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MEA: 'राजनीति तो राजनीति है..' मालदीव के साथ बढ़ते विवाद पर विदेश मंत्री जयशंकर ने तोड़ी चुप्पी, कही ये बात
Mon, 15 Jan 2024 11:54 AM IST
काव्या मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागपुर
Published by: काव्या मिश्रा
Updated Mon, 15 Jan 2024 11:54 AM IST
सार
भारत और मालदीव के बीच राजनयिक विवाद उस समय पैदा हुआ जब मालदीव के तीन नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की। भारत ने इसकी कड़ी निंदा की और विरोध दर्ज कराने के लिए मालदीव के राजदूत को तलब किया।
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S Jaishankar
- फोटो : Social Media
विस्तार
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने आखिरकार मालदीव के साथ चल रहे राजनयिक विवाद पर चुप्पी तोड़ी। उन्होंने कहा कि इसकी कोई जिम्मेदारी नहीं ले सकता कि हर कोई हर समय भारत का समर्थन ही करेगा।
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हर समय हमसे...
मालदीव के साथ हाल में नागपुर में टाउनहॉल बैठक में पैदा हुए तनाव के बारे में पूछे जाने पर जयशंकर ने कहा, 'राजनीति तो राजनीति है। मैं गारंटी नहीं दे सकता कि हर देश में हर कोई हर समय हमारा समर्थन करेगा या हमसे सहमत होगा।' उन्होंने आगे कहा, 'हम जो करने की कोशिश कर रहे हैं, वो है देशों के साथ संपर्क को मजबूत बनाना। हम काफी हद तक सफल हुए हैं। हमने पिछले 10 सालों में कई देशों से अच्छे संबंध बनाए हैं।'
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राजनीतिक हो सकती है उतार-चढ़ाव वाली
जयशंकर ने राजनीतिक संबंधों में उतार-चढ़ाव के बावजूद लोगों के बीच सकारात्मक भावनाओं को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित करते हुए वैश्विक स्तर पर मजबूत संबंध बनाने के लिए पिछले एक दशक में भारत के प्रयासों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि राजनीति उतार-चढ़ाव वाली हो सकती है, लेकिन उस देश के लोगों की भारत के प्रति अच्छी भावनाएं हैं और वे अच्छे संबंध रखने के महत्व को समझते हैं। इसके अलावा, उन्होंने अन्य देशों में बुनियादी ढांचे के विकास में भारत की भागीदारी का भी उल्लेख किया।
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उन्होंने कहा, 'कभी-कभी कुछ चीजें सही रास्ते पर नहीं जाती हैं। तब आपको सबकुछ सही करने के लिए तर्क देना पड़ता है।'
यह है विवाद
भारत और मालदीव के बीच राजनयिक विवाद उस समय पैदा हुआ जब मालदीव के तीन नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करते हुए उनकी हालिया लक्षद्वीप यात्रा की आलोचना की। भारत ने इस टिप्पणी की कड़ी निंदा की और विरोध दर्ज कराने के लिए मालदीव के राजदूत को तलब किया। देश के पीएम के बारे में गलत टिप्पणी से भारतीय लोगों में गुस्सा भड़क गया। लोगों ने बॉयकॉट मालदीव नाम से एक अभियान शुरू कर दिया। बढ़ते विवाद को देखते हुए मालदीव सरकार ने अपनी तीनों मंत्रियों को निलंबित कर दिया।