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Example : डिलीवरी बॉय शेख अब्दुल सत्तार अब करेगा कोडिंग, कड़ी मेहनत से बदल डाला जीवन
Sun, 29 May 2022 06:49 AM IST
योगेश साहू
एजेंसी, विशाखापटनम।
एजेंसी, विशाखापटनम।
Published by: योगेश साहू
Updated Sun, 29 May 2022 06:49 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : iStock
कोई काम छोटा नहीं होता, इस सोच के साथ खाना डिलीवरी कंपनियों का डिलीवरी बॉय तो कभी कार रेंटल कंपनियों के लिए ड्राइवर बनकर शेख अब्दुल सत्तार ने साथ में कोडिंग भी सीखी। इसकी वजह से उसे बेंगलुरू में एक आईटी कंपनी में नौकरी मिल गई है। खास बात है कि आंध्र प्रदेश का अब्दुल कॉलेज के फाइनल ईयर की पढ़ाई भी करता रहा था।
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अपने लिंक्डइन अकाउंट पर उसने लिखा कि वह पिता को वित्तीय मदद करना चाहता था लेकिन अब परिवार को कमजोर आर्थिक स्थिति से उबार सकेगा। उसने बताया कि एक मित्र ने उसे कोडिंग सीखने की सलाह दी थी, जिसे उसने गंभीरता से लेकर कोडिंग कोर्स शुरू किया। सुबह यहां पढ़ने के बाद शाम 6 से रात 12 बजे तक डिलीवरी बॉय व ड्राइविंग करता रहा। एजेंसी
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‘डिलीवरी बॉय विद अ ड्रीम’
अब्दुल ने खुद को ‘डिलीवरी बॉय विद अ ड्रीम’ बताया। लिखा, वह अंतर्मुखी स्वभाव का था, लेकिन लोगों से संपर्क करते हुए उसे कई अनुभव मिले, आत्मविश्वास बढ़ा। एक समय वह एक-एक रुपये को लेकर बहुत सोचता था, लेकिन आज माता-पिता की उधारी चुकाने में सक्षम है।
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