यात्रियों को टिकट पर कितनी मिलती है सब्सिडी?: राहुल गांधी ने संसद में पूछा सवाल, रेल मंत्री ने दिया यह जवाब
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में बताया कि भारतीय रेलवे हर यात्री को औसतन 45% सब्सिडी दे रही है। सीनियर सिटीजन रियायत बहाल करने के सवाल पर राहुल गांधी के सवाल का रेल मंत्री ने जवाब दिया।
विस्तार
लोकसभा में सीनियर सिटीजन को ट्रेन किराए में दी जाने वाली छूट बहाल करने के मुद्दे पर उठे सवालों के बीच रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्पष्ट किया कि भारतीय रेलवे हर यात्री को औसतन 45 प्रतिशत की सब्सिडी दे रही है। वैष्णव ने लिखित जवाब में बताया कि वित्त वर्ष 2023-24 में रेलवे ने यात्री टिकटों पर 60,466 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी। उन्होंने कहा यदि किसी सेवा की लागत 100 रुपये है, तो यात्री से औसतन 55 रुपये ही लिए जाते हैं यानी हर यात्री को लगभग 45 प्रतिशत की रियायत मिल रही है।
यह जवाब विपक्ष के नेता राहुल गांधी के उस प्रश्र के बाद आया, जिसमें उन्होंने पूछा था कि कोविड-19 महामारी के दौरान बंद की गई सीनियर सिटीजन छूट को सामान्य सेवाएं बहाल होने के बाद भी क्यों लागू नहीं किया गया। रेल मंत्री ने यह भी बताया कि 45 प्रतिशत औसत सब्सिडी के अलावा दिव्यांगजनों की चार श्रेणियों, 11 प्रकार के मरीजों और आठ श्रेणियों के छात्रों को अतिरिक्त रियायतें दी जा रही हैं।
यात्रियों की संख्या पर क्या बोले वैष्णव?
राहुल गांधी ने पिछले 10 वर्षों में रेलवे यात्रियों की संख्या में 13 प्रतिशत कमी का मुद्दा भी उठाया। इस पर वैष्णव ने आंकड़े पेश करते हुए कहा कि कोविड-19 के बाद रेलवे में यात्री संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।
- 2022-23 में 82% वृद्धि (कोविड वर्ष के बाद)
- 2023-24 में 8% वृद्धि
- 2024-25 में 6% वृद्धि
उन्होंने कहा कि रेलवे की सवारी में स्थिर और तेज वृद्धि का रुझान दिख रहा है।
किराया और नई योजनाएं
रेल मंत्री ने कहा कि भारतीय रेलवे के किराए दुनिया के कई देशों की तुलना में काफी कम हैं। साथ ही स्पष्ट किया कि वंदे भारत चेयर कार या स्लीपर ट्रेनों में डायनेमिक किराया लागू करने की कोई योजना नहीं है। रेलवे ने सामान्य श्रेणी के यात्रियों की मांग को देखते हुए पिछले वित्त वर्ष में 1,250 जनरल कोच जोड़े हैं, जबकि चालू वित्त वर्ष में दिसंबर 2025 तक 767 कोच स्थायी रूप से बढ़ाए गए हैं। कम और मध्यम आय वर्ग के यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए रेलवे अगले पांच वर्षों में 17,000 नॉन-एसी (जनरल/स्लीपर) कोच बनाने की योजना पर काम कर रही है। रेल मंत्री ने कहा कि रेलवे का लक्ष्य समाज के सभी वर्गों को किफायती और बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना है।
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