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Fake Currency: नोटबंदी से अब तक पकड़े गए 245 करोड़ के जाली नोट, सरकारी एजेंसियों के लिए अब भी चुनौती
Tue, 03 Jan 2023 06:02 AM IST
गुलाम अहमद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गुलाम अहमद
Updated Tue, 03 Jan 2023 06:02 AM IST
सार
Fake Currency: एनसीआरबी के मुताबिक, सबसे ज्यादा 92.17 करोड़ रुपये मूल्य के जाली नोट 2020 में जब्त हुए, जबकि 2016 में सबसे कम 15.92 करोड़ के जाली नोट मिले थे।
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विस्तार
नोटबंदी का एक अहम उद्देश्य जाली नोटों को खत्म करना भी था, लेकिन नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के आंकड़ों के अनुसार, देश में जाली नोट आज भी चुनौती बने हुए हैं। साल 2016 में हुई नोटबंदी से साल 2021 तक कुल 245.33 करोड़ रुपये मूल्य के जाली नोट सरकारी एजेंसियों ने देशभर में जब्त किए हैं।
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एनसीआरबी के मुताबिक, सबसे ज्यादा 92.17 करोड़ रुपये मूल्य के जाली नोट 2020 में जब्त हुए, जबकि 2016 में सबसे कम 15.92 करोड़ के जाली नोट मिले थे। इसके अलावा, 2017 में 55.71 करोड़, 2018 में 26.35 करोड़, 2019 में 34.79 करोड़ और 2021 में 20.39 करोड़ रुपये मूल्य के जाली नोट मिले। आरबीआई ने अपनी सालाना रिपोर्ट में बताया कि 2021-22 में बैंकिंग सेक्टर में 93.1 फीसदी जाली नोट बैंकों ने तो 6.9 फीसदी आरबीआई ने पकड़े।
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500 के सबसे ज्यादा जाली नोट
आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक, सबसे ज्यादा 500 रुपये के 79,669 जाली नोट 2021-22 में बरामद हुए तो 2,000 के भी 13,604 जाली नोट मिले। कुल 2,30,971 जाली नोट 2021-22 में मिले, उसके पिछले वर्ष संख्या 2,08,625 और 2019-20 में 2,96,695 थी।
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50 और 100 रुपये के जाली नोट घटे
2021-22 के दौरान 10, 20, 200, 500 और 2,000 रुपये के जाली नोटों की संख्या वित्त वर्ष 2020-21 के मुकाबले क्रमश: 16.4, 11.7, 101.9 और 54.6% बढ़ी। 50 और 100 रुपये के जाली नोटों की संख्या क्रमश: 28.7 और 16.7 फीसदी घटी।