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ESI Scheme: साल के अंत तक देशभर में लागू हो जाएगी स्वास्थ्य बीमा योजना, श्रम मंत्रालय का फैसला
Sun, 19 Jun 2022 09:15 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निर्मल कांत
Updated Sun, 19 Jun 2022 09:15 PM IST
सार
श्रम मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि इस साल के अंत तक ईएसआइ योजना के तहत आंशिक रूप से आने वाले और अभी इसके तहत नहीं आने वाले सभी जिलों को इस योजना के दायरे में लाया जाएगा।
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ESIC, ईएसआईसी,
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
स्वास्थ्य बीमा योजना (ईएसआई) साल के अंत तक देशभर में लागू की जाएगी। योजना अभी पूर्ण रूप से 443 जिलों और आंशिंक रूप से 153 जिलों में लागू है। कुल 148 जिले अभी ईएसआई योजना के दायर में नहीं आते हैं। कर्मचारी राज्य बीमा आयोग (ईएआईसी) ने घोषणा की है कि 2022 के अंत तक यह योजना देशभर में लागू होगी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, श्रम एवं रोजगार मंत्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में रविवार को ईएसआईसी की 188वीं बैठक में देशभर में चिकित्सा सुविधा और सेवा आपूर्ति तंत्र का विस्तार करने का फैसला किया गया। श्रम मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि इस साल के अंत तक ईएसआइ योजना के तहत आंशिक रूप से आने वाले और अभी इसके तहत नहीं आने वाले सभी जिलों को इस योजना के दायरे में लाया जाएगा।
ईएसआईसी ने देशभर में 23 नए 100- बेड वाले अस्पताल स्थापित करने का निर्णय लिया है। इनमें से छह अस्पताल महाराष्ट्र के पालघर, सतारा, पेन, जलगांव, चाकन और पनवेल, चार अस्पताल हरियाणा के हिसार, सोनीपत, अंबाला और रोहतक में और दो अस्पताल तमिलनाडु के चेंगलपट्टू और इरोड में, दो अस्पताल उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद और गोरखपुर में और दो अस्पताल कर्नाटक के तुमकुरू और उड्डुप्पी में खोले जाएंगे।
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वहीं आंध्र प्रदेश के नेल्लोर, छत्तीसगढ़ के बिलासपुर, गोवा के मुलगांव, गुजरात के साणंद, मध्यप्रदेश के जबलपुर, ओडिशा के झारसुगुडा और बंगाल के खड़गपुर में भी एक-एक अस्पताल खोला जाएगा। इन अस्पतालों के अलावा 62 डिस्पेंसरियां, दिल्ली में 12 डिस्पेंसरियां और हरियाणा में 2 डिस्पेंसरियां खोली जाएंगी।
सनथनगर, फरीदाबाद और चेन्नई में तीन ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों में रेडिएशन आन्कोलॉजी और न्यूक्लियर मेडिसिन डिपार्टमेंट स्थापित किए जाएंगे। यह पहली बार होगा जब ईएसआईसी के स्वामित्व वाली सुविधाओं परक ऐसी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा सनथनगर, तेलंगाना और राजस्थान के अलवर में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में दो कैथ लैब स्थापित किए जाएंगे।
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रिपोर्ट्स के मुताबिक, श्रम एवं रोजगार मंत्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में रविवार को ईएसआईसी की 188वीं बैठक में देशभर में चिकित्सा सुविधा और सेवा आपूर्ति तंत्र का विस्तार करने का फैसला किया गया। श्रम मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि इस साल के अंत तक ईएसआइ योजना के तहत आंशिक रूप से आने वाले और अभी इसके तहत नहीं आने वाले सभी जिलों को इस योजना के दायरे में लाया जाएगा।
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ईएसआईसी ने देशभर में 23 नए 100- बेड वाले अस्पताल स्थापित करने का निर्णय लिया है। इनमें से छह अस्पताल महाराष्ट्र के पालघर, सतारा, पेन, जलगांव, चाकन और पनवेल, चार अस्पताल हरियाणा के हिसार, सोनीपत, अंबाला और रोहतक में और दो अस्पताल तमिलनाडु के चेंगलपट्टू और इरोड में, दो अस्पताल उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद और गोरखपुर में और दो अस्पताल कर्नाटक के तुमकुरू और उड्डुप्पी में खोले जाएंगे।
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वहीं आंध्र प्रदेश के नेल्लोर, छत्तीसगढ़ के बिलासपुर, गोवा के मुलगांव, गुजरात के साणंद, मध्यप्रदेश के जबलपुर, ओडिशा के झारसुगुडा और बंगाल के खड़गपुर में भी एक-एक अस्पताल खोला जाएगा। इन अस्पतालों के अलावा 62 डिस्पेंसरियां, दिल्ली में 12 डिस्पेंसरियां और हरियाणा में 2 डिस्पेंसरियां खोली जाएंगी।
सनथनगर, फरीदाबाद और चेन्नई में तीन ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों में रेडिएशन आन्कोलॉजी और न्यूक्लियर मेडिसिन डिपार्टमेंट स्थापित किए जाएंगे। यह पहली बार होगा जब ईएसआईसी के स्वामित्व वाली सुविधाओं परक ऐसी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा सनथनगर, तेलंगाना और राजस्थान के अलवर में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में दो कैथ लैब स्थापित किए जाएंगे।