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मीरा कुमार पंडित नेहरू की कुर्सी पर बैठीं: CEC के खिलाफ विपक्ष का प्रतीकात्मक महाभियोग, क्या बोले राहुल गांधी?
Sun, 01 Nov 2026 01:12 AM IST
अमन तिवारी
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: अमन तिवारी
Updated Sun, 01 Nov 2026 01:12 AM IST
सार
इंडिया गठबंधन ने दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतीकात्मक ‘जनता का महाभियोग’ आयोजित किया। पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने इसकी अध्यक्षता की, जबकि मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रस्ताव पेश किया। राहुल गांधी ने इसे विपक्ष का नया राजनीतिक हथियार बताया।
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मीरा कुमार, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
नई दिल्ली में शनिवार को इंडिया गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतीकात्मक 'जनता का महाभियोग' चलाया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने की। खास बात यह रही कि मीरा कुमार जिस कुर्सी पर बैठकर इस कार्यवाही का संचालन कर रही थीं, वह कभी देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की हुआ करती थी। कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी दी। विपक्षी नेताओं ने इस दौरान चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
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नेहरू की कुर्सी पर बैठकर मीरा कुमार ने की अध्यक्षता
पवन खेड़ा ने एक्स पर बताया कि जिस कुर्सी पर बैठकर मीरा कुमार ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रतीकात्मक महाभियोग की कार्यवाही की, उस पर जवाहरलाल नेहरू अपने पूरे प्रधानमंत्री कार्यकाल के दौरान बैठते थे। खेड़ा के मुताबिक, यह कुर्सी देश के इतिहास के कई महत्वपूर्ण फैसलों की गवाह रही है। उन्होंने कहा कि उसी कुर्सी पर बैठकर मीरा कुमार ने ज्ञानेश कुमार को भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर बने रहने के अयोग्य घोषित किया। खेड़ा ने यह भी दावा किया कि ज्ञानेश कुमार को देश की जनता ने खारिज कर दिया है और उनका पद छोड़ना अब केवल समय की बात है।
पवन खेड़ा ने एक्स पर बताया कि जिस कुर्सी पर बैठकर मीरा कुमार ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रतीकात्मक महाभियोग की कार्यवाही की, उस पर जवाहरलाल नेहरू अपने पूरे प्रधानमंत्री कार्यकाल के दौरान बैठते थे। खेड़ा के मुताबिक, यह कुर्सी देश के इतिहास के कई महत्वपूर्ण फैसलों की गवाह रही है। उन्होंने कहा कि उसी कुर्सी पर बैठकर मीरा कुमार ने ज्ञानेश कुमार को भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर बने रहने के अयोग्य घोषित किया। खेड़ा ने यह भी दावा किया कि ज्ञानेश कुमार को देश की जनता ने खारिज कर दिया है और उनका पद छोड़ना अब केवल समय की बात है।
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मीरा कुमार, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष
- फोटो : पीटीआई
खड़गे ने पेश किया प्रस्ताव, राहुल गांधी ने बताया राजनीतिक हथियार
इंडिया गठबंधन का यह कार्यक्रम कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास 10, राजाजी मार्ग के लॉन में आयोजित किया गया। इसमें विपक्षी सांसदों और नेताओं के साथ नागरिक समाज के सदस्य भी शामिल हुए। कार्यक्रम का स्वरूप संसद की कार्यवाही जैसा रखा गया और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक प्रस्ताव पारित किया गया।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रस्ताव पेश करते हुए आरोप लगाया कि देश में लोगों का मतदान का अधिकार खतरे में है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर काम कर रहा है। वहीं, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस महाभियोग को एक राजनीतिक हथियार बताया। उन्होंने कह यह उन लोगों के खिलाफ है, जिन्होंने भारतीय जनता के वोटों को खत्म करने की साजिश रची है।
इंडिया गठबंधन का यह कार्यक्रम कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास 10, राजाजी मार्ग के लॉन में आयोजित किया गया। इसमें विपक्षी सांसदों और नेताओं के साथ नागरिक समाज के सदस्य भी शामिल हुए। कार्यक्रम का स्वरूप संसद की कार्यवाही जैसा रखा गया और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक प्रस्ताव पारित किया गया।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रस्ताव पेश करते हुए आरोप लगाया कि देश में लोगों का मतदान का अधिकार खतरे में है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर काम कर रहा है। वहीं, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस महाभियोग को एक राजनीतिक हथियार बताया। उन्होंने कह यह उन लोगों के खिलाफ है, जिन्होंने भारतीय जनता के वोटों को खत्म करने की साजिश रची है।
वोट हटाने का आरोप, देशद्रोह के मुकदमे की मांग
विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर चुनाव में वोट हटाकर नतीजों को प्रभावित करने का आरोप लगाया। इंडिया गठबंधन ने मांग की कि उनके खिलाफ देशद्रोह के आरोप में मुकदमा चलाया जाए और उन्हें जेल भेजा जाए। हालांकि, यह संसद में संवैधानिक प्रक्रिया के तहत चलाया गया वास्तविक महाभियोग नहीं था, बल्कि विपक्ष की ओर से आयोजित एक प्रतीकात्मक सार्वजनिक कार्यवाही थी।
विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर चुनाव में वोट हटाकर नतीजों को प्रभावित करने का आरोप लगाया। इंडिया गठबंधन ने मांग की कि उनके खिलाफ देशद्रोह के आरोप में मुकदमा चलाया जाए और उन्हें जेल भेजा जाए। हालांकि, यह संसद में संवैधानिक प्रक्रिया के तहत चलाया गया वास्तविक महाभियोग नहीं था, बल्कि विपक्ष की ओर से आयोजित एक प्रतीकात्मक सार्वजनिक कार्यवाही थी।