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Kerala: 'एक ही समय में खुश और दुखी दोनों', विमान हादसे के 56 साल बाद जवान का शव मिलने पर परिवार का छलका दर्द
Tue, 01 Oct 2024 01:56 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: श्वेता महतो
Updated Tue, 01 Oct 2024 01:56 PM IST
सार
थॉमस चेरियन पथानामथिट्टा जिले के एलनथूर के रहने वाले थे। उनकी बहन ने बताया कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उन्हें अपने प्यारे भाई को विदाई देने का मौका मिलेगा। यह हादसा तब हुआ, जब चेरियन अपनी ट्रेनिंग पूरी करने के बाद अपनी पोस्टिंग पर जा रहे थे।
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56 साल बाद मिला जवान का शव
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
केरल निवासी थॉमस चेरियन के परिवारवाले एक ही समय में खुश और दुखी थे। दरअसल, 56 साल पहले हिमाचल प्रदेश में रोहतांग पास पर भारतीय वायुसेना का विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। दो इंजन वाले टर्बोटॉप ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट AN-12 में 102 यात्री सवार थे। सात फरवरी 1968 को चंडीगढ़ से लेह जाने के दौरान विमान लापता हो गया था। इस विमान में थॉमस चेरियन भी शामिल थे। एक अधिकारी ने बताया कि खोज अभियान के दौरान बरामद किए गए चार शव में थॉमस का भी शव शामिल था। इस बर्फीले क्षेत्र में चार दशकों तक पीड़ितों के शव खोए रहे।
56 साल बाद मिला थॉमस चेरियन का शव
थॉमस चेरियन पथानामथिट्टा जिले के एलनथूर के रहने वाले थे। उनके परिजनों ने कहा, हमें नहीं मालूम कि इस स्थिति को कैसे समझाया जाए। हम खुश और दुखी हैं। चेरियन की बहन ने बताया कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उन्हें अपने प्यारे भाई को विदाई देने का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा, "मैं महज 12 साल की थी, जब एयरक्राफ्ट हादसा हुआ। मेरे पास अभी भी भाई की यादें हैं। वह हमारे लिए बहुत सारी चीजें लाया करता था।" यह हादसा तब हुआ, जब चेरियन अपनी ट्रेनिंग पूरी करने के बाद अपनी पोस्टिंग पर जा रहे थे।
बहन ने कहा कि अब परिवार वाले अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी कर पाएंगे। उन्होंने आगे कहा, "हम उनकी पार्थिव शरीर की बरामदगी को बड़ा आशीर्वाद मानते हैं। हम इसके लिए भगवान का धन्यवाद करते हैं।" चेरियन के छोटे भाई ने शव मिलने की खुशी जताई। हालांकि, इस दौरान चेरियन की कोई तस्वीर न होने पर परिवार वालों ने निराशा व्यक्त की। उन्हें उम्मीद है कि सेना के रिकॉर्ड से उन्हें तस्वीर मिल सकती है।
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सेना अधिकारी ने सोमवार को बताया कि भारतीय सेना के डोगरा स्काउट्स और तिरंगा माउंटेन रेस्क्यू के संयुक्त अभियान के जरिए शव बरामद किया गया। 2003 में अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण संस्थान के पर्वतारोहियों द्वारा मलवे की जानकारी देने के बाद भारतीय सेना के डोगरा स्काउट्स ने कई वर्षों तक अभियान चलाया। डोगरा स्काउट्स 2005, 2006, 2013, और 2019 में खोज अभियानों में सबसे आगे रहा। 2019 तक महज पांच लोगों का ही शव बरामद किया गया। भारतीय सेना ने बताया कि चंद्रभागा पर्वत अभियान ने चार और शवों का पता लगाया।
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56 साल बाद मिला थॉमस चेरियन का शव
थॉमस चेरियन पथानामथिट्टा जिले के एलनथूर के रहने वाले थे। उनके परिजनों ने कहा, हमें नहीं मालूम कि इस स्थिति को कैसे समझाया जाए। हम खुश और दुखी हैं। चेरियन की बहन ने बताया कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उन्हें अपने प्यारे भाई को विदाई देने का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा, "मैं महज 12 साल की थी, जब एयरक्राफ्ट हादसा हुआ। मेरे पास अभी भी भाई की यादें हैं। वह हमारे लिए बहुत सारी चीजें लाया करता था।" यह हादसा तब हुआ, जब चेरियन अपनी ट्रेनिंग पूरी करने के बाद अपनी पोस्टिंग पर जा रहे थे।
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बहन ने कहा कि अब परिवार वाले अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी कर पाएंगे। उन्होंने आगे कहा, "हम उनकी पार्थिव शरीर की बरामदगी को बड़ा आशीर्वाद मानते हैं। हम इसके लिए भगवान का धन्यवाद करते हैं।" चेरियन के छोटे भाई ने शव मिलने की खुशी जताई। हालांकि, इस दौरान चेरियन की कोई तस्वीर न होने पर परिवार वालों ने निराशा व्यक्त की। उन्हें उम्मीद है कि सेना के रिकॉर्ड से उन्हें तस्वीर मिल सकती है।
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सेना अधिकारी ने सोमवार को बताया कि भारतीय सेना के डोगरा स्काउट्स और तिरंगा माउंटेन रेस्क्यू के संयुक्त अभियान के जरिए शव बरामद किया गया। 2003 में अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण संस्थान के पर्वतारोहियों द्वारा मलवे की जानकारी देने के बाद भारतीय सेना के डोगरा स्काउट्स ने कई वर्षों तक अभियान चलाया। डोगरा स्काउट्स 2005, 2006, 2013, और 2019 में खोज अभियानों में सबसे आगे रहा। 2019 तक महज पांच लोगों का ही शव बरामद किया गया। भारतीय सेना ने बताया कि चंद्रभागा पर्वत अभियान ने चार और शवों का पता लगाया।