{"_id":"5a3ad3244f1c1bee6a8b50b3","slug":"engineering-students-do-not-get-jobs-thousands-leave-studies","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"इंजीनियरिंग छात्रों को नहीं मिल रही नौकरी हजारों ने छोड़ी पढ़ाई, कॉलेजों में लगे ताले","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
इंजीनियरिंग छात्रों को नहीं मिल रही नौकरी हजारों ने छोड़ी पढ़ाई, कॉलेजों में लगे ताले
सीमा शर्मा / नई दिल्ली
Updated Thu, 21 Dec 2017 02:46 AM IST
विज्ञापन
JOB IIT
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लाखों खर्च के बाद करोड़ों के पैकेज की चाहत के बीच नौकरी के लाले पड़ने से मायूस छात्र इंजीनियरिंग की पढ़ाई छोड़ रहे हैं। इतना ही नहीं, इंजीनियरिंग के छात्र नहीं मिलने से दर्जनों कॉलेजों पर ताले लग गए हैं। और तो और प्रीमियम संस्थान आईआईटी के प्लेसमेंट में भी पांच फीसदी की गिरावट आई है। छात्रों की पहली पसंद रही इंजीनियरिंग की डिग्री से उनका मोहभंग होता जा रहा है।
तकनीकी शिक्षा में लगातार गिरावट और नौकरी की मांग में कमी के चलते इंजीनियरिंग कॉलेजों में पिछले साल 22 हजार से अधिक छात्रों ने पढ़ाई छोड़ दी। छात्र न मिलने के कारण 62 कॉलेजों में ताला लग गया था। देशभर में सबसे अधिक हरियाणा के 11 कॉलेज बंद हुए वहीं यूपी चौथे नंबर पर था।
पढ़ें- IIT में कोचिंग वाले नहीं, यह छात्र कर रहे कामयाबी का झंडा बुलंद, जानिए वजह
विज्ञापन
सूत्रों के मुताबिक सरकार आईआईटी में छात्रों को अच्छा इंजीनियर बनाने पर लाखों खर्च करती है, लेकिन पिछले साल की तुलना में आईआईटी के प्लेसमेंट में करीब पांच फीसदी तक गिरावट आई है। यह आंकड़ा दिग्गज आईआईटी का है, जो वर्षों से पढ़ाई, शोध पर काम कर हैं। इनमें से कुछ तो दुनिया के सौ सर्वश्रेष्ठ आईआईटी में शुमार हैं। वर्ष 2014-15 में 12553 छात्रों ने प्लेसमेंट में भाग लिया, जिनमें महज 9141 छात्र ही चुने गए। यानी प्लेसमेंट प्रतिशत 72.82 फीसदी रहा। वहीं, वर्ष 2015-16 में 75.79 फीसदी छात्र चुने गए। जबकि 2016-17 में 12525 छात्रों में से 8874 छात्रों को ही नौकरी मिली।
विज्ञापन
तकनीकी शिक्षा में लगातार गिरावट और नौकरी की मांग में कमी के चलते इंजीनियरिंग कॉलेजों में पिछले साल 22 हजार से अधिक छात्रों ने पढ़ाई छोड़ दी। छात्र न मिलने के कारण 62 कॉलेजों में ताला लग गया था। देशभर में सबसे अधिक हरियाणा के 11 कॉलेज बंद हुए वहीं यूपी चौथे नंबर पर था।
विज्ञापन
पढ़ें- IIT में कोचिंग वाले नहीं, यह छात्र कर रहे कामयाबी का झंडा बुलंद, जानिए वजह
विज्ञापन
सूत्रों के मुताबिक सरकार आईआईटी में छात्रों को अच्छा इंजीनियर बनाने पर लाखों खर्च करती है, लेकिन पिछले साल की तुलना में आईआईटी के प्लेसमेंट में करीब पांच फीसदी तक गिरावट आई है। यह आंकड़ा दिग्गज आईआईटी का है, जो वर्षों से पढ़ाई, शोध पर काम कर हैं। इनमें से कुछ तो दुनिया के सौ सर्वश्रेष्ठ आईआईटी में शुमार हैं। वर्ष 2014-15 में 12553 छात्रों ने प्लेसमेंट में भाग लिया, जिनमें महज 9141 छात्र ही चुने गए। यानी प्लेसमेंट प्रतिशत 72.82 फीसदी रहा। वहीं, वर्ष 2015-16 में 75.79 फीसदी छात्र चुने गए। जबकि 2016-17 में 12525 छात्रों में से 8874 छात्रों को ही नौकरी मिली।
चार सालों से रुझान कम होना शुरू हुआ
परिसर में ड्रग्स की सप्लाई का खुलासा होने पर सख्ती
अधिकारी के मुताबिक, इंजीनियरिंग के छात्रों का रुझान करीब चार साल से कम होना शुरू हुआ है। शुरुआत में दक्षिण भारत में तेलंगाना व आंध्र प्रदेश में छात्र कम होते गए। अब हरियाणा व यूपी सबसे आगे हैं। पहली बार वर्ष 2014-15 में 18 कॉलेजों के प्रबंधन ने एआईसीटीई को कॉलेज बंद करने की मांग रखी थी, जिसमें तेेलंगाना, आंध्र प्रदेश व यूपी के कॉलेज थे। पिछले दो सालों से हरियाणा के 11 कॉलेज छात्र न मिलने के कारण बंद हो गए। वहीं, उत्तराखंड व हिमाचल प्रदेश में एक और पंजाब में तीन कॉलेज बंद हुए हैं।