{"_id":"694263761352bd12890720d1","slug":"expelled-odisha-cong-leader-s-letter-to-sonia-gandhi-drafted-with-bjp-mindset-opcc-chief-2025-12-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Odisha: 'मोहम्मद मोकिम का सोनिया गांधी को लिखा पत्र भाजपा की मानसिकता से प्रेरित', OPCC प्रमुख ने साधा निशाना","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Odisha: 'मोहम्मद मोकिम का सोनिया गांधी को लिखा पत्र भाजपा की मानसिकता से प्रेरित', OPCC प्रमुख ने साधा निशाना
Wed, 17 Dec 2025 01:32 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर।
Published by: निर्मल कांत
Updated Wed, 17 Dec 2025 01:32 PM IST
सार
Odisha: ओपीसीसी अध्यक्ष भक्त चरण दास ने निलंबित कांग्रेस नेता मोहम्मद मोकिम के सोनिया गांधी को लिखे पत्र को भाजपा की मानसिकता से प्रेरित बताया और कहा कि इससे साफ होता है कि वह पार्टी में रहना ही नहीं चाहते थे।
विज्ञापन
मोहम्मद मोकिम
- फोटो : एएनआई (फाइल)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ओडिशा प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष भक्त चरण दास ने कहा कि निष्कासित कांग्रेस नेता मोहम्मद मोकिम का हाल में सोनिया गांधी को लिखा गया पत्र 'भाजपा की मानसिकता' से तैयार किया हुआ लगता है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर सवाल उठाने वाला यह पत्र भाजपा के पसंदीदा मुद्दों से भरा हुआ है।
पूर्व विधायक मोकिम को सोमवार को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। उन्होंने अपने पत्र में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की उम्र से जुड़े सवाल उठाए थे। भक्त चरण दास ने मंगलवार शाम पीटीआई से कहा, यह पत्र भाजपा की मानसिकता को दर्शाता है। इसमें उठाए गए मुद्दे वही हैं, जिन्हें भाजपा बार-बार उठाती रहती है।
ये भी पढ़ें: 48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर गोवा लाए गए लूथरा बंधु, 25 मौतों के मामले में चलेगा मुकदमा
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि यह पत्र 14 दिसंबर को उसी दिन सार्वजनिक किया गया, जब कांग्रेस की शीर्ष इकाई अखिल भारतीय कांग्रेस समिति दिल्ली में एक बड़ी रैली कर रही थी। दास ने कहा, पत्र के समय और उसकी सामग्री पर ध्यान दीजिए। इसे स्थानीय मीडिया से ज्यादा राष्ट्रीय मीडिया में फैलाया गया। ऐसे में यह शक करने की पूरी वजह है कि यह पत्र भाजपा के हितों को ध्यान में रखकर लिखा गया।
बाराबती-कटक के पूर्व विधायक के पत्र की मंशा पर सवाल उठाते हुए दास ने कहा कि अगर कोई पार्टी में सुधार लाना चाहता है, तो वह पहले अपने पत्र के जवाब का इंतजार करता है। उन्होंने कहा, सोनिया जी को पत्र देना ठीक है, लेकिन उसे मीडिया में जारी करना गलत है। इससे साफ होता है कि वह कांग्रेस में रहना नहीं चाहते।
ये भी पढ़ें: प्रदूषण से गिरा दिल्ली का 75 प्रतिशत थोक व्यापार, व्यापारी संगठन का दावा, खरीदारी को नहीं आ रहे लोग
ओपीसीसी अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी ने मोकिम को एक बार विधायक रहने के बावजूद पूरा सम्मान दिया था। उन्होंने कहा, उनके व्यवहार से कांग्रेस के प्रति प्रतिबद्धता की कमी झलकती है। कोई व्यक्ति पार्टी में रहकर उसके वरिष्ठ नेताओं को कैसे चुनौती दे सकता है? दास ने यह भी कहा कि मोकिम अल्पसंख्यक समुदाय से होने के कारण ओपीसीसी की राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) के सदस्य थे। उन्होंने कहा, मोकिम पीएसी के पास अपनी बात रख सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।
राहुल गांधी के नेतृत्व पर सवाल उठाने को लेकर दास ने कहा, मोकिम उनके बारे में क्या जानते हैं? राहुल गांधी ने पूरे देश में पदयात्रा की और लोगों को जागरूक किया। क्या अब वह राहुल गांधी जैसे नेता को पत्र लिखकर मार्गदर्शन देंगे? अपने पत्र में मोकिम ने पार्टी के कामकाज में राहुल गांधी की जगह प्रियंका गांधी वाड्रा को 'केंद्रीय, स्पष्ट और सक्रिय नेतृत्व भूमिका' देने की भी मांग की थी।
विज्ञापन
पूर्व विधायक मोकिम को सोमवार को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। उन्होंने अपने पत्र में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की उम्र से जुड़े सवाल उठाए थे। भक्त चरण दास ने मंगलवार शाम पीटीआई से कहा, यह पत्र भाजपा की मानसिकता को दर्शाता है। इसमें उठाए गए मुद्दे वही हैं, जिन्हें भाजपा बार-बार उठाती रहती है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: 48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर गोवा लाए गए लूथरा बंधु, 25 मौतों के मामले में चलेगा मुकदमा
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि यह पत्र 14 दिसंबर को उसी दिन सार्वजनिक किया गया, जब कांग्रेस की शीर्ष इकाई अखिल भारतीय कांग्रेस समिति दिल्ली में एक बड़ी रैली कर रही थी। दास ने कहा, पत्र के समय और उसकी सामग्री पर ध्यान दीजिए। इसे स्थानीय मीडिया से ज्यादा राष्ट्रीय मीडिया में फैलाया गया। ऐसे में यह शक करने की पूरी वजह है कि यह पत्र भाजपा के हितों को ध्यान में रखकर लिखा गया।
बाराबती-कटक के पूर्व विधायक के पत्र की मंशा पर सवाल उठाते हुए दास ने कहा कि अगर कोई पार्टी में सुधार लाना चाहता है, तो वह पहले अपने पत्र के जवाब का इंतजार करता है। उन्होंने कहा, सोनिया जी को पत्र देना ठीक है, लेकिन उसे मीडिया में जारी करना गलत है। इससे साफ होता है कि वह कांग्रेस में रहना नहीं चाहते।
ये भी पढ़ें: प्रदूषण से गिरा दिल्ली का 75 प्रतिशत थोक व्यापार, व्यापारी संगठन का दावा, खरीदारी को नहीं आ रहे लोग
ओपीसीसी अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी ने मोकिम को एक बार विधायक रहने के बावजूद पूरा सम्मान दिया था। उन्होंने कहा, उनके व्यवहार से कांग्रेस के प्रति प्रतिबद्धता की कमी झलकती है। कोई व्यक्ति पार्टी में रहकर उसके वरिष्ठ नेताओं को कैसे चुनौती दे सकता है? दास ने यह भी कहा कि मोकिम अल्पसंख्यक समुदाय से होने के कारण ओपीसीसी की राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) के सदस्य थे। उन्होंने कहा, मोकिम पीएसी के पास अपनी बात रख सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।
राहुल गांधी के नेतृत्व पर सवाल उठाने को लेकर दास ने कहा, मोकिम उनके बारे में क्या जानते हैं? राहुल गांधी ने पूरे देश में पदयात्रा की और लोगों को जागरूक किया। क्या अब वह राहुल गांधी जैसे नेता को पत्र लिखकर मार्गदर्शन देंगे? अपने पत्र में मोकिम ने पार्टी के कामकाज में राहुल गांधी की जगह प्रियंका गांधी वाड्रा को 'केंद्रीय, स्पष्ट और सक्रिय नेतृत्व भूमिका' देने की भी मांग की थी।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन