इन शहरों की फिजाओं पर दिखने लगा Lock Down का असर, हवा की क्वालिटी में आया जबरदस्त सुधार
कोरोनावायरस के चलते इस समय पूरे देशभर में लॉक डाउन कर दिया गया है। सारे कामकाज ठप्प पड़ चुके हैं। लोगों को घरों में रहने की सख्त सलाह दी गई है। ऐसे में बहुत जरूरी काम के लिए ही बाहर निकलने की अनुमति है। इसके अलावा केवल जरूरी चीजों की ही बिक्री और कारोबार हो रहा है। हालांकि, मुसीबत की इस घड़ी में कुछ अच्छी खबरें भी निकल कर सामने आ रही हैं जैसे कि पर्यावरण का साफ होना। दरअसल देशभर में बंदी की घोषणा के बाद हर कोई अपने घरों तक सीमित हो चुका है। ऐसे में गाड़ियों से लेकर फैक्ट्री तक बंद हो चुकी हैं, जिसका असर अब पर्यावरण पर देखने को मिल रहा है। प्रधानमंत्री की अपील के बाद लगाए गए जनता कर्फ्यू के बाद से अब तक में लगातार एयर क्वालिटी इंडेक्स में सुधार दर्ज किया जा रहा है।
इससे पहले की हम आपको देश के कुछ बड़े शहरों की हवा की गुणवत्ता के बारे में बताएं, उससे पहले जान लेते हैं कि किन अंकों के हिसाब से हवा की गुणवत्ता तय होती है।
- 0-50 AQI: साफ हवा
- 51-100 AQI: संतोषजनक
- 101-200 AQI: बीचो-बीच
- 201-300 AQI: खराब
- 301- 400 AQI: बहुत खराब
- 401- 500 AQI: खतरनाक
नई दिल्ली का ITO एरिया जो 2 मार्च तक AIQ के सबसे खतरनाक लेवल में था, अब वहां का AQI, 213 पर आ गया है। हालांकि, अभी भी यहां की हवा की क्लाविटी खराब जोन में ही है। वहीं, दिल्ली का लोधी रोड एरिया का AQI, 230 से घट कर 133 पर आ गया है। यानी की यहा की हवा की क्वालिटी अच्छे और खराब के बीच है।
वहीं, अगर देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की बात करें तो 26 मार्च को वर्ली का AQI, 287 से सीधे 80 पर आ गया है। यानी यह संतोषजनक स्थिति में पहुंच गया है। बता दें कि वर्ली मुंबई की उन चुनिंदा जगहों में से एक है रेजिडेंशियल और बिजेनस दोनों के लिए पहचानी जाती है। वहीं, कोलाबा की AQI में भी जबरदस्त सुधार देखने को मिल रहा है, जहां 26 मार्च को AQI, 92 से घट कर 55 हो गया है।
पुणे में मार्च की शुरुआत में AQI, 184 था जो लॉक-डाउन के बाद घटकर 34 पर आ गया है। यानी कि अब यहां की हवा सांस लेने के लिए बिल्कुल साफ है। चेन्नई का AQI, 135 से 35 पर आ गया है। वहीं, कोलकाता का AQI लेवल 310 से घटकर 151 पर आ गया है।