़ी भी की तहस-नहस, इलाके में फैला जंगली हाथियों का खौफ।

विज्ञापन
farmer killed by elephants
हाथी (प्रतीकात्मक तस्वीर)

विस्तार

लखीमपुर खीरी में थारू क्षेत्र के ग्राम बजाही के खेतिहर इलाके में मचान पर बैठकर खेत की रखवाली कर रहे एक किसान को जंगली हाथियों ने सीढ़ी हिलाकर नीचे गिरा दिया। इसके बाद उसे पटक-पटक कर मार डाला। हाथियों ने पास में उसकी झोपड़ी को भी तहसनहस कर दिया।

विज्ञापन

 
दुधवा नेशनल पार्क की रेंज दुधवा की छिदिया चौकी के तहत ग्राम बजाही निवासी स्वर्गीय सुमला के 60 वर्षीय पुत्र ठग्गन जंगल से कुछ दूर अपने खेत में खड़ी गेहूं की फसल की रखवाली करने के लिए खेत में ही बनाई गई झोपड़ी में रहता था और रात में मचान पर खेत की रखवाली के लिए बैठता था।
विज्ञापन


मंगलवार की रात करीब 11 बजे दुधवा के जंगल से करीब पांच दर्जन से ज्यादा जंगली हाथियों का एक झुंड वहां आ धमका। झुंड ने मचान के नीचे आकर चिंघाड़ना शुरू किया तो ठग्गन ने पास रखी एक बड़ी टार्च जला दी और फिर पटाखे दागने शुरू कर दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


टार्च की रोशनी और पटाखे दागे जाने से हाथी बिदक गया और उन्होंने सीढ़ी हिलाकर उसे मचान से नीचे गिरा दिया। इसके बाद उसे पटक-पटक कर वहीं मार डाला। वहीं कुछ दूर पर खेत की रखवाली कर रहे सथुरा भगत ने बुधवार सुबह हाथियों के चले जाने के बाद मौके पर पहुंच कर शव को देखा।

उसने ही पूरे मामले की जानकारी मृतक के घरवालों और गांव वालों को दी। जिस पर वहां लोगों की भीड़ जुट गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेजा।

डब्ल्यूडब्ल्यूएफ ने दी दस हजार की तात्कालिक सहायता

farmer killed by elephants
rupees note

डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की ओर से मृतक किसान को दस हजार रुपये की तात्कालिक सहायता राशि दी गई है। यह राशि दुधवा नेशनल पार्क के वार्डेन एनके उपाध्याय ने दी। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह तात्कालिक सहायता है और नए जीओ के मुताबिक जो भी सहायता राशि बनेगी दिलाई जाएगी। इस दौरान रेंजर मनोज श्रीवास्तव, वन दरोगा रामकुमार, वनरक्षक सतीश कुमार सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

महज सात बीघा जमीन का मालिक था ठग्गन

ठग्गन के पास महज सात बीघा जमीन थी और इससे परिवार को गुजारा नहीं होता था। पुत्रों नरायन और राम सरन ने बताया कि उनके अलावा उसकी एक बहन भी है। इस खेती से परिवार का गुजारा नहीं हो पाता था जिसके चलते वह मजदूरी कर परिवार का खर्च चलाते  थे। पिता की मौत से पूरा परिवार गमगीन है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed