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Kolkata: पुलिस हिरासत में युवक ने की थी आत्महत्या, तत्कालीन थाना प्रभारी को अदालत ने सुनाई पांच साल की सजा
Thu, 23 Feb 2023 02:52 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Thu, 23 Feb 2023 02:52 AM IST
सार
सीबीआई ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के एक आदेश के अनुपालन में मामले को संभाला था और 19 फरवरी, 2001 को अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था।
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(सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
पश्चिम बंगाल के पुरुलिया की अदालत ने आत्महत्या के मामले में तत्कालीन पुलिस अधिकारी को पांच साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। बताया गया है कि पीड़ित को पुलिस अधिकारी ने प्रताड़ित किया।
पुरुलिया के अतिरिक्त जिला न्यायाधीश ने बड़ाबाजार थाने के तत्कालीन प्रभारी अधिकारी अशोक कुमार राय को सजा सुनाई। सीबीआई ने एक बयान में कहा, यह आरोप लगाया गया था कि बुधन सबर ने 16 फरवरी 1998 को पुरुलिया जिला जेल की सेल में आत्महत्या कर ली थी। आरोप है कि अशोक कुमार रॉय ने पुलिस हिरासत में उसे यातनाएं दी थी।
सीबीआई ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के एक आदेश के अनुपालन में मामले को संभाला था और 19 फरवरी, 2001 को अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था। 22 सितंबर 2003 को रॉय के खिलाफ आरोप तय किए गए। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने 46 गवाहों की जांच की, जबकि 75 सबूतों को अदालत ने रिकॉर्ड में लिया। जिसके बाद ट्रायल कोर्ट ने आरोपी को दोषी पाया।
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पुरुलिया के अतिरिक्त जिला न्यायाधीश ने बड़ाबाजार थाने के तत्कालीन प्रभारी अधिकारी अशोक कुमार राय को सजा सुनाई। सीबीआई ने एक बयान में कहा, यह आरोप लगाया गया था कि बुधन सबर ने 16 फरवरी 1998 को पुरुलिया जिला जेल की सेल में आत्महत्या कर ली थी। आरोप है कि अशोक कुमार रॉय ने पुलिस हिरासत में उसे यातनाएं दी थी।
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सीबीआई ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के एक आदेश के अनुपालन में मामले को संभाला था और 19 फरवरी, 2001 को अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था। 22 सितंबर 2003 को रॉय के खिलाफ आरोप तय किए गए। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने 46 गवाहों की जांच की, जबकि 75 सबूतों को अदालत ने रिकॉर्ड में लिया। जिसके बाद ट्रायल कोर्ट ने आरोपी को दोषी पाया।
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