{"_id":"571e6c524f1c1bed50a91aae","slug":"exclusive-waqif-died-while-going-to-proctor-office","type":"story","status":"publish","title_hn":"एएमयू कांड: तो भीड़ बढ़ाने आया वाकिफ गवां बैठा जान? ","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
एएमयू कांड: तो भीड़ बढ़ाने आया वाकिफ गवां बैठा जान?
अभिषेक शर्मा/ अमर उजाला, अलिगढ़
Updated Tue, 26 Apr 2016 12:56 AM IST
सार
- कैंपस में हंगामा शुरू होने पर भीड़ बढ़ाने को बुला लिए थे छात्र
- प्रॉक्टर कार्यालय में फायरिंग से भगदड़ पर उसके गोली का शक
विज्ञापन
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, अलीगढ़
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
एएमयू में शनिवार रात जो हुआ, वह बेहद अफसोसजनक है। वाकिफ के परिवार के लिए तो यह घटना जीवनभर का दंश दे गई। क्योंकि परिवार पर कालिख लग गई कि वाकिफ भी उन्हीं उत्पातियों में शामिल था।
विज्ञापन
मगर अब छन-छन कर जो बातें सामने आ रही हैं, उनके अनुसार वाकिफ प्रॉक्टर कार्यालय के अंदर नहीं, बल्कि बाहर रोड पर ओल्ड ब्वायज से यूनियन की ओर जाते वक्त मिला है। इससे लोग यही अंदेशा लगा रहे हैं कि वह भीड़ या दर्शकों में शामिल रहा होगा और भागते समय किसी तरह गोली उसके सिर में जा लगी। शनिवार रात वाकिफ के मेडिकल कॉलेज पहुंचने और सिर के रास्ते गोली सीने तक आने की बात सामने आने पर इस चर्चा ने जन्म लिया कि मौके पर तो सिर्फ महताब के गोली लगी थी। यह कहां था।
विज्ञापन
उसी समय से खुद पुलिस व एएमयू स्टाफ यह जानने की कोशिश में लगा रहा कि आखिर वाकिफ को गोली कहां लगी। मगर रविवार तक परिजन भी यही कहते रहे कि वह तो बीटेक प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए एएमयू लाइब्रेरी जाने की कहकर गया था। इधर, जानकार सूत्र बताते हैं कि जिस वक्त हंगामा शुरू हुआ। उस वक्त यूनियन हॉल, लाइब्रेरी व आसपास के हॉस्टलों से छात्रों को यूनियन हॉल पर एकत्रित किया गया। वहां से फायरिंग करते हुए भीड़ प्रॉक्टर कार्यालय आई। अंदर दोनों गुटों में फायरिंग शुरू हो गई।
विज्ञापन
इस बीच तमाम लोग सड़क पर खड़े थे और दोनों ओर से फायरिंग पर भगदड़ मची। अंदेशा जताया जा रहा है कि उसी दौरान किसी की गोली बाहर भीड़ में शामिल वाकिफ को लगी। इसी वजह से वह बाहर सड़क पर पड़ा मिला। इंस्पेक्टर सिविल लाइंस के अनुसार जांच में यह बात साफ हो गई है और महताब की हत्या के मुकदमे में ही वाकिफ की हत्या का आरोप शामिल कर लिया है। परिजनों की ओर से अलग से तहरीर नहीं मिली है।