Exclusive: खालिस्तानियों ने वर्ल्डकप का कोडवर्ड नाम WTC रखा, अफगानिस्तान-बांग्लादेश मैच में रची है ये साजिश
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क्रिकेट विश्वकप में खालिस्तानी आतंकियों ने खतरनाक मंसूबों की रणनीति बनाई है। इस दौरान खालिस्तानी समर्थकों से लेकर उनके कई गुर्गे देश के अलग-अलग स्टेडियम में पहुंचने की योजना बना रहे हैं। इसके लिए बाकायदा सिख फॉर जस्टिस के चीफ पन्नू ने अपने नेटवर्क के माध्यम से अलग अलग देशों से भारत में रह रहे समर्थकों को खतरनाक साजिशों की पूरी स्क्रिप्ट भिजवाई है। खालिस्तानी आतंकियों की ओर से क्रिकेट विश्व कप के दौरान रची जाने वाली साजिशो की जानकारी केंद्रीय खुफिया एजेसियों को न हो इसके लिए बाकायदा क्रिकेट वर्ल्ड कप का नाम बदलकर 'डब्ल्यूटीसी' यानी 'वर्ल्ड टेरर कप' रखा और इस दौरान पूरा खतरनाक खाका इसी नाम के माध्यम से खींचा।
फिलहाल खालिस्तानी आतंकी पन्नू की विश्वकप के दौरान रची जा रही साजिशों की जानकारी केंद्रीय खुफिया एजेंसियों को मिल चुकी है। जिसके मुताबिक सबसे पहले धर्मशाला में खेले जाने वाले अफगानिस्तान और बांग्लादेश के मैच के दौरान बांग्लादेश और अफगानिस्तान के खिलाड़ियों को निशाने पर लेकर सोशल मीडिया के माध्यम से माहौल बिगाड़ने का है। उसके बाद अलग अलग स्टेडियम में खालिस्तानी समर्थकों के साथ कई अन्य खतरनाक और माहौल बिगाड़ने वाली गतिविधियों को आगे बढ़ाने की योजना बनाई है।
केंद्रीय खुफिया एजेसियों को मिली जानकारी के मुताबिक सिख फॉर जस्टिस ने क्रिकेट विश्वकप के दौरान साजिशों को अंजाम देने के लिए बीते सप्ताह बैठकें कीं। बैठक में गुरपतवंत सिंह पन्नू समेत कई अन्य खालिस्तानी आतंकियों ने शिरकत की। केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस दौरान सिख फॉर जस्टिस आतंकी समूह ने वर्ल्ड कप के दौरान सोशल मीडिया पर एक बड़े अभियान को चलाने की साजिश रची है। इस साजिश के तहत सबसे पहले सात अक्तूबर को धर्मशाला में खेले जाने वाले अफगानिस्तान और बांग्लादेश के मैच में खालिस्तान जिंदाबाद स्लोगन के साथ माहौल को खराब करने की पूरी योजना बनाई है। इस दौरान खालिस्तानी आतंकियों ने और उनके समर्थकों ने सोशल मीडिया पर अपने अभियान को आगे बढ़ाने के लिए दुनिया के अलग-अलग देश में अपनी टीमों को भी अलर्ट कर दिया है।
केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के सूत्रों के मुताबिक सात अक्तूबर को ही सिख फॉर जस्टिस और तमाम अन्य खालिस्तानी समर्थकों समेत आतंकियों की ओर से न सिर्फ बांग्लादेश के बल्कि अफगानिस्तान के खिलाड़ियों को टारगेट करने की योजना है। खुफिया एजेंसियों को मिले इनपुट के मुताबिक धर्मशाला में होने वाले मैच के दौरान बंगाली खिलाड़ियों को टैग करते हुए 'हैशटैग बंगाली' अभियान को आगे बढ़ाने की पूरी योजना बनाई है। सूत्रों के मुताबिक खालिस्तानी आतंकियों और उनके संगठन सिख फॉर जस्टिस ने इस दौरान 'बांग्लादेश इस प्लेइंग विद फायर' के माध्यम से न सिर्फ अफगानी खिलाड़ियों और बांग्लादेश के खिलाड़ियों को भी निशाने पर लेगा। केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के सूत्रों के मुताबिक इस तरह इस दौरान खालिस्तानी आतंकी 'हैशटैग निज्जर' लाकर अपने मंसूबे और प्रोपेगेंडा को इस खेल के माध्यम से फैलाना चाहते हैं।
केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक दुनिया के अलग-अलग देश में बैठकर खालिस्तानी आतंकियों ने क्रिकेट विश्व कप के दौरान माहौल खराब करने की ऐसी बड़ी साजिशें रची हैं। इस दौरान खालिस्तानी आतंकियों ने अपने समर्थकों के बीच में क्रिकेट विश्व कप का नाम बदलकर भी उसको एक कोड वर्ड में बनाकर अलग-अलग तरह की साजिशों को आगे बढ़ाने की योजना बनाई। ताकि उनके द्वारा रची जाने वाली साजिशों की जानकारी भारतीय खुफिया एजेंसियों को किसी भी स्तर पर न पता चले। लेकिन केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने खालिस्तानी आतंकी पन्नू की ओर से क्रिकेट विश्व कप के लिए रची जाने वाली एक-एक साजिश का पहले से ही पता लगा लिया। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जिस तरीके से बीते कुछ दिनों से पन्नू और उसका पूरा आतंकी समूह क्रिकेट विश्व कप के लिए साजिशें रच रहा है, उसकी पूरी जानकारी उनको मिल चुकी है।
केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के सूत्रों के मुताबिक खालिस्तानी आतंकी संगठनों ने यह योजना भी बनाई है कि 19 नवंबर को विश्व कप के फाइनल मैच के दौरान अहमदाबाद में खालिस्तान के प्रोपेगेंडा को आगे बढ़ाएं। इस दौरान आतंकियों ने खालिस्तानी झंडों के साथ विश्वकप क्रिकेट के फाइनल में आतंकी निज्जर का मामला भी सोशल मीडिया से लेकर चोरी छिपे स्टेडियम तक पहुंचाएंगे। हालांकि केंद्रीय खुफिया एजेंसियों से जुड़े सूत्रों का कहना है कि खालिस्तानियों के मंसूबों का उनको पहले ही पता चल चुका है। इसलिए इस इनपुट को न सिर्फ केंद्र बल्कि अन्य जिम्मेदार एजेंसियों से साझा किया जा चुका है। ताकि खालिस्तानी आतंकियों की हर साजिश को वक्त से पहले नाकाम किया जा सके।