{"_id":"610162048ebc3e5863186f42","slug":"enforcement-directorate-attached-rs-5-crore-worth-assets-in-connection-with-alleged-fraud-in-a-syndicate-bank-fraud-case-in-bengaluru","type":"story","status":"publish","title_hn":"बंगलूरू: ईडी की सिंडिकेट बैंक धोखाधड़ी मामले में बड़ी कार्रवाई, आरोपियों की 5 करोड़ रूपये की संपत्ति जब्त","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
बंगलूरू: ईडी की सिंडिकेट बैंक धोखाधड़ी मामले में बड़ी कार्रवाई, आरोपियों की 5 करोड़ रूपये की संपत्ति जब्त
Wed, 28 Jul 2021 07:26 PM IST
प्रतिभा ज्योति
एएनआई, नई दिल्ली।
एएनआई, नई दिल्ली।
Published by: प्रतिभा ज्योति
Updated Wed, 28 Jul 2021 07:26 PM IST
सार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को कहा कि उसने बंगलूरू सिंडिकेट बैंक से जुड़े कथित धोखाधड़ी मामले में मनी-लॉन्ड्रिंग जांच के संबंध में 5 करोड़ रुपये की संपत्ति को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है।
विज्ञापन
ईडी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केंद्रीय जांच एजेंसी ने मुख्य आरोपी विजय आकाश, मोहम्मद मुस्तफा, एमडी जयराम और अन्य की संपत्ति को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है। यह कुल संपत्ति 4.98 करोड़ रुपये की है और इसमें चल और अचल दोनों संपत्तियां शामिल हैं।
विज्ञापन
ईडी ने कहा कि यह जांच कमर्शियल स्ट्रीट पुलिस स्टेशन बंगलुरु की ओर से दर्ज प्राथमिकी के आधार पर शुरू की गई थी। कथित धोखाधड़ी के सिलसिले में यह प्राथमिकी विजय आकाश, मोहम्मद मुस्तफा, एमडी जयराम (सिंडिकेट बैंक, उत्तरहल्ली शाखा बेंगलुरु के तत्कालीन सहायक शाखा प्रबंधक) और अन्य के खिलाफ दर्ज की गई थी और मामले की जांच की जा रही थी।
विज्ञापन
नकली खाते से हो रही थी धोखाधड़ी
ईडी ने एक बयान में दावा किया कि जयराम, नागराजू, रेवेना, सिद्धगंगैया के साथ आकाश इस साजिश का मास्टरमाइंड था और उन्होंने ही पूरी साजिश की पटकथा लिखी थी। ईडी के मुताबिक उन्होंने कर्नाटक राज्य कृषि विपणन बोर्ड (केएसएएमबी) के नाम से सिंडिकेट बैंक शाखा में एक नकली चालू खाता खोला था। जिसका संचालन मुस्तफा कर रहा था। वह केएसएएमबी के खाता अधिकारी के रूप में नकली और फर्जी दस्तावेजों जैसे बोर्ड संकल्प, आईडी कार्ड, केएसएएमबी के लेटरहेड आदि के आधार पर इस खाते को संचालित कर रहा था।
विज्ञापन
आरोपियों ने खरीदे आभूषण और जमीन
केंद्रीय जांच एजेंसी ने कहा कि उन्होंने बैंक अधिकारी जयराम और अन्य की मदद से फर्जी चालू खाते (केएसएएमबी के) में 50 करोड़ रुपये ट्रांसफर करने में सफलता हासिल कर ली। साथ ही साजिश में शामिल अन्य संस्थाओं और सभी व्यक्तियों के विभिन्न बैंक खातों में 47,16,62,500 रुपये आसानी से ट्रांसफर कर लिए।
ईडी ने आरोप लगाया कि उन संस्थाओं या व्यक्तियों में से प्रत्येक के बैंक खातों का इस्तेमाल नकदी निकालने और आभूषण और जमीन खरीदने के लिए किया गया था। ईडी ने कहा कि आरोपियों की 4.98 करोड़ को चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया गया है।