{"_id":"583376894f1c1b9c28b3a718","slug":"family-of-senior-citizen-who-died-in-queue-moves-sc-seeks-rs-50-lakh-compensation","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुप्रीम कोर्ट पहुंचा कतार में बुजुर्ग की मौत का मामला, 50 लाख मुआवजे की मांग","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
सुप्रीम कोर्ट पहुंचा कतार में बुजुर्ग की मौत का मामला, 50 लाख मुआवजे की मांग
अमर उजाला ब्यूरो/ नई दिल्ली
Updated Tue, 22 Nov 2016 04:05 AM IST
विज्ञापन
- फोटो : Getty Images
नोटबंदी के बाद तीन दिनों तक कतार में खड़े रहने के बावजूद पुराने नोटों को बदलवाने में नाकाम रहने पर हाथरस के एक बुजुर्ग की कथित मौत पर उसके परिजन ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। 70 वर्षीय मृतक सियाराम के बेटे कन्हैया ने 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग की है।
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में कहा गया कि हाथरस के गांव हाजारी निवासी सियाराम के पास एक हजार और छह पांच-पांच सौ के नोट थे। गत आठ नवंबर को केंद्र सरकार द्वारा 500 और 1000 के नोट के प्रचलन पर रोक लगने के बाद सियाराम भी 15 नवंबर को नोट बदलने के लिए बैंक गया था। बैंक में लंबी कतार थी। लिहाजा वह नोट बदलवाने में असफल रहा। अगले दिन भी वह कतार में लगा, लेकिन उस दिन भी वह असफल रहा।
याचिका में कहा गया कि 17 नवंबर को भी सियाराम फिर कतार में लगा था और दोपहर बाद करीब साढ़े तीन बजे उसकी तबियत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। परिवारवालों का एक कहना था कि सियाराम की आमदनी से ही पूरे परिवार को गुजारा होता था। याचिका में कहा कि गया है सरकार की ओर से उचित इंतजाम न होने की वजह से सियाराम की मौत हुई। याचिका में परिजन ने 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में कहा गया कि हाथरस के गांव हाजारी निवासी सियाराम के पास एक हजार और छह पांच-पांच सौ के नोट थे। गत आठ नवंबर को केंद्र सरकार द्वारा 500 और 1000 के नोट के प्रचलन पर रोक लगने के बाद सियाराम भी 15 नवंबर को नोट बदलने के लिए बैंक गया था। बैंक में लंबी कतार थी। लिहाजा वह नोट बदलवाने में असफल रहा। अगले दिन भी वह कतार में लगा, लेकिन उस दिन भी वह असफल रहा।
विज्ञापन
याचिका में कहा गया कि 17 नवंबर को भी सियाराम फिर कतार में लगा था और दोपहर बाद करीब साढ़े तीन बजे उसकी तबियत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। परिवारवालों का एक कहना था कि सियाराम की आमदनी से ही पूरे परिवार को गुजारा होता था। याचिका में कहा कि गया है सरकार की ओर से उचित इंतजाम न होने की वजह से सियाराम की मौत हुई। याचिका में परिजन ने 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग की गई है।
विज्ञापन