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Study: भारत से समेत कई देशों में WHO की सीमा से अधिक मैंगनीज वाला पानी पी रहे लोग, नए अध्ययन में क्या चेतावनी?

Fri, 10 Jul 2026 07:01 AM IST
अमन तिवारी अमर उजाला नेटवर्क
अमर उजाला नेटवर्क Published by: अमन तिवारी Updated Fri, 10 Jul 2026 07:01 AM IST
सार

स्विट्जरलैंड के वैज्ञानिकों के अध्ययन के अनुसार दुनिया में 18 से 22 करोड़ लोग ऐसा भूजल पी रहे हैं जिसमें मैंगनीज की मात्रा सुरक्षित सीमा से अधिक है। सबसे ज्यादा जोखिम दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के नदी डेल्टा क्षेत्रों में है, जहां बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है।

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Excess Manganese in Groundwater Poses Health Risk to Millions, Study Warns
भूजल (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

दुनिया में करोड़ों लोगों के लिए भूजल एक नए स्वास्थ्य संकट का कारण बनता जा रहा है। स्विट्जरलैंड के वैज्ञानिकों के ताजा अध्ययन के अनुसार दुनिया में 18 करोड़ से 22 करोड़ लोग ऐसा भूजल पी रहे हैं, जिसमें मैंगनीज की मात्रा विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की अनुशंसित सीमा से अधिक है।
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90 फीसदी खतरा एशिया के घनी आबादी वाले नदी डेल्टा क्षेत्रों में है, जहां बड़ी आबादी आज भी बिना उपचार किए सीधे भूजल का उपयोग करती है। वैज्ञानिकों का कहना है कि लंबे समय तक अधिक मैंगनीज वाले पानी का सेवन विशेष रूप से बच्चों और शिशुओं के मस्तिष्क तथा तंत्रिका तंत्र के विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। मैंगनीज मानव शरीर के लिए आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्व है और सामान्य परिस्थितियों में इसकी जरूरत भोजन से पूरी हो जाती है। लेकिन पीने के पानी में इसकी अधिक मात्रा स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकती है। लंबे समय तक अधिक मात्रा में इसका सेवन तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है। इसी आधार पर डब्ल्यूएचओ ने वर्ष 2021 में पीने के पानी में मैंगनीज की गाइडलाइन वैल्यू 400 माइक्रोग्राम प्रति लीटर से घटाकर 80 माइक्रोग्राम प्रति लीटर कर दी थी। अध्ययन पत्रिका नेचर वाटर में प्रकाशित है।
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एशिया के नदी डेल्टा सबसे अधिक प्रभावित
अध्ययन में दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया को सबसे अधिक जोखिम वाला क्षेत्र बताया गया है। भारत और बांग्लादेश का गंगा-ब्रह्मपुत्र डेल्टा, वियतनाम का मेकांग डेल्टा, हनोई के आसपास का रेड रिवर डेल्टा तथा पाकिस्तान के कुछ हिस्सों में भूजल में मैंगनीज की अधिक मात्रा मिलने की आशंका जताई गई है। अमेरिका में मिसिसिपी नदी के आसपास के कुछ क्षेत्रों में भी जोखिम दर्ज किया गया है । इन इलाकों की नई तलछटी मिट्टी में मैंगनीज अधिक मात्रा में मौजूद रहता है। जब भूमिगत जलभृतों में ऑक्सीजन की कमी होती है तो सूक्ष्मजीव मैंगनीज को घुलनशील रूप में बदल देते हैं, जिससे वह भूजल में मिल जाता है।
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