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यौन शोषण के शिकार बच्चों को समय पर न्याय दिलाएगा कैलाश सत्यार्थी फाउंडेशन का अभियान, फरहान अख्तर बने ब्रांड अंबेसडर

Wed, 17 Mar 2021 08:42 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गौरव पाण्डेय Updated Wed, 17 Mar 2021 08:42 PM IST
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Farhan Akhtar becomes brand ambassador of Kailash Satyarthi foundation Justice for Every Child campaign
फरहान अख्तर - फोटो : फाइल

कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेंस फाउंडेशन यौन शोषण और दुष्कर्म के शिकार बच्चों और उनके परिवारों को तय समय पर न्याय, स्वास्थ्य सहायता और पुनर्वास सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए देशव्यापी 'जस्टिस फॉर एवरी चाइल्ड' अभियान शुरू करने जा रहा है। 21 मार्च को शुरू होने वाला यह अभियान एक वर्ष तक चलेगा। यह अभियान देश के उन 100 जिलों में चलेगा जो बाल उत्पीड़न और दुष्कर्म के दृष्टिकोण से अति संवेदनशील हैं। प्रसिद्ध अभिनेता और निर्देशक फरहान अख्तर इस अभियान से बतौर ब्रांड अंबेसडर जुड़े हैं।

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इस मौके पर फरहान अख्तर ने बाल यौन शोषण की भयावहता को राष्ट्रीय आपातकाल करार देते हुए कहा, 'भारत में हर घंटे तीन बच्चों के साथ दुष्कर्म होता है और पांच बच्चे यौन उत्पीड़न के शिकार होते हैं। उन्हें न्याय के लिए लंबा संघर्ष करना पड़ता है, जो उन्हें जीवनभर पीड़ा देने का काम करता है। यह एक राष्ट्रीय आपातकाल है और भारत के बच्चों को हमारी मदद की आवश्यकता है। ऐसे में 'जस्टिस फॉर एवरी चाइल्ड' मुहिम में कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेंस फाउंडेशन से जुड़ कर हम सब को इस लड़ाई को आगे बढ़ाना चाहिए।'
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देश में बच्चों के यौन शोषण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा है। बच्चों के शोषण पर रोक लगाने के खिलाफ बने कानून पॉक्सों अधिनियम के अनुसार एक निश्चित समय में जांच प्रकिया पूरी कर पीड़ितों को न्याय दिलाने का प्रावधान है। लेकिन ऐसा हो नहीं पा रहा है। इस अभियान का लक्ष्य बच्चों के यौन उत्पीड़न के मामले में देश के उन 100 संवेदनशील जिलों में यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत चल रहे कम से कम 5000 मामलों में बच्चों को तय समय में त्वरित न्याय दिलाना है। 
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इस अवधि के दौरान केएससीएफ यौन शोषण और बलात्कार के पीड़ित बच्चों को कानूनी और स्वास्थ्य सुविधाएं, पुनर्वास, शिक्षा और कौशल विकास के अवसरों की सुविधाएं प्रदान करेगा। बाल यौन शोषण के पीड़ितों और उनके परिवारों को विशेष रूप से मानसिक स्वास्थ्य सहायता भी संगठन मुहैया कराएगा। इस दौरान केएससीएफ लोगों को 'बाल मित्र' बनाने की प्रक्रिया के तहत न्यायपालिका और प्रशासनिक प्रणालियों से संबंधित हितधारकों को संवेदनशील बनाने के लिए बड़े पैमाने पर प्रशिक्षण कार्यशालाएंभी आयोजित करेगा।

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