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IIT में कोचिंग वाले नहीं, यह छात्र कर रहे कामयाबी का झंडा बुलंद, जानिए वजह

Tue, 19 Dec 2017 08:25 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, आफताब अजमत
ब्यूरो/अमर उजाला, आफताब अजमत Updated Tue, 19 Dec 2017 08:25 AM IST
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self-study more successful in IIT comparison to coaching
परीक्षा

आईआईटी की प्रवेश परीक्षा में कोचिंग लेने वाले छात्र अधिक सफल नहीं हो रहे है। यह बात आईआईटी की ओर से जारी की जेईई एडवांस 2016 की रिपोर्ट में सामने आई है। परीक्षा में जो छात्र कामयाबी का झंडा बुलंद कर रहे है, जानिए वजह...

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आईआईटी की प्रवेश परीक्षा में कोचिंग नहीं बल्कि खुद तैयारी करने वाले छात्र कामयाबी का झंडा बुलंद कर रहे हैं। देश की सबसे मुश्किल मानी जाने वाली इस परीक्षा की हर साल विश्लेषणात्मक रिपोर्ट तैयार होती है।
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आईआईटी ने हाल ही में जेईई एडवांस 2016 की रिपोर्ट जारी की है। इसके मुताबिक परीक्षा में कामयाब होने वालों में 44.54 प्रतिशत कोचिंग वाले छात्र थे तो 52.37 प्रतिशत खुद तैयारी करने वाले छात्रों ने कामयाबी हासिल की।
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भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) में दाखिले के लिए छात्रों को दो परीक्षाओं से गुजरना पड़ता है। पहली परीक्षा जेईई मेन होती है, जिसका आयोजन सीबीएसई कराता है। इस परीक्षा को पास करने वाले शीर्ष-2.24 लाख अभ्यर्थियों को आईआईटी दाखिले की जेईई एडवांस परीक्षा के लिए चुना जाता है।

जेईई रिपोर्ट-2016 में कई अलग ट्रेंड देखने को मिले हैं। एक ओर गरीबों के बच्चों का आईआईटी में दखल बढ़ा है तो दूसरी ओर ग्रामीण पृष्ठभूमि के छात्रों ने भी आईआईटी में दमदार एंट्री की।

खास बात यह भी सामने आई कि जिन बच्चों के माता-पिता स्नातक पास हैं, उनके बच्चे सर्वाधिक आईआईटी में पहुंचे हैं। आईआईटी में 2016 में दाखिला लेने वाले सरकारी नौकरी पेशा लोगों के बच्चों की संख्या सर्वाधिक पाई गई है।

आंकड़ों पर एक नजर: किस तरह की तैयारी के कितने छात्र हुए सफल

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पढ़ाई
सेल्फ स्टडी : 52.37 प्रतिशत
कोचिंग : 44.54 प्रतिशत
अलग ट्यूशन : 1.17 प्रतिशत
कोरेसपोंडेंस कोर्स : 0.43 प्रतिशत
अन्य : 1.48 प्रतिशत

किस पृष्ठभूमि के कितने छात्र पहुंचे आईआईटी
शहरी स्कूलों के छात्र : 74.36 प्रतिशत
ग्रामीण स्कूलों के छात्र : 25.64 प्रतिशत

किस आय वर्ग के कितने छात्र पहुंचे आईआईटी
अभिभावकों की आय    :    चयनित छात्र प्रतिशत
एक लाख रुपये तक आय    17.10
आठ लाख या इससे ऊपर    16.39
दो से तीन लाख के बीच    9.29
चार से पांच लाख के बीच    9.07
एक से दो लाख के बीच    9.03
तीन से चार लाख के बीच    8.14
पांच से छह लाख के बीच    7.20
छह से सात लाख के बीच    4.23
सात से आठ लाख के बीच    3.81
(छात्र के अभिभावकों की आय के आधार पर)
 

अनपढ़ों के भी 2.51 प्रतिशत बच्चे, सरकारी नौकरी वालों के सबसे ज्यादा बच्चे

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अभिभावकों की शैक्षिक योग्यता    :    छात्रों का प्रतिशत
ग्रेजुएट पास    39.64
पोस्ट ग्रेजुएट पास    26.89
12वीं पास    12.48
अनपढ़    2.51

सरकारी नौकरी वालों के सबसे ज्यादा बच्चे
अभिभावक का पेशा    आईआईटी में चयनित बच्चों का प्रतिशत
सरकारी नौकरी    28.64
बिजनेसमैन    15.57
प्राइवेट नौकरी    10.57
कृषि क्षेत्र    8.42
सार्वजनिक क्षेत्र    5.84
शिक्षक    4.88
इंजीनियर    4.23
स्वरोेजगार    3.47
मेडिकल    1.94
अन्य    1.37
अधिवक्ता    0.82
फार्मेसी    0.18
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