संजय राउत ने खास बातचीत में कहा, तिलिस्मी और अय्यारी चालों से सत्ता को हथियाने के प्रयास हो रहे
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आपको ध्यान होगा कि वर्षों पहले टीवी सीरियल 'चंद्रकांता' का प्रसारण होता था।दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाला यह सीरियल देवकीनंदन खत्री द्वारा लिखित उपन्यास चंद्रकान्ता पर आधारित था। राजकुमारी को हथियाने के लिए तिलिस्म और अय्यारी चालों का जमकर इस्तेमाल हुआ। इन दोनों विद्याओं में ज्योतिषी, नजूमी, वैद्य, कारीगर, तांत्रिक, धूर्त और रूप बदलकर अनोखे काम करने वाले ऐसे व्यक्ति शामिल होते थे, जो हर तरह का फन जानते थे।
यही कुछ आज महाराष्ट्र की राजनीति में हो रहा है। जब लोग नींद में होते हैं तो भाजपा के देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री बन जाते हैं। इसके बाद उन्हें बहुमत साबित करने के लिए 30 नवम्बर का समय मिल जाता है। सच यह है कि भाजपा के हाथ आज भी पूरी तरह खाली हैं। सच को गलत और गलत को सही बताकर भाजपा, महाराष्ट्र की सत्ता को 'चन्द्रकान्ता' की भांति तिलिस्मी व अय्यारी चालों से हथियाने का प्रयास कर रही है, मगर वे जीत नहीं सकेंगे।
शिव सेना के नेता और राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने सोमवार को महाराष्ट्र की राजनीति पर अमर उजाला डॉट कॉम के साथ खास बातचीत करते हुए यह बातें कही हैं।
महाराष्ट्र प्रकरण में कौन भारतीय राजनीति को मजबूत कर रहा है और कौन खराब, इस सवाल के जवाब में उनका कहना है, 'कुछ लोग आज भारतीय राजनीति को जबरन ऐसी करवटें लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं, जिससे उसका भविष्य और लोकतांत्रिक मूल्य ही खत्म हो जाएं। कितने दिनों से यही तो प्रयास हो रहा है।' उन्होंने कहा, 'पहले वे लोग (भाजपा की ओर इशारा) शिवसेना के साथ ये सब कर चुके हैं।चुनाव से पहले शिवसेना और भाजपा के बीच समझौता हुआ, यह बात सभी को मालूम है। ढाई ढाई साल मुख्यमंत्री बनने की बात हुई थी, लेकिन चुनावी नतीजे आने के बाद जब भाजपा और शिवसेना आमने सामने बैठे तो वह बात सीधे एक पार्टी में पाले में चली जाती है। वे कहने लगते हैं कि सीएम तो पांच साल हमारा ही रहेगा।अब आप सोच लें कि वो कौन है जो भारतीय राजनीति को जबरन गिरावट की तरफ ले जा रहा है।'
सरासर झूठ बोल रही है भाजपा
महाराष्ट्र में भाजपा का यह कहना है कि एनसीपी, कांग्रेस और शिवसेना का कोई संयुक्त एजेंडा ही नही है। वे सरकार बनाने के लिए जबरदस्ती वाली बात कर रहे हैं। इस पर राउत बोले, ये सरासर झूठ है। जब भाजपा ने चुनाव पूर्व किया गया अपना वादा नहीं निभाया तो महाराष्ट्र को स्थायी सरकार देने के लिए हम तीन दल आगे आ गए। भाजपा अंदरखाते क्या कुछ करती रही, ये तो राम ही जाने। कोई कह दे कि एनसीपी, कांग्रेस और शिवसेना ने जनता से कुछ छिपाया। हमारी कोई भी बैठक होती, उसके बाद हमने तुरंत बता दिया कि क्या बातचीत हुई है। हर बैठक की जानकारी लोगों को दी है। कल कौन सी बैठक है और उसमें कौन कौन आ रहे हैं, ये सूचना भी पहले ही पब्लिक डोमेन में डाल दी। गठबंधन वाले दलों की हर बात आपको बताई है।
राउत ने आगे कहा कि भाजपा ने अल सुबह सीएम को शपथ दिलवा दी। राजभवन ने कब कौन सा पत्र किसे भेजा, किसी को नहीं मालूम। राज्यपाल महोदय ने भाजपा के सीएम देवेंद्र फडणवीस को शपथ दिलाकर उन्हें बहुमत साबित करने के लिए सात दिन का समय भी दे दिया। ये बात भी अधिकारिक तौर पर किसी को नहीं मालूम थी।सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई के दौरान हम सब को यह राज पता लगा है।
इन्हें जब लगा तो एकाएक एंट्री मार दी :
संजय राउत ने कहा कि महाराष्ट्र की जनता कितना इंतजार करे, कोई तो सरकार देगा ही। एनसीपी, शिवसेना और कांग्रेस जब इस मुकाम पर पहुंच गई तो भाजपा को बुरा लग गया। वह दो दिन पहले मैदान में एंट्री मारती है। उसके हाथ में कोई बहुमत नहीं था। भाजपा ने कथित तौर पर राज्यपाल की मदद से सारा मामला सैट करने का प्रयास किया। जो बातें पब्लिक डोमेन में आनी चाहिए थी, उन्हें रोक दिया गया। एनसीपी के नेताओं पर हर तरह से डोरे डाले जा रहे हैं।
शिव सेना नेता ने कहा कि तिलिस्म और अय्यारी के माहिर हर तरह की चाल चल रहे हैं। एनसीपी नेता अजित पवार को डिप्टी सीएम बना दिया जाता है, जबकि अधिकांश विधायक शरद पवार के साथ बैठे हैं। सच्चाई यह है कि भाजपा अपनी हार मानकर चुप बैठ गई थी। इन्हें जब यह लगा कि ये तीनों दल तो सरकार बनाने के करीब पहुंच गए हैं तो वह केंद्र सरकार की मदद से बीच में आ गई। सीबीआई है और ईडी भी है, इधर मुंबई में लोकल पुलिस है।
संजय राउत ने कहा कि इन एजेंसियों के बलबूते भाजपा लोकतांत्रिक मूल्यों को कुचल रही है। आज की तारीख में एनसीपी, शिवसेना और कांग्रेस पूरी तरह एकजुट व मजबूत है। फिर कह रहा हूं, मैं अभी की बात कर रहा हूं, यदि सुप्रीम कोर्ट एक दो दिन में बहुमत साबित करने का समय तय कर दे तो दुनिया देखेगी कि लोकतंत्र का अपहरण करने वालों का क्या हाल होता है।
कमजोर कड़ी कौन, इस पर क्या बोले संजय राउत...
खास बातचीत में संजय राउत ने कहा कि अब मामला तो सुप्रीम कोर्ट के पाले में है, लेकिन फिर भी मैं पूरे आत्मविश्वास के साथ कह सकता हूं कि अदालत 24 घंटे के भीतर बहुमत साबित करने के लिए कहे तो हम 160 से ज्यादा विधायकों की परेड करा देंगे। ध्यान रहे कि यहां बात 24 घंटे की हो रही है। अब यदि बहुमत साबित करने के लिए दस दिन बोलेंगे तो इसका मतलब क्या होगा। उन लोगों को हॉर्स ट्रेडिंग का मौका मिल जाएगा।
संजय राउत ने कहा कि आप देखें कि एनसीपी के जो विधायक इधर उधर हुए थे, वे वापस आए हैं। हमने राज्यपाल को भी इससे दो चार ज्यादा ही विधायकों के नाम दिए हैं, सुप्रीम कोर्ट के समक्ष भी विधायकों की संख्या बताई है।
उन्होंने कहा कि भाजपा का अब यह प्रयास है कि किसी भी तरह से उन्हें बहुमत साबित करने के लिए अधिक से अधिक समय मिल जाए। वे इस अवधि में आसानी से हॉर्स ट्रेडिंग कर सकेंगे। एनसीपी और कांग्रेस को इस बाबत सोचना होगा। इन दोनों पार्टियों को लगातार अपने विधायकों के टच में रहना है। कहां से, कौन सा तिलिस्मी अय्यार निकल आए, पता नहीं।
'जीत तब होती जब ठान लिया जाता है'
संजय राउत ने कहा, 'हार हो जाती है जब मान लिया जाता है। जीत तब होती जब ठान लिया जाता है।' उन्होंने आगे कहा, 'अगर राज्यपाल हमें अभी बुलाकर बहुमत साबित करने के लिए कहें तो हम मुश्किल से 10 मिनट में बहुमत साबित करके दिखा देंगे। भाजपा भी यह बात जानती है। उसके मन में भय तो बैठ ही गया है। करीब 165 विधायक कांग्रेस, शिवसेना और एनसीपी के साथ हैं। भाजपा चाहती है कि दुनिया के सामने हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों का मजाक न बने तो उसे अपना तिलिस्म और अय्यारी से भरा कदम वापस ले लेना चाहिए।