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Income Tax: 12 लाख तक की वार्षिक इनकम पर छूट, सरकार कर रही बदलाव; मध्यम वर्ग में बचेगा अधिक पैसा

Tue, 01 Apr 2025 08:00 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: राहुल कुमार Updated Tue, 01 Apr 2025 08:00 PM IST
सार

वित्त विधेयक 2025 में नई व्यवस्था के अंतर्गत निवासी व्यक्ति के लिए 12 लाख रुपये तक आय पर एक स्लैब के तहत देय कर के बराबर राशि की छूट बढ़ाने का भी प्रस्ताव किया गया है। नई कर व्यवस्था के अंतर्गत पहले दी गई सीमांत राहत 12 लाख रुपये से थोड़ी अधिक आय पर भी लागू है।

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Exemption on annual income up to 12 lakhs, government is making changes, middle class will save more
आयकर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 
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सदन में 12 लाख रुपये तक की वार्षिक इन्कम पर आयकर से छूट, इसका फायदा किसे होगा, वेतनभोगी करदाताओं को 75 हजार रुपये की अतिरिक्त मानक कटौती भी उपलब्ध, आदि बातों से जुड़े सवाल पूछे गए। कर दरों में कमी और वेतनभोगी व्यक्तियों के लिए मानक कटौती से समग्र वित्तीय राहत के संदर्भ में मध्यम वर्ग को विशेष रूप से कैसे लाभ होगा। इसके जवाब में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया, सभी करदाताओं को लाभ पहुंचाने के लिए स्लैब और दरों में व्यापक बदलाव किए जा रहे हैं। नई संरचना से मध्यम वर्ग के करों में काफी कमी आएगी। इसके चलते उनके हाथों में अधिक पैसा बचेगा। 

मंगलवार को सदन में राज्यसभा सदस्य नरेश बंसल ने वित्त मंत्री से पूछा था कि 'कर' दरों में कमी और वेतनभोगी व्यक्तियों के लिए मानक कटौती से समग्र वित्तीय राहत के संदर्भ में मध्यम वर्ग को विशेष रूप से कैसे लाभ होगा। इसके जवाब में वित्त राज्य मंत्री बोले, सभी करदाताओं को लाभ पहुंचाने के लिए स्लैब और दरों में व्यापक बदलाव किए जा रहे हैं। नई संरचना से मध्यम वर्ग के करों में काफी कमी आएगी। उनके हाथों में अधिक पैसा बचेगा। इससे घरेलू उपभोग, बचत और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। 
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वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया, इसके अलावा, वित्त विधेयक 2025 में नई व्यवस्था के अंतर्गत निवासी व्यक्ति के लिए 12 लाख रुपये तक आय पर एक स्लैब के तहत देय कर के बराबर राशि की छूट बढ़ाने का भी प्रस्ताव किया गया है। नई कर व्यवस्था के अंतर्गत पहले दी गई सीमांत राहत 12 लाख रुपये से थोड़ी अधिक आय पर भी लागू है। वेतनभोगी करदाताओं को 75 हजार रुपये की अतिरिक्त मानक कटौती भी उपलब्ध है। ये उपाय निष्पक्ष, न्यायोचित प्रत्यक्ष कराधान व्यवस्था के सृजन में बड़ी भूमिका निभाएंगे, जिससे देश की कामकाजी वर्ग की आबादी पर प्रत्यक्ष करों का अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा।
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घरेलू उपभोग पर इन कर बदलावों के दीर्घकालिक प्रभाव की निगरानी के लिए क्या उपाय किए जा रहे हैं, इस सवाल के जवाब में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया, कराधान में इन सुधारों के घरेलू उपभोग पर दीर्घकालिक प्रभाव की निगरानी के लिए कोई विशिष्ट या अलग उपाय नहीं हैं। क्या निम्न आय वाले समूहों या ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों, जो विशेष रूप से कर छूट के संदर्भ में प्रस्तावित बदलावों से पूरी तरह लाभान्वित नहीं हो पाएंगे, के लिए कोई अतिरिक्त सुधार प्रस्तावित किए गए हैं, इसके उत्तर में वित्त राज्य मंत्री ने बताया, इस संबंध में ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है। वित्त विधेयक 2025 में प्रस्तावित संशोधित कर संरचना आबादी के सभी आय वर्गों पर सकारात्मक प्रभाव डालेगी और इससे सभी करदाताओं को लाभ होगा। 
 
 
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