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Coronavirus: नकली रेमडिसिविर की जांच में देरी, तीन वैज्ञानिक निलंबित
Sun, 03 Jul 2022 06:33 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sun, 03 Jul 2022 06:33 AM IST
सार
आधिकारियों के अनुसार, अब पता चला है कि निलंबित किए गए तीनों वैज्ञानिकों ने जानबूझकर रेमडिसिविर के गुणवत्ता परीक्षण में देरी की। एजेंसी
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : iStock
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विस्तार
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने कोरोना की दूसरी लहर के दौरान नकली रेमडिसिविर इंजेक्शन की बिक्री के मामले में जांच रिपोर्ट देर से देने पर सेंट्रल ड्रग लैब (सीडीएल) के तीन वैज्ञानिकों को निलंबित कर दिया है। इसके अलावा भारत के औषधि महानियंत्रक वीजी सोमानी को भी सख्ती बरतने को कहा गया है।
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सीडीएल दवा और टीकों की गुणवत्ता परखने के लिए भारत की सबसे बड़ी लैब है। आधिकारियों के अनुसार, अब पता चला है कि निलंबित किए गए तीनों वैज्ञानिकों ने जानबूझकर रेमडिसिविर के गुणवत्ता परीक्षण में देरी की।
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रिपोर्ट देने में की नौ माह देरी
इस लैब में दवाओं की गुणवत्ता रिपोर्ट समय पर दी जाती है और कोरोना काल में ये रिपोर्ट और जल्द दिए जाने के निर्देश थे। लेकिन इन वैज्ञानिकों ने नकली रेमडिसिविर से संबंधित रिपोर्ट 9 महीने की देरी से दी। जून 2021 को पंजाब पुलिस ने रोपड़ से निकली रेमडेसिविर इंजेक्शन की खेप पकड़ी थी। यह घटनाक्रम उस समय हुआ है जब केंद्रीय औषधि गुणवत्ता नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) में घूसखोरी के आरोप चर्चा में हैं।
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