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Assam: जब तक भाजपा सरकार तब तक असम में बेदखली, सरमा बोले- हटाए गए लोगों को पेयजल की नीति नहीं
Wed, 21 Dec 2022 01:19 PM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Wed, 21 Dec 2022 01:19 PM IST
सार
सीएम सरमा ने कहा कि भाजपा सरकार बेदखली की कवायद जारी रखेगी और इस बारे में बात करने का कोई मतलब नहीं है। बेदखली एक सतत प्रक्रिया है और यह नहीं रुकेगी। हम पूरे राज्य में और बटाद्रवा में भी वन और सरकारी भूमि को साफ कर देंगे।
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असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा
- फोटो : एएनआई
विस्तार
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा है कि राज्य में बेदखली का काम जारी रहेगा। जब तक असम में भाजपा सरकार रहेगी, तब तक सरकारी और वन भूमि से अवैध कब्जों से खाली कराने का अभियान जारी रहेगा।
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सीएम सरमा ने असम विधानसभा में शून्यकाल के दौरान चर्चा के दौरान यह बात कही। कांग्रेस विधायक कमलाख्या डे पुरकायस्थ ने यह मुद्दा उठाया था। इस पर सीएम सरमा ने कहा कि भाजपा सरकार बेदखली की कवायद जारी रखेगी और इस बारे में बात करने का कोई मतलब नहीं है। बेदखली एक सतत प्रक्रिया है और यह नहीं रुकेगी। हम पूरे राज्य में और बटाद्रवा में भी वन और सरकारी भूमि को साफ कर देंगे।
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कब्जा की गई जमीन छोड़ दें
सरमा ने कहा कि सत्र (वैष्णव मठ), बटाद्रवा की तरह ही असमिया लोगों की पहचान और संस्कृति का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने कहा कि सभी लोगों, चाहे हिंदू हों या मुसलमान, को सत्र की जमीन खाली करनी होगी। हम सभी से अनुरोध करते हैं कि वे कब्जा की गई जमीन को छोड़ दें, नहीं तो हम वहां से बेदखली करेंगे।
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कानून तोड़ा है, इसलिए उनके लिए शिविर नहीं लगा सकते : सरमा
जब कांग्रेस विधायक रकीबुल हुसैन ने सरकार से बटाद्रवा में बेदखल लोगों की पीने के पानी और भोजन जैसी बुनियादी जरूरतों के इंतजाम की अपील की तो मुख्यमंत्री ने कहा, बेदखल लोगों को पानी देने की कोई नीति नहीं है। उन्होंने जमीन पर कब्जा करके कानून तोड़ा है, इसलिए हम उनके लिए शिविर नहीं लगा सकते। यह गैर सरकारी संगठनों का काम है।
असम में सैकड़ों वैष्णव सत्र
बता दें, असम के सत्र वैष्णव परंपरा से जुड़े विशेष केंद्र हैं। असम में इनकी संख्या सैकड़ों में हैं। इन सत्रों में एक नामघर या प्रार्थना घर होता है। 17 वीं सदी में सैकड़ों सत्र स्थापित किए गए। इन्हें कोच राजवंश और अहोम राजवंश का वरदहस्त था।