पाकिस्तान के हजार झूठ : हर हमले के सुबूत देने के बाद भी आतंकियों को दे रहा है पनाह
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पुलवामा हमले के सुबूत मांग आतंकियों पर कार्रवाई की गारंटी लेने वाला पाकिस्तान पहले भी हजार बार ऐसे झूठ बोल चुका है। भारत सरकार पाकिस्तान को मुंबई, पठानकोट और उरी हमले के सुबूत सौंप चुकी है, लेकिन दोषियों को सजा मिलना तो दूर उसकी सरपरस्ती में आतंकी भारत के खिलाफ लगातार आतंकी साजिशों को अंजाम दे रहे हैं।
26 नवंबर, 2008 की रात मुंबई में समंदर के रास्ते दाखिल हुए पाकिस्तान के 10 आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग कर 166 लोगों के साथ 18 सुरक्षाकर्मियों की हत्या कर दी थी। इन हमलों में 9 आतंकी मारे गए थे, जबकि एक अजमल कसाब पकड़ा गया था। भारत ने जनवरी, 2009 में ही हमलों से जुड़े सुबूत पाकिस्तान को सौंप दिए थे। हमलावरों से मिले साक्ष्य के आधार पर भारत ने दावा किया था कि आतंकी पाकिस्तान के थे।
अगस्त, 2009 में भी भारत की ओर से पाकिस्तान को डोजियर सौंपा गया। इसमें अजमल कसाब के अलावा कई आतंकी वारदातों में शामिल फहीम अंसारी और सहाबुद्दीन के इकबालिया बयान थे। कसाब ने कुबूल किया था कि दिसंबर, 2007 से जनवरी, 2008 के बीच हथियारों का प्रशिक्षण लेने के दौरान उसकी मुलाकात हाफिज सईद, जकी उर रहमान लखवी और अबु हमजा जैसे लश्कर-ए-ताइबा के शीर्ष आतंकियों से हुई थी।
पाकिस्तान को 2013 में मुंबई हमलों से संबंधित 600 पन्नों के अहम सुबूत सौंपे। इनमें सुप्रीम कोर्ट के फैसले की कॉपी, मारे गए नौ आतंकियों का पोस्टमार्टम करने वाले दो डॉक्टरों व मुख्य जांच अधिकारी के बयान, प्रत्यक्षदर्शियों को जारी समन, मुंबई दौरा करने वाले पाकिस्तान न्यायिक आयोग की मजिस्ट्रेट अदालत में कार्यवाही की कॉपी और पाक के सरकारी वकील की ओर से आतंकियों से बरामद हथियार पेश करने के लिए दिया आवेदन था।
एफबीआई ने भी सौंपे थे साक्ष्य
लंदन के एक अखबार के मुताबिक, अमेरिकी खुफिया एजेंसी एफबीआई ने भी मुंबई हमलों के सुबूत पाकिस्तान को सौंपे थे। इसके अनुसार, लश्कर के गिरफ्तार आतंकी जरार शाह ने पाकिस्तान में पूछताछ के दौरान स्वीकार किया था कि मुंबई हमले के दौरान उसने आतंकियों को निर्देश दिए थे। एफबीआई ने पांच सितारा होटल ताज, ओबरॉय, नरीमन हाउस में घुसे आतंकियों और उनके आकाओं के बीच इंटरनेट के जरिये फोन कॉल का ब्योरा भी इकट्ठा किया था।
हेडली ने भी कुबूला, पाक में रची थी साजिश
इमरान-शरीफ ने भी माना लश्कर का हाथ
पाकिस्तान के पूर्व पीएम नवाज शरीफ स्वीकार कर चुके हैं कि मुंबई हमले में लश्कर आतंकियों का हाथ था। उन्होंने यहां तक माना था कि पाकिस्तान सरकार की मदद से ही आतंकी भारत में घुसे थे। वहीं, पीएम बनने के बाद वाशिंगटन पोस्ट को दिए इंटरव्यू में इमरान ने कहा था कि 26/11 हमले में लश्कर आतंकी शामिल थे। मैंने अपनी सरकार को केस की स्थिति जानने के आदेश दिए हैं। केस को सुलझाना हमारे लिए जरूरी है, क्योंकि यह आतंकी हमला था।
पठानकोट हमले में शामिल थे पाकिस्तानी आतंकी
पठानकोट एयरबेस पर 2 जनवरी, 2016 में हुए आतंकी हमले में 7 जवान शहीद हो गए थे। हमला जैश आतंकियों ने किया था। उसके 6 आतंकी भी मारे गए थे। खुफिया एजेंसियों ने आतंकियों की फोन कॉल इंटरसेप्ट की थी, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान में परिजनों और आकाओं से बात की थी। पाक में उनके आकाओं के मोबाइल नंबर और आतंकियों के सीमापार से आने के सुबूत पाकिस्तान से साझा किए गए थे। आतंकियों के जीपीएस कॉर्डिनेट्स, कॉल लॉग्स और ट्रांसक्रिप्टस भी पाकिस्तान को सौंपे गए थे।
सीमापार से आए आतंकियों ने किया था उरी हमला
18 सितंबर, 2016 में चार लश्कर आतंकियों ने उरी सैन्य अड्डे पर हमला किया था। हमले में 19 जवान शहीद हुए थे, जबकि चारों आतंकियों को ढेर कर दिया गया था। भारत ने 9 दिन बाद ही तत्कालीन पाकिस्तानी उच्चायुक्त अब्दुल बासित को तलब कर हमले के सुबूत सौंपे थे। विदेश सचिव एस. जयशंकर ने बासित से मुलाकात कर उन्हें बताया कि उरी के एक हमलावर हाफिज अहमद की पहचान हो गई है। वह पाकिस्तान के मुजफ्फराबाद का रहने वाला था। स्थानीय लोगों ने दो अन्य को पकड़कर सेना के हवाले किया था। इनकी पहचान मुजफ्फराबाद के फैजल हुसैन और यासिन खुर्शीद के तौर पर हुई थी।
अमृतसर धमाके के भी तार पाक से जुड़े थे
पंजाब के अमृतसर के राजासांसी में नवंबर, 2018 में हुए ग्रेनेड हमले के तार भी पाकिस्तान से जुड़े थे। इस हमले में इस्तेमाल ग्रेनेड का इस्तेमाल पाकिस्तानी सेना करती है। धमाके में तीन लोग मारे गए थे।