फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Ex-minister Santosh Bagrodia gets a clean chit 

कोयला घोटाला: मनमोहन पर नहीं आए आंच इसलिए बगरोडिया को मिली क्लीन चिट 

Sat, 04 Feb 2017 12:13 AM IST
गुंजन कुमार/ अमर उजाला, नई दिल्ली
गुंजन कुमार/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 04 Feb 2017 12:13 AM IST
विज्ञापन
Ex-minister Santosh Bagrodia gets a clean chit 

कोयला घोटाले में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को आरोपों से दूर रखने के लिए तत्कालीन कोयला राज्यमंत्री (एमओएस) संतोष बगरोडिया को सीबीआई ने क्लीन चिट दे दी थी। पूर्व सीबीआई निदेशक रंजीत सिन्हा ने उनके विजिटर डायरी की जांच के सिलसिले में जांचकर्ता एम एल शर्मा को यह दलील दी है।

विज्ञापन


सिन्हा की विजिटर डायरी की जांच का मामला उनका अपने सरकारी आवास पर कोयला आबंटन घोटाले के आरोपियों और दलालों की मुलाकात से जुड़ा है। यूपीए सरकार में कोयला राज्य मंत्री बगरोडिया कोल ब्लॉक आबंटन के फैसलों में शामिल थे और मंत्रालय की कमान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के हाथों में थी।
विज्ञापन

    
जांच से जुड़े सूत्रों ने अमर उजाला से इस बात की पुष्टि की है कि सुप्रीम कोर्ट को दी गई 200 पेज की एम एल शर्मा रिपोर्ट में रंजीत सिन्हा की 2 जनपथ स्थित सरकारी आवास पर आरोपियों से मुलाकातें और उसके बाद लिए गए फैसलों का विस्तार से जिक्र है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

विजिटर डायरी में दर्जन बार इंट्री

Ex-minister Santosh Bagrodia gets a clean chit 

रिपोर्ट के मुताबिक एमओएस बगरोडिया ने 2013-14 में 46 बार रंजित सिन्हा से उनके निवास पर मुलाकात की थी। यह इंट्री विजिटर डायरी में है। बगरोडिया कांग्रेस के पूर्व राज्यसभा सांसद विजय दर्डा की तीन कंपनियों के खिलाफ दायर तीन एफआईआर में से एक में आरोपी थे। लेकिन चार्जशीट से सीबीआई ने बगरोडिया का नाम हटा लिया था। 

सूत्रों के मुताबिक रंजीत सिन्हा ने पूछताछ में एम एल शर्मा को बताया कि अगर बगरोडिया के खिलाफ चार्जशीट दायर करते तो तकनकी तौर पर मंत्रालय के मुखिया के नाते मनमोहन सिंह को भी आरोपी बनाना पड़ता। 

इसी रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि विजय दर्जा और रंजीत सिन्हा की मुलाकातों के बाद उनके और उनकी तीन कंपनियों के खिलाफ कोयला घोटाले के दो केस को बंद किए जाने और एक केस को कमजोर करने का है जिक्र। रिपोर्ट के मुताबिक विजिटर डायरी में विजय दर्डा और उनके बेटे देवेन्द्र दर्डा के नाम की भी करीब दर्जन बार इंट्री है।  


 

सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की विश्वनीयता पर जताया भरोसा

Ex-minister Santosh Bagrodia gets a clean chit 
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : SELF

सीबीआई के पूर्व विशेष निदेशक एम एल शर्मा को सुप्रीम कोर्ट ने रंजीत सिन्हा की विजिटर डायरी और कोयला घोटाले से उसके संबंधों की जांच की जिम्मेदारी सौंपी थी। शर्मा की इसी जांच रिपोर्ट के आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने 23 जनवरी को सीबीआई को अपने ही पूर्व निदेशक के खिलाफ जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने का आदेश दिया है। तीन सदस्यीय एसआईटी की अगुवाई खुद सीबीआई ने नए निदेशक आलोक वर्मा करेंगे। 

आदेश के मुताबिक वर्मा को बाकी दो सदस्यों की जानकारी सुप्रीम कोर्ट को देनी होगी। जांच के प्रगति की जानकारी केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) को भी देने का आदेश दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट खुद पूरे मामले पर नजर रख रहा है। 

सुप्रीम कोर्ट ने अपने ही पूर्व निदेशक के खिलाफ जांच को लेकर सीबीआई की विश्वसनीयता पर  पूरा भरोसा जताया है। विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने संबंधी आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि किसी बाहरी संस्था या  व्यक्ति को एसआईटी गठित करने पर भी विचार किया गया है। लेकिन कोर्ट ने केंद्रीय  जांच एजेंसी सीबीआई पर यकीन जताते हुए एसआईटी की जिम्मेदारी मौजूदा निदेशक को दी। सीबीआई सूत्रों ने बताया कि निदेशक आलोक वर्मा की अगुवाई वाली एसआईटी के दो अन्य सदस्यों का फैसला कर उसकी जानकारी जल्दी ही सुप्रीम कोर्ट को दी जाएगी।  

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed