फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   External Affairs Minister S Jaishankar says Unanimous support on need to stand with Lanka in difficult time

S Jaishankar On Sri Lanka: विदेश मंत्री जयशंकर बोले- मुश्किल घड़ी में श्रीलंका के साथ खड़े होने के लिए सर्वसम्मति से समर्थन

Sat, 18 Jun 2022 03:39 PM IST
संजीव कुमार झा पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Sat, 18 Jun 2022 03:39 PM IST
सार

 कटग्रस्त श्रीलंका की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए एक पुनर्वास पैकेज तैयार किया जा रहा है। आर्थिक संकट के कारण श्रीलंका में खाने पीने के सामान, दवाएं, रसोई गैस व ईंधन की भारी किल्लत हो गई है। 

विज्ञापन
External Affairs Minister S Jaishankar says Unanimous support on need to stand with Lanka in difficult time
सांसदों के साथ एस जयशंकर - फोटो : Social media

विस्तार

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को श्रीलंका की स्थिति पर संसदीय सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि बैठक में इस कठिन समय में पड़ोसी देश के साथ खड़े होने की आवश्यकता पर सभी ने एकजुटता से समर्थन दिया। जयशंकर ने विदेश मामलों की संसदीय सलाहकार समिति की बैठक में भाग लेने वाले सांसदों के साथ तस्वीरें भी पोस्ट कीं। बैठक में विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन, मीनाक्षी लेखी और राजकुमार रंजन सिंह भी शामिल हुए। जयशंकर ने कहा कि भारत की ओर से श्रीलंका की मदद के लिए की गई चर्चा सार्थक रही।

विज्ञापन


आजादी के बाद का भीषण आर्थिक संकट
श्रीलंका 1948 में ब्रिटेन से आजादी मिलने के बाद से सबसे भीषण आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। श्रीलंका सरकार ने कहा है कि हम इस कठिन समय में आईएमएफ की नीतियों का समर्थन करते हुए मदद चाहते हैं। श्रीलंका आईएमएफ समेत विश्व के अन्य संस्थानों से चार-पांच अरब डॉलर की सहायता चाहता है। 
विज्ञापन


कंगाल हो चुका है देश, डिफॉल्टर बना
श्रीलंका अपने इतिहास में पहली बार विदेशी कर्ज चुकाने में विफल रहा था। देश लगभग कंगाल हो चुका है। विदेशी मुद्रा के घोर संकट के कारण ही वह डिफॉल्टर बना। अप्रैल में उसने एलान किया था कि वह इ साल 7 अरब डॉलर के विदेशी कर्ज की अदायगी टाल दी है। उसे 2026 तक कुल 25 अरब डॉलर का कर्ज चुकाना है। उस पर कुल 51 अरब डॉलर का कर्ज है।  प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने कहा है कि आईएमएफ के साथ आर्थिक पुनर्वास समझौता देश की वित्तीय जरूरतों की पूर्ति के लिए महत्वपूर्ण होगा। वहीं, राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे ने स्वीकार किया है कि देश को बहुत पहले ही आईएमएफ से सहायता मांगनी चाहिए थी। भारत ने पड़ोसी धर्म निभाते हुए इस साल जनवरी से श्रीलंका की आर्थिक मदद की है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed